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बेटे के हत्यारोपियों की गिरफ्तारी की मांग
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बेटे के हत्यारोपियों की गिरफ्तारी की मांग
मुजफ्फरनगर। गांव टंडेढ़ा निवासी युवक की तीन साल पूर्व गांव मथेड़ी में संदिग्ध हालात में हुई मौत के मामले में बेबस पिता कार्रवाई के लिए थाने व अफसरों के चक्कर काट रहा है। पहले पुलिस ने इसे आत्महत्या बताकर एफआर लगा दी थी, लेकिन पांच माह पूर्व कोर्ट के आदेश पर मामले को हत्या में दर्ज किया गया था।
ककरौली थाना क्षेत्र के गांव टंडेढ़ा निवासी नरेंद्र सिंह के इकलौते बेटे मनीष उर्फ मोनू की शादी फरवरी 2010 में रतनपुरी क्षेत्र के गांव मथेड़ी निवासी प्रीति से हुई थी। दोनों के दो बच्चे भी हैं। गत 15 अप्रैल 2017 को मनीष अपने साले की शादी में मथेड़ी गया था। 17 अप्रैल को मनीष की गोली लगी लाश ससुराल के पीछे स्थित खेत की ट्यूबवेल पर मिली थी। मनीष की पत्नी प्रीति ने पति द्वारा खुद को गोली मारने की जानकारी दी थी, जिस पर पुलिस ने मामले को आत्महत्या बताकर इसमें एफआर लगा दी थी।
मनीष के पिता नरेंद्र का आरोप है कि घटना के कुछ समय बाद जब उन्होंने बेटे की पोस्टमार्टम रिपोर्ट निकलवाई तो उसमें गोली एक मीटर की दूरी से लगना लिखा था। गोली भी मनीष के सिर में ही फंसी पाई गई थी। इसके आधार पर कोर्ट में याचिका दायर कर हत्या का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की गुहार लगाई गई, जिस पर फरवरी 2020 में कोर्ट के आदेश पर रतनपुरी पुलिस ने हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली। पीड़ित पिता का कहना है कि हत्या की रिपोर्ट दर्ज हुए पांच माह बीतने के बावजूद पुलिस ने अब तक आरोपियों के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई नहीं की है। इस संबंध में वह लगातार थाने व अफसरों से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं होती। अब पीड़ित पिता ने एडीजी जोन राजीव सब्बरवाल से मामले की शिकायत कर कार्रवाई की गुहार लगाई है।
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मुजफ्फरनगर। गांव टंडेढ़ा निवासी युवक की तीन साल पूर्व गांव मथेड़ी में संदिग्ध हालात में हुई मौत के मामले में बेबस पिता कार्रवाई के लिए थाने व अफसरों के चक्कर काट रहा है। पहले पुलिस ने इसे आत्महत्या बताकर एफआर लगा दी थी, लेकिन पांच माह पूर्व कोर्ट के आदेश पर मामले को हत्या में दर्ज किया गया था।
ककरौली थाना क्षेत्र के गांव टंडेढ़ा निवासी नरेंद्र सिंह के इकलौते बेटे मनीष उर्फ मोनू की शादी फरवरी 2010 में रतनपुरी क्षेत्र के गांव मथेड़ी निवासी प्रीति से हुई थी। दोनों के दो बच्चे भी हैं। गत 15 अप्रैल 2017 को मनीष अपने साले की शादी में मथेड़ी गया था। 17 अप्रैल को मनीष की गोली लगी लाश ससुराल के पीछे स्थित खेत की ट्यूबवेल पर मिली थी। मनीष की पत्नी प्रीति ने पति द्वारा खुद को गोली मारने की जानकारी दी थी, जिस पर पुलिस ने मामले को आत्महत्या बताकर इसमें एफआर लगा दी थी।
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मनीष के पिता नरेंद्र का आरोप है कि घटना के कुछ समय बाद जब उन्होंने बेटे की पोस्टमार्टम रिपोर्ट निकलवाई तो उसमें गोली एक मीटर की दूरी से लगना लिखा था। गोली भी मनीष के सिर में ही फंसी पाई गई थी। इसके आधार पर कोर्ट में याचिका दायर कर हत्या का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की गुहार लगाई गई, जिस पर फरवरी 2020 में कोर्ट के आदेश पर रतनपुरी पुलिस ने हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली। पीड़ित पिता का कहना है कि हत्या की रिपोर्ट दर्ज हुए पांच माह बीतने के बावजूद पुलिस ने अब तक आरोपियों के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई नहीं की है। इस संबंध में वह लगातार थाने व अफसरों से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं होती। अब पीड़ित पिता ने एडीजी जोन राजीव सब्बरवाल से मामले की शिकायत कर कार्रवाई की गुहार लगाई है।
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