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कुकर्मी को तीन साल कैद की सजा
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कुकर्मी को तीन साल की कैद
मुजफ्फरनगर। गांव सुल्तानपुर में 16 साल पहले पालतू बकरी के साथ कुकर्म करने के दोषी को न्यायिक मजिस्ट्रेट बुढ़ाना परवेंद्र सिंह ने तीन साल कैद और जुर्माने की सजा सुनाई है। इस घटना में बकरी की मौत हो गई थी, जिसके दो आरोपी आज तक पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ सके।
बुढ़ाना कोतवाली क्षेत्र के गांव सुल्तानपुर निवासी अकरम ने मुकदमा दर्ज कराते हुए बताया कि 25 नवंबर 2004 की रात वह परिजनों के साथ घर में सोया था। देर रात करीब ढाई बजे आहट होने पर वह उठा तो घर में तीन लोग देखे। इनमें से एक घर से बर्तन चोरी कर रहा था। एक अन्य युवक उसकी पालतू बकरी के साथ कुकर्म कर रहा था। वहीं, तीसरे आरोपी ने बकरी की गर्दन दबाई हुई थी। उसके शोर मचाने पर फैजान और असहान वहां से फरार हो गए, जबकि गांव उमरपुर निवासी इंतजार को रंगेहाथ पकड़ लिया गया। अकरम की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर इंतजार को जेल भेज दिया था, जबकि अन्य दोनों आरोपी आज तक पुलिस के हत्थे नहीं चढ़े। जेल जाने के कुछ समय बाद इंतजार जमानत पर बाहर आ गया था। सेशन सुपुर्द होने के बाद इस मामले की सुनवाई न्यायिक मजिस्ट्रेट बुढ़ाना परवेंद्र सिंह के समक्ष हुई। सहायक अभियोजन अधिकारी पुनीत कुमार ने बताया कि मामले में दो लोगों की गवाही के बाद इंतजार ने दो साल पूर्व अपना जुर्म कुबूल कर लिया था, जिस पर उसे जेल भेज दिया गया था, तभी से इंतजार जेल में बंद है। सहायक अभियोजन अधिकारी पुनीत कुमार ने बताया कि शनिवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट परवेंद्र सिंह ने इंतजार को बकरी के साथ कुकर्म व चोरी का दोषी करार देते हुए उसे तीन साल कैद के साथ ही डेढ़ हजार रुपये जुर्माने की भी सजा सुनाई। इंतजार पिछले दो साल से जेल में बंद हैं, इसके चलते उसे अब केवल एक साल की और सजा काटनी होगी। वहीं, जुर्माना अदा न करने पर चार माह की अतिरिक्त सजा भी काटनी होगी।
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मुजफ्फरनगर। गांव सुल्तानपुर में 16 साल पहले पालतू बकरी के साथ कुकर्म करने के दोषी को न्यायिक मजिस्ट्रेट बुढ़ाना परवेंद्र सिंह ने तीन साल कैद और जुर्माने की सजा सुनाई है। इस घटना में बकरी की मौत हो गई थी, जिसके दो आरोपी आज तक पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ सके।
बुढ़ाना कोतवाली क्षेत्र के गांव सुल्तानपुर निवासी अकरम ने मुकदमा दर्ज कराते हुए बताया कि 25 नवंबर 2004 की रात वह परिजनों के साथ घर में सोया था। देर रात करीब ढाई बजे आहट होने पर वह उठा तो घर में तीन लोग देखे। इनमें से एक घर से बर्तन चोरी कर रहा था। एक अन्य युवक उसकी पालतू बकरी के साथ कुकर्म कर रहा था। वहीं, तीसरे आरोपी ने बकरी की गर्दन दबाई हुई थी। उसके शोर मचाने पर फैजान और असहान वहां से फरार हो गए, जबकि गांव उमरपुर निवासी इंतजार को रंगेहाथ पकड़ लिया गया। अकरम की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर इंतजार को जेल भेज दिया था, जबकि अन्य दोनों आरोपी आज तक पुलिस के हत्थे नहीं चढ़े। जेल जाने के कुछ समय बाद इंतजार जमानत पर बाहर आ गया था। सेशन सुपुर्द होने के बाद इस मामले की सुनवाई न्यायिक मजिस्ट्रेट बुढ़ाना परवेंद्र सिंह के समक्ष हुई। सहायक अभियोजन अधिकारी पुनीत कुमार ने बताया कि मामले में दो लोगों की गवाही के बाद इंतजार ने दो साल पूर्व अपना जुर्म कुबूल कर लिया था, जिस पर उसे जेल भेज दिया गया था, तभी से इंतजार जेल में बंद है। सहायक अभियोजन अधिकारी पुनीत कुमार ने बताया कि शनिवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट परवेंद्र सिंह ने इंतजार को बकरी के साथ कुकर्म व चोरी का दोषी करार देते हुए उसे तीन साल कैद के साथ ही डेढ़ हजार रुपये जुर्माने की भी सजा सुनाई। इंतजार पिछले दो साल से जेल में बंद हैं, इसके चलते उसे अब केवल एक साल की और सजा काटनी होगी। वहीं, जुर्माना अदा न करने पर चार माह की अतिरिक्त सजा भी काटनी होगी।
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