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Muzaffarnagar News: रजबहे की पटरी टूटने से फसलें जलमग्न, किसानों ने किया प्रदर्शन
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संवाद न्यूज एजेंसी
भोपा। सिकंदरपुर गांव के निकट रजबहे की पटरी टूटने से 50 से भी अधिक किसानों की गन्ने और चारे की सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न हो गई। नाराज किसानों ने पानी के अंदर खड़े हो प्रदर्शन भी किया। किसानों ने सिंचाई विभाग के विरुद्ध भोपा थाने पर पहुंचकर कार्रवाई की मांग की है।
गांव सिकंदरपुर निवासी किसान धर्मवीर, अशोक, गजे सिंह, यशपाल सिंह, विपिन, प्रदीप, चंदकिरण, मोहित, दीपक, राजवीर, अंकित, अमित, रमेश, रामचन्द्र, विकास, किशनपाल, वरुण, सुरेश, सुभाष, रघुवीर, उदयवीर, अंकित, उर्मिला, सौरव और भोपाल आदि किसानों ने बताया कि तीन दिन से रजबहे की पटरी टूटी पड़ी है। इससे 50 से भी अधिक किसानों की गन्ने और चारे की फसल जलमग्न हो गई है। सिंचाई विभाग की लापरवाही के चलते फसल नष्ट होने के कगार पर है।
बताया कि एक वर्ष पहले भी पटरी टूटने से किसानों की फसलों में काफी नुकसान हुआ था। विरोध में किसानों ने फसलों में भरे पानी के बीच खड़े होकर प्रदर्शन किया। इसके बाद भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं के साथ थाने पहुंचकर सिंचाई विभाग के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की। उधर, सिंचाई विभाग टूटी पटरी को दुरुस्त करने की तैयारी में जुटा है।
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भोपा। सिकंदरपुर गांव के निकट रजबहे की पटरी टूटने से 50 से भी अधिक किसानों की गन्ने और चारे की सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न हो गई। नाराज किसानों ने पानी के अंदर खड़े हो प्रदर्शन भी किया। किसानों ने सिंचाई विभाग के विरुद्ध भोपा थाने पर पहुंचकर कार्रवाई की मांग की है।
गांव सिकंदरपुर निवासी किसान धर्मवीर, अशोक, गजे सिंह, यशपाल सिंह, विपिन, प्रदीप, चंदकिरण, मोहित, दीपक, राजवीर, अंकित, अमित, रमेश, रामचन्द्र, विकास, किशनपाल, वरुण, सुरेश, सुभाष, रघुवीर, उदयवीर, अंकित, उर्मिला, सौरव और भोपाल आदि किसानों ने बताया कि तीन दिन से रजबहे की पटरी टूटी पड़ी है। इससे 50 से भी अधिक किसानों की गन्ने और चारे की फसल जलमग्न हो गई है। सिंचाई विभाग की लापरवाही के चलते फसल नष्ट होने के कगार पर है।
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बताया कि एक वर्ष पहले भी पटरी टूटने से किसानों की फसलों में काफी नुकसान हुआ था। विरोध में किसानों ने फसलों में भरे पानी के बीच खड़े होकर प्रदर्शन किया। इसके बाद भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं के साथ थाने पहुंचकर सिंचाई विभाग के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की। उधर, सिंचाई विभाग टूटी पटरी को दुरुस्त करने की तैयारी में जुटा है।
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