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न्याय न मिलने पर दलितों ने बौद्ध धर्म अपनाने की चेतावनी दी
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर
Updated Wed, 31 Jan 2018 12:41 AM IST
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मांगों को लेकर प्रदर्शन करते दलित समाज के लोग।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
इंसाफ नहीं मिलने से आहत भोपा क्षेत्र के पीड़ित दलितों ने धर्म परिवर्तन कर बौद्ध धर्म अपना लेने की चेतावनी दी है। कई भट्ठा मजदूर परिवार महीनों की मेहनत के बाद अपनी मजदूरी के लिए दर-दर भटक रहे हैं। मजदूरों ने गांव के ही ठेकेदार पर मजदूरी के 40 लाख रुपये की मोटी रकम हड़प लेने का आरोप लगाते हुए भोपा पुलिस को तहरीर दी है। आरोपी ठेकेदार के विरुद्ध कार्रवाई की गुहार लगाते हुए मजदूरी की रकम दिलाने की मांग प्रशासन से की है।
भोपा क्षेत्र के गांव तिस्सा में अनुज कुमार के आवास पर ईंट भट्ठा मजदूरों ने बैठक करके बताया कि गांव के ही ठेकेदार लोकेश पुत्र सकटू द्वारा मजदूरों को एकत्र कर पंजाब के शहीद भगत सिंह नगर जिले में स्थित एक ईट भट्ठे पर ले जाया गया। काफी समय तक कार्य करने के बाद भी जब मजदूरी नहीं मिली तो मजदूरों ने इसकी शिकायत की।
इस पर नेशनल कंपेन कमेटी फॉर इरेडिकेशन ऑफ वॉटेंड लेबर की पहल पर सभी 88 मजदूरों को बंधुआ मजदूरी से मुक्त कराते हुए नवा शहर उपखंड अधिकारी की ओर से मुक्ति प्रमाण पत्र प्रदान कर वापस घर भेज दिया गया। हालांकि मजदूरी की रकम को सभी मजदूर आज तक भटक रहे हैं।
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लोकेश ठेकेदार से मजदूरी के 40 लाख रुपये की रकम को दिलाने के लिए वे डीएम मुजफ्फरनगर से भी कई बार गुहार लगा चुके हैं। ठेकेदार लोकेश के विरुद्ध भोपा पुलिस को भी तहरीर दी गई है। इसके बावजूद पुलिस भी कोई कार्रवाई नहीं कर सकी है। जबकि ठेकेदार ने अपना बड़ा व्यापार आरंभ कर दिया है। सभी मजदूर परिवार अपनी मजदूरी के पैसों की प्राप्ति के लिए सरकारी कार्यालयों में चक्कर काटते हुए घूम रहे हैं।
पीड़ित परिवारों ने भोपा पुलिस पर भी ठेकेदार से साठगांठ के गंभीर आरोप लगाते हुए तंग आकर बौद्ध धर्म अपना लेने की चेतावनी दी है। इस दौरान रतनपाल, सन्नी कुमार, ब्रजेश, ब्रजपाल, अनिल, अलका, अनुज, रोशन, सुनीता, मुकेश, रीटा, शिखा, ऋतिका, अंशुल, कमल, मोहर सिंह, अंकित, रजनी, ओमकारी आदि उपस्थित रहे।
थाना भोपा प्रभारी विजय सिंह ने बताया कि मामले की जांच पड़ताल की जा रही है। जांच पड़ताल के बाद ही कार्रवाई की जाएगी। वहीं, दलित नेता संजय रवि ने कहा कि धर्म परिवर्तन कर लेना समस्या का समाधान नहीं है। दलित समाज का वर्षों से शोषण होता आया है।
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भोपा क्षेत्र के गांव तिस्सा में अनुज कुमार के आवास पर ईंट भट्ठा मजदूरों ने बैठक करके बताया कि गांव के ही ठेकेदार लोकेश पुत्र सकटू द्वारा मजदूरों को एकत्र कर पंजाब के शहीद भगत सिंह नगर जिले में स्थित एक ईट भट्ठे पर ले जाया गया। काफी समय तक कार्य करने के बाद भी जब मजदूरी नहीं मिली तो मजदूरों ने इसकी शिकायत की।
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इस पर नेशनल कंपेन कमेटी फॉर इरेडिकेशन ऑफ वॉटेंड लेबर की पहल पर सभी 88 मजदूरों को बंधुआ मजदूरी से मुक्त कराते हुए नवा शहर उपखंड अधिकारी की ओर से मुक्ति प्रमाण पत्र प्रदान कर वापस घर भेज दिया गया। हालांकि मजदूरी की रकम को सभी मजदूर आज तक भटक रहे हैं।
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लोकेश ठेकेदार से मजदूरी के 40 लाख रुपये की रकम को दिलाने के लिए वे डीएम मुजफ्फरनगर से भी कई बार गुहार लगा चुके हैं। ठेकेदार लोकेश के विरुद्ध भोपा पुलिस को भी तहरीर दी गई है। इसके बावजूद पुलिस भी कोई कार्रवाई नहीं कर सकी है। जबकि ठेकेदार ने अपना बड़ा व्यापार आरंभ कर दिया है। सभी मजदूर परिवार अपनी मजदूरी के पैसों की प्राप्ति के लिए सरकारी कार्यालयों में चक्कर काटते हुए घूम रहे हैं।
पीड़ित परिवारों ने भोपा पुलिस पर भी ठेकेदार से साठगांठ के गंभीर आरोप लगाते हुए तंग आकर बौद्ध धर्म अपना लेने की चेतावनी दी है। इस दौरान रतनपाल, सन्नी कुमार, ब्रजेश, ब्रजपाल, अनिल, अलका, अनुज, रोशन, सुनीता, मुकेश, रीटा, शिखा, ऋतिका, अंशुल, कमल, मोहर सिंह, अंकित, रजनी, ओमकारी आदि उपस्थित रहे।
थाना भोपा प्रभारी विजय सिंह ने बताया कि मामले की जांच पड़ताल की जा रही है। जांच पड़ताल के बाद ही कार्रवाई की जाएगी। वहीं, दलित नेता संजय रवि ने कहा कि धर्म परिवर्तन कर लेना समस्या का समाधान नहीं है। दलित समाज का वर्षों से शोषण होता आया है।