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बैंकों में कैश का टोटा, एटीएम से राहत
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Fri, 25 Nov 2016 01:00 AM IST
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दो हजार रुपये का नोट
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नोटबंदी के 16 दिन बाद भी बैंकों में कैश का टोटा बना हुआ है। लंबी कतारों में घंटों लगे रहने के बाद भी लोगों को निराशा हाथ लग रही है। राहत ये है कि एसबीआई ने अपने कुछ एटीएम नियमित कर दिए हैं, जिनसे प्रति व्यक्ति दो हजार रुपये निकल रहे हैं। शहर में कई स्थानों पर कतारों में लगने को लेकर हंगामा भी हुआ। एसबीआई की सुविधा की जिस तरह लोग तारीफ कर रहे हैं वहीं पीएनबी की व्यवस्था सवालों के घेरे में खड़ी है।
नोटबंदी के बाद जनता के सामने नोट बदलने और बैंकों से पैसा लेने की समस्या हल होने का नाम नहीं ले रही है। बैंकों में कैश खत्म होने की समस्या से आम आदमी परेशान है। लंबी लाईन में लगकर अपने खाते से पैसा निकालने के लिए बैंक में चार-पांच घंटे गंवा देने वाले व्यक्ति को जब यह सुनने को मिलता है कि कैश खत्म हो गया है तो वह टूट जाता है। व्यवस्था पर कैसे गुस्सा फूटता है बैंकों के बाहर परेशान लोगों को देखकर इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।
बृहस्पतिवार को एसबीआई के बैंकों में लोगों की लंबी कतारें लगी। एसबीआई यह प्रयास भी कर रहा है कि लोगों की समस्या का हल हो। अन्य बैंकों खासकर लीड बैंक पीएनबी से वह सहयोग नहीं मिल पा रहा है, जिसकी लोगों को उम्मीद थी। शहर के अन्य बैंकों में अधिकतम में बाहर नोटिस चस्पा मिला, जिस पर लिखा था बैंक में कैश नहीं है। शहर के लोगों के लिए राहत की बात यह है कि एसबीआई अपने कुछ एटीएम नियमित रुप से चालू कर दिए हैं। इससे आम आदमी एटीएम से दो हजार का नोट निकाल कर अपनी रोज मर्रा की आवश्यकताओं की पूर्ति कर रहा है।
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एटीएम से मिल रही राहत
मुजफ्फरनगर। शहर में एसबीआई ने अपने अधिकतम एटीएम चालू कर दिए हैं। इन एटीएम पर लोगों की कतारें लगी है,ं लेकिन लगातार पैसा निकलने से भीड़ घट रही है। एटीएम से केवल 2000 का नोट ही निकल पा रहा है। जो केवल कुछ राहत दे रहा है।
डीएम ने ली बैंक अधिकारियों की बैठक
मुजफ्फरनगर। डीएम डीके सिंह ने शाम के समय बैंक अधिकारियों की बैठक ली। एसबीआई के एजीएम विपिन सक्सेना ने बताया कि व्यवस्था धीरे-धीरे नियंत्रित हो रही है। एसबीआई ने अपने 61 में से 59 एटीएम चालू कर दिए हैं। इससे आम आदमी को सीधे पैसा मिलेगा। डीएम ने बैंक अधिकारियों से कहा कि वह उन लोगों को प्राथमिकता के आधार पर पैसा जारी करें जिनके यहां पांच दिसंबर तक शादी हैं। गंभीर बीमार लोगों के परिजनों को भी पैसा देने में नरमी बरती जाए। कोआपरेटिव और ग्रामीण बैंक को पैसा उपलब्ध कराने पर भी एसबीआई के अधिकारी राजी हो गए।
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नोटबंदी के बाद जनता के सामने नोट बदलने और बैंकों से पैसा लेने की समस्या हल होने का नाम नहीं ले रही है। बैंकों में कैश खत्म होने की समस्या से आम आदमी परेशान है। लंबी लाईन में लगकर अपने खाते से पैसा निकालने के लिए बैंक में चार-पांच घंटे गंवा देने वाले व्यक्ति को जब यह सुनने को मिलता है कि कैश खत्म हो गया है तो वह टूट जाता है। व्यवस्था पर कैसे गुस्सा फूटता है बैंकों के बाहर परेशान लोगों को देखकर इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।
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बृहस्पतिवार को एसबीआई के बैंकों में लोगों की लंबी कतारें लगी। एसबीआई यह प्रयास भी कर रहा है कि लोगों की समस्या का हल हो। अन्य बैंकों खासकर लीड बैंक पीएनबी से वह सहयोग नहीं मिल पा रहा है, जिसकी लोगों को उम्मीद थी। शहर के अन्य बैंकों में अधिकतम में बाहर नोटिस चस्पा मिला, जिस पर लिखा था बैंक में कैश नहीं है। शहर के लोगों के लिए राहत की बात यह है कि एसबीआई अपने कुछ एटीएम नियमित रुप से चालू कर दिए हैं। इससे आम आदमी एटीएम से दो हजार का नोट निकाल कर अपनी रोज मर्रा की आवश्यकताओं की पूर्ति कर रहा है।
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एटीएम से मिल रही राहत
मुजफ्फरनगर। शहर में एसबीआई ने अपने अधिकतम एटीएम चालू कर दिए हैं। इन एटीएम पर लोगों की कतारें लगी है,ं लेकिन लगातार पैसा निकलने से भीड़ घट रही है। एटीएम से केवल 2000 का नोट ही निकल पा रहा है। जो केवल कुछ राहत दे रहा है।
डीएम ने ली बैंक अधिकारियों की बैठक
मुजफ्फरनगर। डीएम डीके सिंह ने शाम के समय बैंक अधिकारियों की बैठक ली। एसबीआई के एजीएम विपिन सक्सेना ने बताया कि व्यवस्था धीरे-धीरे नियंत्रित हो रही है। एसबीआई ने अपने 61 में से 59 एटीएम चालू कर दिए हैं। इससे आम आदमी को सीधे पैसा मिलेगा। डीएम ने बैंक अधिकारियों से कहा कि वह उन लोगों को प्राथमिकता के आधार पर पैसा जारी करें जिनके यहां पांच दिसंबर तक शादी हैं। गंभीर बीमार लोगों के परिजनों को भी पैसा देने में नरमी बरती जाए। कोआपरेटिव और ग्रामीण बैंक को पैसा उपलब्ध कराने पर भी एसबीआई के अधिकारी राजी हो गए।