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सत्संग और कथाएं गंगा...जमकर लगाओ गोते : स्वरुपानंद
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शुकतीर्थ आश्रय मानव चेतना केंद्र में भागवत कथा सुनाते स्वामी बह्मास्वरुपानन्द महाराज। संवाद
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मोरना। स्वामी ब्रह्मानंद महाराज ने कहा सत्संग और कथाएं गंगा है, श्रद्धालु इसमें जमकर गोते लगाए। संसार का नियम है हम जिसे चाहते हैं वह हमें नहीं चाहता। जो ज्यादा चमकता है समझो नकली होगा। असली से ज्यादा नकली चमकता है।
शुकतीर्थ स्थित आश्रय मानव चेतना केंद्र में भागवत कथा सुनाते हुए कहा कि गंगा ज्ञान का क्षेत्र है, जो अपनी साधना छोड़ दे वह किसी काम का नहीं रहता। कथा सुन छल कपट स्वत ही चला जाएगा। पाप करते समय आपकी अंतरात्मा से आवाज आएगी ऐसा मत करो।
जो लोग अपने अज्ञानवस स्वरूप को नहीं जानते उनको जगत दिखाई देगा। अज्ञानता ने ज्ञान को ढक लिया है, माया को पर्दे को हटाने का काम सत्संग और कथाएं करती हैं। संत और राष्ट्र सेवा कभी निष्फल नहीं जाती। जो भी जीर्ण न्यूनता को प्रदान करेगा वही संत है। किसी की त्रुटि बहुत जल्द दिख जाती है अपनी नहीं।
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शुकतीर्थ स्थित आश्रय मानव चेतना केंद्र में भागवत कथा सुनाते हुए कहा कि गंगा ज्ञान का क्षेत्र है, जो अपनी साधना छोड़ दे वह किसी काम का नहीं रहता। कथा सुन छल कपट स्वत ही चला जाएगा। पाप करते समय आपकी अंतरात्मा से आवाज आएगी ऐसा मत करो।
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जो लोग अपने अज्ञानवस स्वरूप को नहीं जानते उनको जगत दिखाई देगा। अज्ञानता ने ज्ञान को ढक लिया है, माया को पर्दे को हटाने का काम सत्संग और कथाएं करती हैं। संत और राष्ट्र सेवा कभी निष्फल नहीं जाती। जो भी जीर्ण न्यूनता को प्रदान करेगा वही संत है। किसी की त्रुटि बहुत जल्द दिख जाती है अपनी नहीं।

शुकतीर्थ आश्रय मानव चेतना केंद्र में भागवत कथा सुनाते स्वामी बह्मास्वरुपानन्द महाराज। संवाद
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