10 रुपये की रिश्वत में तीन साल की सजा
2006 में पुलिस अधिकारियों को शिकायत मिल रही थी कि रामलीला टिल्ला क्षेत्र में तैनात पुलिसकर्मी वाहनों से अवैध वसूली कर रहे हैं। एसएसपी की ओर से टीम गठित की गई। टीम में शामिल तत्कालीन सीओ सिटी प्रदीप गुप्ता (वर्तमान में एसपी क्राइम) आदि ने शहर कोतवाली में तैनात सिपाही रामरतन और होमगार्ड परवेंद्र को चुंगी नंबर दो पर भूसे से भरे ट्रक के चालक से 10 रुपये की अवैध वसूली करते हुए रंगे हाथों पकड़ा था।
रिश्वत लेने के इस मामले में तत्कालीन शहर कोतवाल विजय सिंह की ओर से दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम का मुकदमा दर्ज कराया गया था। यह मामला एडीजे पंचम दिनेश गुप्ता की कोर्ट में चला। अभियोजन पक्ष की ओर से गवाह और साक्ष्य पेश किए गए। कोर्ट ने गवाहों के बयान और साक्ष्यों के आधार पर दोनों को दोषी पाया। मंगलवार को कोर्ट ने सिपाही और होमगार्ड को तीन-तीन साल की सजा और 5-5 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।