फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   Selfie was taken in the barracks

बैरक में ही ली गई थी सेल्फी, जांच में हुई पुष्टि

Sun, 11 Mar 2018 10:34 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर Updated Sun, 11 Mar 2018 10:34 PM IST
विज्ञापन
Selfie was taken in the barracks
जेल में सेल्फी लेते बंदी। - फोटो : अमर उजाला
जेल की बैरक से बंदियों की सोशल मीडिया पर वायरल हुई सेल्फी जिला कारागार में ही ली गई थी। जेल अधीक्षक और सीओ नई मंडी की जांच में इसकी पुष्टि हो गई है। एसएसपी ने डीजीपी को जांच आख्या भेजी है। मामले में बंदी रक्षकों पर भी गाज गिर सकती है। जेल प्रशासन ने इसकी जांच प्रारंभ कर दी है। उधर, रविवार को भी जेल की बैरकों में तलाशी अभियान चलाया गया।
विज्ञापन


जेल की बैरक से वायरल हुई बंदियों की सेल्फी के बाद लखनऊ तक हड़कंप मचा गया था। आनन फानन में एसएसपी अनंत देव ने जेल अधीक्षक अरुण कुमार सक्सेना और सीओ नई मंडी योगेंद्र सिंह को इस मामले की जांच के आदेश दिए। जांच में यह पुष्टि हो गई है कि कारागार की बैरक नंबर 16-ए से ही सेल्फी फेसबुक पर अपलोड की गई थी, जिसे बाद में डिलीट कर दिया गया था।
विज्ञापन


जेल में सघन अभियान के बाद जेल प्रशासन ने प्रयोग किया गया एंड्रॉयड फोन भी बरामद कर लिया था। एसएसपी ने तत्काल पूरे मामले की जांच आख्या रिपोर्ट डीजीपी ओपी सिंह को भेज दी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि दस मार्च को जनपद के ट्यूटर एकाउंट पर जिला कारागार के तीन बंदियों द्वारा अपनी फोटो फेसबुक पर अपलोड करने की सूचना प्राप्त हुई थी। जांच में सूचना सत्य पाई गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


जेल अधीक्षक की ओर से सेल्फी में पहचाने गए तीन बंदियों सचिन पुत्र सहंसरपाल निवासी सियागंज शामली, विजय मलिक पुत्र नरेश मलिक निवासी काजीखेड़ा थाना तितावी तथा मोहित पुत्र अंग्रेज निवासी सिखेड़ा मुजफ्फरनगर के विरुद्ध धारा 42- कारागार अधिनियम के तहत नई मंडी कोतवाली पर मुकदमा दर्ज करा दिया गया है। जेल में बैरक संख्या 16ए तथा 13ए की तलाशी कराई गई थी।

बंदियों से सख्ती से पूछताछ की गई तो बंदी विजय मलिक ने बताया कि 28 फरवरी को जेल से रिहा हुए नंदू नामक युवक ने बैरक के पीछे स्थित मैनहॉल के बाहर की ओर से जीओ का मोबाइल जेल में फेंका था। आरोपी ने फेसबुक पर अपलोड करने की बात की स्वीकार कर ली है। डीजीपी को जांच रिपोर्ट भेजे जाने से जेल प्रशासन के चेहरे पर हवाईयां है, क्योंकि कुछ बंदी रक्षकों पर जांच में लापरवाही बरतने पर गाज गिर सकती है। रविवार को भी जेल में सघन चेकिंग अभियान चलाया गया।


मिट्टी में दबा मिला मोबाइल, सिम गायब
मुजफ्फरनगर। चेकिंग अभियान के दौरान जिस फोन से सेल्फी ली गई, वह पॉलीथिन में छिपा कर गटर के पास मिट्टी में दबाया गया था। आरोपी विजय की निशानदेही पर एक कैमरे वाला जीओ 4जी मोबाइल फोन मिला, जिसमें सिम नहीं था। आरोपी का कहना है कि सिम को तोड़ कर फेंक दिया था। पुलिस अब नंदू की तलाश में है, जिसने जेल में विजय तक मोबाइल पहुंचाया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed