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किसानों ने सोलानी नदी पर दिया धरना, फसलों का मुआवजा व तटबन्ध बनवाने की मांग की

Tue, 16 Nov 2021 12:09 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 16 Nov 2021 12:09 AM IST
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Demand raised for compensation of crops and construction of embankment
मजलिसपुर तोफिर सोनाली नदी पुल पर जाम लगाकर नारेबाजी करते किसान। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
फसलों का मुआवजा व तटबंध बनवाने की उठाई मांग
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मुजफ्फरनगर, पुरकाजी। उत्तराखंड से सोलानी नदी में आने वाले पानी के नदी से बाहर निकलकर खेतों में घुस जाने से होने वाले फसलों के नुकसान को लेकर सोमवार को खादर क्षेत्र के दर्जनों किसानों ने सोलानी नदी पर धरना दिया। किसानों ने पानी से होने वाले नुकसान का मुआवजा देने व सोलानी नदी का तटबंध बनवाने की शासन से मांग की। मौके पर पहुंचे एसडीएम सदर को ज्ञापन देकर धरना समाप्त किया।
पिछले करीब तीन माह में उत्तराखंड से कई बार सोलानी नदी में पानी छोड़ा जा चुका है। पानी सोलानी नदी से बाहर निकलकर खेतों व जंगलों में घुस जाता है। जिससे खादर क्षेत्र के दर्जनों गांवों के सैकड़ों किसानों की करोड़ों रुपयों की फसलें बर्बाद हो चुकी हैं। शनिवार की रात भी उत्तराखंड से सोलानी नदी में पानी छोड़ा गया था। पानी के नदी से बाहर निकलकर खेतों में घुस जाने से फसलें पूरी तरह डूबकर बर्बाद हो गयी। जिससे आक्रोशित गांव अलमावाला, जिन्दवाला, आयक़ी, शेरपुर, बढिवाला आदि दर्जनों गांवों के सैकड़ों किसान किसान नेता स. कुलवंत सिंह विर्क के नेतृत्व में सोलानी नदी पर पहुंचे और नारे बाजी कर धरने पर बैठ गए।
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किसानों ने शासन से सोलानी नदी में आने वाले पानी से बर्बाद हुई फसलों का मुआवजा देने व सोलानी नदी का तटबंध बनवाने की मांग की। किसानों का कहना है कि उत्तराखंड से बार बार सोलानी नदी में पानी छोड़ा जाता है। जिससे क्षेत्र में सैकड़ों बीघा फसल बर्बाद हो जाने से क्षेत्र के किसानों का करोड़ों रुपयों का नुकसान हो चुका है। मगर शासन की तरफ से नुकसान का मुआवजा नहीं दिया जा रहा है। स. कुलवंत सिंह ने बताया कि जिन किसानों द्वारा अभी हाल ही में खेतों में गेहूं की बुआई की गई थी। शनिवार को सोलानी नदी में छोड़े गए पानी से गेहूं की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गयी है।
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इसके अलावा जिन किसानों के खेतों में अभी गेहूं की बुआई नहीं हुई है। उन किसानों के खेतों में पानी भर जाने से गेहूं की बुआई नहीं हो पाएगी। जिससे किसानों के समक्ष परिवार के पालन पोषण की विकट समस्या आ गयी है। करीब तीन बजे मौके पर पहुंचे एसडीएम सदर परमानंद झा को ज्ञापन देकर धरना समाप्त किया गया। इस दौरान बलिहार सिंह, बूटा सिंह, जसविंदर सिंह, जगतार सिंह, मांगा सिंह, अंग्रेज सिंह, मनजीत सिंह, भगवंत सिंह, गुलजार सिंह आदि सैंकड़ों किसान मौजूद रहे।
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