लड़वा के दोहरे हत्याकांड में दो को उम्रकैद
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अभियोजन पक्ष के अनुसार थाना तितावी पर 28 फरवरी 2012 को लड़वा निवासी कुलदीप पुत्र ओमसिंह ने हत्या का नामजद मुकदमा दर्ज कराया था। उसके भाई सोमवीर और धनवीर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटनाक्रम के अनुसार कुलदीप और उसके भाई सोमवीर, धनवीर और भतीजा प्रशांत 28 फरवरी की सुबह अपने खेत पर काम करने गए थे।
वहां पर उसका पड़ोसी अकुंल सरकारी नाली पर पेड़ लगा रहा था, आरोप लगाया कि विरोध किया तो उसने धमकी दी और घर चला गया। जब वे घर पहुुंचे तो प्रमोद व रविपाल पुत्र अनूप सिंह व अंकुल व अशुंल पुत्रगण प्रमोद ने एक राय होकर उन पर फायरिंग की। जिसमें सोमवीर एवं धनवीर की गोली लगने से मौके पर ही मौत हो गई और योगेश व मोहल्ले का सादिक गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
यह मुकदमा अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद राय की अदालत संख्या 4 में चला। इस मुकदमे को सिद्ध करने के लिए अभियोजन पक्ष की ओर से जिला सहायक शासकीय अधिवक्ता पुष्पेंद्र मलिक ने 13 गवाह पेश करते हुए अपनी दलील व सुबूत दिए। न्यायाधीश ने मंगलवार को दोनों पक्षों की दलील व सुबूतों के साथ गवाहों के बयानात पर गौर करते हुए अंकुल व अंशुल को सोमवीर व धनवीर की हत्या करने का दोषी करार देते हुए धारा 302 के तहत आजीवन कारावास के साथ 20-20 हजार रुपयों का जुर्माना व धारा 307 के तहत 5 वर्ष का कारावास और 5-5 हजार रुपयों का जुर्माना की सजा सुनाई है। शेष अभियुक्त प्रमोद और रविपाल को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया है।