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मुरादाबाद से लाए गए तमंचों की खेप पकड़ी
ब्यूरो/अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
Updated Thu, 07 Apr 2016 12:31 AM IST
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crime
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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मोरना। मुरादाबाद में तैयार तमंचों की एक खेप ककरौली पुलिस के हाथ लगी है। 25 तमंचों के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। फेरी लगाकर युवक गांवों में तमंचे बेचा करता था। तमंचों की बनावट देख पुलिस भी दंग रह गई।
ककरौली थानाध्यक्ष पंकज त्यागी ने बताया कि मंगलवार देर शाम मुखबिर की सूचना पर मीरापुर-ककरौली रजवाहे की पटरी पर पुलिस टीम पहुंची। जनपद बिजनौर के थाना नगीना के मुहल्ला कलानान निवासी शाहिद पुत्र ताहिर बाइक से जा रहा था। पुलिस ने रोककर उसकी तलाशी ली तो उसके थैले में 11 तमंचे 32 बोर और 14 तमंचे 315 बोर के बरामद हुए। तमंचे कब्जे में ले लिए गए। आरोपी को गिरफ्तार कर थाने लाया गया।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि नगीना निवासी फारूक मुरादाबाद के बने तमंचे लाकर देता था। इनकी कीमत 1200 से 1500 रुपये तक लेता था। ककरौली थानाक्षेत्र के गांव तेवड़ा के बाहर जंगल के रास्ते पर भाईजी नाम के व्यक्ति को पीतल और लोहे के बने तमंचों को तीन से चार हजार रुपये की कीमत पर बेचता था।
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इस दौरान जो भी तमंचे बचते थे, उन्हें सिकंदरपुर, कम्हेड़ा आदि गांवों में रात के समय बेचता था। इस दौरान जरूरत पड़ने पर अंसारी बिरादरी में अपनी रिश्तेदारी में रात गुजारने के लिए ठहर जाता था। शाहिद ने बताया कि सिकंदरपुर निवासी अफजाल ककरौली क्षेत्र में तमंचे की खेप को लेकर बेचने का काम करता था।
पुलिस ने उसे पकड़ लिया था। पुलिस ने बरामद हुए कुल 25 तमंचों को सील कर कर दिया। साथ ही आरोपी का चालान कर दिया है। तमंचों की खेप पकड़े जाने की सूचना पर एसएसपी केबी सिंह थाने पहुंचे और तस्करी के बारे में जानकारी ली।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक तमंचों को देखकर पुलिसकर्मी दंग रह गए। माना गया पेशेवर धंधेबाजों ने इन्हें बनाया है। तमंचे की नाल लोहे की और पकड़ने वाली जगह पर पीतल का इस्तेमाल किया गया है। पुलिस तस्करों के पूरे नेटवर्क को पकड़ने की कोशिश में जुटी है।
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ककरौली थानाध्यक्ष पंकज त्यागी ने बताया कि मंगलवार देर शाम मुखबिर की सूचना पर मीरापुर-ककरौली रजवाहे की पटरी पर पुलिस टीम पहुंची। जनपद बिजनौर के थाना नगीना के मुहल्ला कलानान निवासी शाहिद पुत्र ताहिर बाइक से जा रहा था। पुलिस ने रोककर उसकी तलाशी ली तो उसके थैले में 11 तमंचे 32 बोर और 14 तमंचे 315 बोर के बरामद हुए। तमंचे कब्जे में ले लिए गए। आरोपी को गिरफ्तार कर थाने लाया गया।
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पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि नगीना निवासी फारूक मुरादाबाद के बने तमंचे लाकर देता था। इनकी कीमत 1200 से 1500 रुपये तक लेता था। ककरौली थानाक्षेत्र के गांव तेवड़ा के बाहर जंगल के रास्ते पर भाईजी नाम के व्यक्ति को पीतल और लोहे के बने तमंचों को तीन से चार हजार रुपये की कीमत पर बेचता था।
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इस दौरान जो भी तमंचे बचते थे, उन्हें सिकंदरपुर, कम्हेड़ा आदि गांवों में रात के समय बेचता था। इस दौरान जरूरत पड़ने पर अंसारी बिरादरी में अपनी रिश्तेदारी में रात गुजारने के लिए ठहर जाता था। शाहिद ने बताया कि सिकंदरपुर निवासी अफजाल ककरौली क्षेत्र में तमंचे की खेप को लेकर बेचने का काम करता था।
पुलिस ने उसे पकड़ लिया था। पुलिस ने बरामद हुए कुल 25 तमंचों को सील कर कर दिया। साथ ही आरोपी का चालान कर दिया है। तमंचों की खेप पकड़े जाने की सूचना पर एसएसपी केबी सिंह थाने पहुंचे और तस्करी के बारे में जानकारी ली।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक तमंचों को देखकर पुलिसकर्मी दंग रह गए। माना गया पेशेवर धंधेबाजों ने इन्हें बनाया है। तमंचे की नाल लोहे की और पकड़ने वाली जगह पर पीतल का इस्तेमाल किया गया है। पुलिस तस्करों के पूरे नेटवर्क को पकड़ने की कोशिश में जुटी है।