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बुखार से चार की मौत
अमर उजाला ब्यूरो, मुजफ्फरनगर
Updated Wed, 28 Sep 2016 12:19 AM IST
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बुखार पर मौत पर विलाप करते परिजन।
- फोटो : अमर उजाला
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मुजफ्फरनगर के मोरना के गांव चौरावाला में बुखार से दो युवकों और मीरापुर क्षेत्र में भी दो की मौत हो गई। मृतकों के परिवार में कोहराम मचा हुआ है। गांव में एक दर्जन से अधिक ग्रामीण बुखार से पीड़ित हैं। बुखार से ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है।
गांव चौरावाला में 30 वर्षीय पंकज पुत्र विजयपाल और 34 वर्षीय प्रवेश पुत्र जगदीश की बुखार से मौत हो गई। दोनों कई दिनों से बुखार से पीड़ित थे। परिजन उनका निजी चिकित्सकों से उपचार करा रहे थे। मंगलवार को उपचार के दौरान ही दोनों ने दम तोड़ दिया। युवकों की मौत से परिवार में कोहराम मचा है। गांव में बिल्लू, सतपाल, प्रशांत, राजबाला, लेखराज, शिवानी, सोनू, केहर सिंह, जोनी, दीपक, रिक्कू, गोविंद, रवित सहित दर्जनों ग्रामीण बुखार की चपेट में हैं। जिनका अलग चिकित्सकों के यहां इलाज चल रहा है। ग्राम प्रधान बहरोज, भारत, भूषण, विपिन, बब्बू, लालसिंह, ब्रह्म सिंह, टीकाराम, रामवीर, सतवीर आदि ने डीएम और सीएमओ से गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम भेजकर कैंप लगवाए जाने की मांग की है।
मीरापुर। क्षेत्र में बुखार पीड़ितों की मौत का सिलसिला जारी है। सिकंदरपुर में एक पचास वर्षीय व्यक्ति और मुकल्लमपुरा में पांच साल की बच्ची ने बुखार के चलते दम तोड़ दिया।
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मीरापुर के गांव सिकंदरपुर निवासी मोहम्मद नबी (50) पुत्र मोहम्मद यूसुफ की बुखार के कारण मौत हो गई। मोहम्मद नबी एक सप्ताह से बुखार से पीड़ित था। मेरठ के एक अस्पताल में इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। उधर, गांव मुकल्लमपुरा में निवासी मोनू प्रजापति की पांच साल की बेटी मुन्नी की भी बुखार के चलते मौत हो गई। पीड़ित बच्ची को उसके परिजन इलाज के लिए मवाना ले जा रहे थे। रास्ते में ही मुन्नी की मौत हो गई। बच्ची की मौत पर परिवार में शोक व्याप्त है।
बुखार पीड़ित बच्चों के रक्त के नमूने लिए
मीरापुर। रामराज के गांव पुट्ठी इब्राहिमपुर के प्राइमरी स्कूल नंबर 1, 2 के बच्चों का मेडिकल परीक्षण किया गया। डॉ. एमपी सिंह, डॉ. सौरभ कुमार, डॉ. नंदकिशोर, डॉ. वर्षा गर्ग की टीम ने बच्चों का परीक्षण कर बुखार पीड़ितों के रक्त की स्लाइड बनाई। डॉ. नंद किशोर ने बताया की बुखार के चलते क्षेत्र में लगातार कैंप लगाए जा रहे हैं। बीमारी पर अंकुश लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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गांव चौरावाला में 30 वर्षीय पंकज पुत्र विजयपाल और 34 वर्षीय प्रवेश पुत्र जगदीश की बुखार से मौत हो गई। दोनों कई दिनों से बुखार से पीड़ित थे। परिजन उनका निजी चिकित्सकों से उपचार करा रहे थे। मंगलवार को उपचार के दौरान ही दोनों ने दम तोड़ दिया। युवकों की मौत से परिवार में कोहराम मचा है। गांव में बिल्लू, सतपाल, प्रशांत, राजबाला, लेखराज, शिवानी, सोनू, केहर सिंह, जोनी, दीपक, रिक्कू, गोविंद, रवित सहित दर्जनों ग्रामीण बुखार की चपेट में हैं। जिनका अलग चिकित्सकों के यहां इलाज चल रहा है। ग्राम प्रधान बहरोज, भारत, भूषण, विपिन, बब्बू, लालसिंह, ब्रह्म सिंह, टीकाराम, रामवीर, सतवीर आदि ने डीएम और सीएमओ से गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम भेजकर कैंप लगवाए जाने की मांग की है।
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मीरापुर। क्षेत्र में बुखार पीड़ितों की मौत का सिलसिला जारी है। सिकंदरपुर में एक पचास वर्षीय व्यक्ति और मुकल्लमपुरा में पांच साल की बच्ची ने बुखार के चलते दम तोड़ दिया।
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मीरापुर के गांव सिकंदरपुर निवासी मोहम्मद नबी (50) पुत्र मोहम्मद यूसुफ की बुखार के कारण मौत हो गई। मोहम्मद नबी एक सप्ताह से बुखार से पीड़ित था। मेरठ के एक अस्पताल में इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। उधर, गांव मुकल्लमपुरा में निवासी मोनू प्रजापति की पांच साल की बेटी मुन्नी की भी बुखार के चलते मौत हो गई। पीड़ित बच्ची को उसके परिजन इलाज के लिए मवाना ले जा रहे थे। रास्ते में ही मुन्नी की मौत हो गई। बच्ची की मौत पर परिवार में शोक व्याप्त है।
बुखार पीड़ित बच्चों के रक्त के नमूने लिए
मीरापुर। रामराज के गांव पुट्ठी इब्राहिमपुर के प्राइमरी स्कूल नंबर 1, 2 के बच्चों का मेडिकल परीक्षण किया गया। डॉ. एमपी सिंह, डॉ. सौरभ कुमार, डॉ. नंदकिशोर, डॉ. वर्षा गर्ग की टीम ने बच्चों का परीक्षण कर बुखार पीड़ितों के रक्त की स्लाइड बनाई। डॉ. नंद किशोर ने बताया की बुखार के चलते क्षेत्र में लगातार कैंप लगाए जा रहे हैं। बीमारी पर अंकुश लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं।