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गोदाम में डीएपी, समितियों के चक्कर काट रहे किसान

Sat, 13 Nov 2021 12:03 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 13 Nov 2021 12:03 AM IST
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DAP in the warehouse, farmers doing rounds of committees
गोदाम में डीएपी, समितियों के चक्कर काट रहे किसान
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मुजफ्फरनगर। गेहूं बुआई की तैयारी कर रहे किसानों को डीएपी के टोटे का सामना करना पड़ रहा है। अधिकतर साधन सहकारी समितियों पर खाद का स्टॉक खत्म हो गया है। जिला मुख्यालय पर गोदाम में 224 मीट्रिक टन डीएपी रखा हुआ है, लेकिन समितियों के गोदाम खाली है। किसाना समितियों के चक्कर काट रहे हैं। समितियों की ओर से डिमांड भेजने में देरी का खामियाजा किसानों को उठाना पड़ रहा है।
बुढ़ाना किसान सेवा सहकारी समिति और किसान सेवा सहकारी समिति खेड़ा मस्तान पर डीएपी उपलब्ध नहीं है। समिति के चेयरमैन सुरेंद्र सहरावत ने बताया कि पिछले 15 दिन से समिति पर खाद नहीं है। उन्होंने अपनी डिमांड भेजी हुई है ।
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छपार किसान सेवा सहकारी समिति में डीएपी नहीं है। प्रबंध निदेशक प्रीति त्यागी ने इसकी पुष्टि की है। किसान जगमोहन शर्मा का कहना है कि डीएपी न मिलने से गेहूं की बुवाई लेट हो रही है। पोटाश व एनपीके मिलाकर ही गेहूं बोने में डाल रहे हैं।
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पुरकाजी किसान सेवा सहकारी समिति के एमडी बिजेंद्र सिंह ने बताया कि समिति पर डीएपी दो दिन पूर्व खत्म हो गया था। एनपीके व यूरिया उपलब्ध है।
समिति पर डीएपी खाद लेने आये किसान अनुज ने बताया कि डीएपी खाद नहीं मिलने पर एनपीके लेना पड़ा। किसान प्रताप सिंह, गोल्डी राठी ने बताया कि डीएपी खाद नहीं मिलने से गेंहू की बुआई प्रभावित हो रही है।
भौरा कलां की साधन सहकारी समिति लिमिटेड भोरा खुर्द में डीएपी तीन दिन पूर्व समाप्त हो चुका है। संचालक मुकेश कुमार ने बताया एनपीके वे यूरिया उपलब्ध है।
जिले में खाद की उपलब्धता
यूरिया : 6231 मीट्रिक टन
डीएपी : 224 मीट्रिक टन
एनपीके : 1825 मीट्रिक टन
जिले में खाद की कोई कमी नहीं : तेवतिया
जिला कृषि अधिकारी जसवीर सिंह तेवतिया ने बताया कि जिले में खाद की कोई कमी नहीं है। नवंबर माह के अंत तक 2600 मीट्रिक टन की एक रैक हमारे जिले को मिल जाएगी।
निजी दुकानदारों ने हरियाणा बेच दिया डीएपी
किसान मुकेश मलिक ने बताया कि बुढ़ाना की किसी भी दुकान पर डीएपी उपलब्ध नहीं है। किसानों का कहना है कि हरियाणा के किसान आसपास के दुकानदारों से महंगी कीमत देकर डीएपी खरीद कर ले गए। सहकारी समिति व बाजार में डीएपी उपलब्ध नहीं है ।
समितियों को पहले जमा करने होते हैं रुपये
साधन सहकारी समितियों को खाद की डिमांड देती होती है। सहकारी विभाग में पहले डिमांड और खाद की कीमत का चेक जमा करना होता है। इसके बाद समिति को खाद भेजा जाता है।

दुकानों सहित समितियों पर खाद उपलब्ध
खतौली। कस्बे में स्थित गन्ना सोसाइटी सहित निजी दुकानों पर खाद की उपलब्ध काफी है, लेकिन अभी ज्यादा किसान खाद लेने के लिए नही पहुंच रहे है। समिति के स्टोर इंचार्ज संजीव कुमार ने बताया कि सोसाइटी पर 1750 के आसपास डाई उपलब्ध है। वहीं एनपी 123216 नंबर के एक हजार कट्टे उपलब्ध है।
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