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दहशत में चीखने लगे वाहनों में सवार मुसाफिर
मुजफ्फरनगर/अमर उजाला/ब्यूरो
Updated Sat, 13 Oct 2018 12:07 AM IST
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crime
- फोटो : अमर उजाला
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मुजफ्फरनगर। सहारनपुर-मुजफ्फरनगर स्टेट हाईवे-58 पर हादसे में दलित युवक की मौत के बाद करीब आधा घंटे तक गुस्साई भीड़ का कब्जा रहा। वाहनों में फंसे मुसाफिर दहशत के मारे चीखने लगे। मुसाफिरों में शामिल कई महिलाएं व बच्चे तो डर के मारे रोने लग गए, लेकिन भीड़ ने किसी भी वाहन को नहीं बख्शा। देर रात की घटना होने से वाहनों में सवार मुसाफिर बवालियों से बचने की कोशिश तक नहीं कर पाए, जिसके चलते हमले में कई लोग चोटिल भी हुए।
सूचना पर भारी फोर्स के साथ पहुंचे अफसरों ने भीड़ को समझाने का प्रयास किया तो उनके साथ भी नोकझोंक करते हुए पुलिस टीम पर पथराव कर दिया गया। बवाल के बाद हाईवे पर दूर तक बिखरे पड़े ईंट-पत्थर व वाहनों के शीशों के बिखरे पड़े कांच के टुकड़े भीड़ के जुनून को बयां कर रहे थे। एसपी सिटी ओमवीर सिंह ने बताया कि मौके से कई लोग हिरासत में लिए गए हैं। सबसे पहले डैमेज कंट्रोल की कवायद की जा रही है।
सुनियोजित साजिश तो नहीं, पहले बुढ़ाना अब मलीरा
मुजफ्फरनगर। जनपद में पिछले महज 36 घंटे के भीतर बवाल की दो बड़ी घटनाएं पहले बुढ़ाना और अब मलीरा में अंजाम दी गई। दोनों ही घटनाओं में जिस तरह पुलिस को निशाना बनाया गया, वह किसी सुनियोजित साजिश की तरफ इशारा कर रहा है, ताकि किसी भी तरह जनपद के माहौल को गरमाया जा सके। हालांकि अफसरों की सजगता व पुलिस की तत्परता के चलते दोनों ही जगह समय रहते डैमेज कंट्रोल कर लिया गया, जिससे शरारती तत्वों के मंसूबे कामयाब नहीं हो सके।
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बृहस्पतिवार सुबह बुढ़ाना की कुरैशी पुलिया पर गांव बवाना की छात्राओं से छेड़छाड़ के बाद उनके भाइयों से मारपीट की सूचना पर पहुंची पुलिस पर भीड़ ने जमकर पथराव किया था। हमले में सीओ व इंस्पेक्टर बुढ़ाना की गाड़ियां क्षतिग्रस्त होने के साथ ही चार पुलिसकर्मी भी जख्मी हुए थे। उक्त घटना को अभी 36 घंटे भी नहीं बीते कि मलीरा में हादसे में युवक की मौत के बाद फिर से पुलिस को निशाना बनाया गया। यहां भी वाहनों में तोड़फोड़ करते हुए पुलिस पर पथराव करने के साथ ही बदसलूूकी भी की गई, जो किसी सुनियोजित साजिश की तरफ इशारा कर रहा है। हालांकि फिलहाल तो दोनों ही जगह अफसरों की सजगता व पुलिस की तत्परता से उपद्रवी अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो सके, लेकिन आने वाले समय में यह निश्चित है कि जनपद में इस तरह की घटनाएं बढ़ने के साथ ही पुलिस की मुश्किलों में भी इजाफा होने वाला है।
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सूचना पर भारी फोर्स के साथ पहुंचे अफसरों ने भीड़ को समझाने का प्रयास किया तो उनके साथ भी नोकझोंक करते हुए पुलिस टीम पर पथराव कर दिया गया। बवाल के बाद हाईवे पर दूर तक बिखरे पड़े ईंट-पत्थर व वाहनों के शीशों के बिखरे पड़े कांच के टुकड़े भीड़ के जुनून को बयां कर रहे थे। एसपी सिटी ओमवीर सिंह ने बताया कि मौके से कई लोग हिरासत में लिए गए हैं। सबसे पहले डैमेज कंट्रोल की कवायद की जा रही है।
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सुनियोजित साजिश तो नहीं, पहले बुढ़ाना अब मलीरा
मुजफ्फरनगर। जनपद में पिछले महज 36 घंटे के भीतर बवाल की दो बड़ी घटनाएं पहले बुढ़ाना और अब मलीरा में अंजाम दी गई। दोनों ही घटनाओं में जिस तरह पुलिस को निशाना बनाया गया, वह किसी सुनियोजित साजिश की तरफ इशारा कर रहा है, ताकि किसी भी तरह जनपद के माहौल को गरमाया जा सके। हालांकि अफसरों की सजगता व पुलिस की तत्परता के चलते दोनों ही जगह समय रहते डैमेज कंट्रोल कर लिया गया, जिससे शरारती तत्वों के मंसूबे कामयाब नहीं हो सके।
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बृहस्पतिवार सुबह बुढ़ाना की कुरैशी पुलिया पर गांव बवाना की छात्राओं से छेड़छाड़ के बाद उनके भाइयों से मारपीट की सूचना पर पहुंची पुलिस पर भीड़ ने जमकर पथराव किया था। हमले में सीओ व इंस्पेक्टर बुढ़ाना की गाड़ियां क्षतिग्रस्त होने के साथ ही चार पुलिसकर्मी भी जख्मी हुए थे। उक्त घटना को अभी 36 घंटे भी नहीं बीते कि मलीरा में हादसे में युवक की मौत के बाद फिर से पुलिस को निशाना बनाया गया। यहां भी वाहनों में तोड़फोड़ करते हुए पुलिस पर पथराव करने के साथ ही बदसलूूकी भी की गई, जो किसी सुनियोजित साजिश की तरफ इशारा कर रहा है। हालांकि फिलहाल तो दोनों ही जगह अफसरों की सजगता व पुलिस की तत्परता से उपद्रवी अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो सके, लेकिन आने वाले समय में यह निश्चित है कि जनपद में इस तरह की घटनाएं बढ़ने के साथ ही पुलिस की मुश्किलों में भी इजाफा होने वाला है।