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जेल में बंदी ने फांसी लगाकर जान दी
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Thu, 18 Aug 2016 01:07 AM IST
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जेल में बंदी की आत्महत्या के बाद पहुंचे अधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला
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मुजफ्फरनगर जिला कारागार में परेशान बंदी ने बैरक के बाथरूम के दरवाजे पर लटक कर आत्महत्या कर ली। बंदी के आत्महत्या करने की खबर से जेल अधिकारियों में हड़कंप मच गया। हंगामे के डर से डीएम और एसएसपी रात में ही भारी फोर्स के साथ कारागार पहुंचे। रात में ही मृतक के परिजनों को घटना की जानकारी दे दी गई। अधिकारियों ने लटके हुए शव की वीडियोग्राफी कराई और शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया।
शामली जिले के कैराना के मोहल्ला पीरजागदान निवासी बंदी साजिद पुत्र उम्मेद अली अप्रैल में चोरी के मामले में जेल गया था। वह जेल के भीतर भंडारे में काम करता था। मंगलवार रात करीब पौने 11 बजे बैरक नंबर-13 बी में बंद साथियों से कहकर बाथरूम में चला गया। बंदी ने वहां जाकर अपने गमछे का फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली। काफी देर तक वापस नहीं आने पर साथियों ने मौके पर जाकर देखा तो बाथरूम के गेट पर साजिद का शव लटका हुआ था।
आत्महत्या का पता चलते ही अधिकारियों को मामले से अवगत कराया गया। जेल में हड़कंप मच गया। जेल अधीक्षक ने तुरंत डीएम और एसएसपी को मामले की जानकारी दी। दोनों अधिकारी भारी फोर्स के साथ कारागार में पहुंचे और बैरक में जाकर शव की स्थिति को देखा। डीएम ने तहसीलदार रजनीकांत पांडेय से शव की वीडियोग्राफी करवाकर उसे उतरवाया और रात में उसका पंचनामा भरकर परिजनों को सूचना दी। सुबह पहुंचे परिजनों की जेल अधिकारियों ने उसके साथियों से बात कराई। बाद में शव का पोस्टमार्टम करवाकर उसके शव को उसकी पत्नी को सौंप दिया गया।
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रविवार से परेशान था मृतक
जेल के भीतर आत्महत्या करने वाले बंदी साजिद पिछले कई दिनों से परेशान था। सूत्रों की मानें तो रविवार को मिलाई पर आए परिजनों द्वारा यह कहने पर कि हम तेरी जमानत कहां से और कैसे कराएं, तभी से वह बहुत परेशान था। मंगलवार रात उसने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।
बंदी के शव पर सास बहू में ठनी
जेल में आत्महत्या करने वाले बंदी साजिद का शव लेने के लिए उसकी मां और पत्नी में ठन गई। कारागार पहुंची पत्नी का कहना था कि शव को वह लेकर जाएगी। मोर्चरी पर खड़ी मां कह रही थी कि शव को उसे दिया जाए। जेल अधीक्षक राकेश सिंह ने बताया कि शव को उसकी पत्नी को दिया गया है।
पत्नी पकड़ी गई थी नशे की गोलियों के साथ
जेल मेें आत्महत्या करने वाले साजिद की पत्नी 15 दिन पूर्व जेल के भीतर नशे की गोलियां ले जाते हुए पकड़ी गई थी। बाद में अधिकारियों के सामने रोने लगी तो उसे बिना किसी कार्रवाई के छोड़ दिया गया था।
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शामली जिले के कैराना के मोहल्ला पीरजागदान निवासी बंदी साजिद पुत्र उम्मेद अली अप्रैल में चोरी के मामले में जेल गया था। वह जेल के भीतर भंडारे में काम करता था। मंगलवार रात करीब पौने 11 बजे बैरक नंबर-13 बी में बंद साथियों से कहकर बाथरूम में चला गया। बंदी ने वहां जाकर अपने गमछे का फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली। काफी देर तक वापस नहीं आने पर साथियों ने मौके पर जाकर देखा तो बाथरूम के गेट पर साजिद का शव लटका हुआ था।
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आत्महत्या का पता चलते ही अधिकारियों को मामले से अवगत कराया गया। जेल में हड़कंप मच गया। जेल अधीक्षक ने तुरंत डीएम और एसएसपी को मामले की जानकारी दी। दोनों अधिकारी भारी फोर्स के साथ कारागार में पहुंचे और बैरक में जाकर शव की स्थिति को देखा। डीएम ने तहसीलदार रजनीकांत पांडेय से शव की वीडियोग्राफी करवाकर उसे उतरवाया और रात में उसका पंचनामा भरकर परिजनों को सूचना दी। सुबह पहुंचे परिजनों की जेल अधिकारियों ने उसके साथियों से बात कराई। बाद में शव का पोस्टमार्टम करवाकर उसके शव को उसकी पत्नी को सौंप दिया गया।
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रविवार से परेशान था मृतक
जेल के भीतर आत्महत्या करने वाले बंदी साजिद पिछले कई दिनों से परेशान था। सूत्रों की मानें तो रविवार को मिलाई पर आए परिजनों द्वारा यह कहने पर कि हम तेरी जमानत कहां से और कैसे कराएं, तभी से वह बहुत परेशान था। मंगलवार रात उसने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।
बंदी के शव पर सास बहू में ठनी
जेल में आत्महत्या करने वाले बंदी साजिद का शव लेने के लिए उसकी मां और पत्नी में ठन गई। कारागार पहुंची पत्नी का कहना था कि शव को वह लेकर जाएगी। मोर्चरी पर खड़ी मां कह रही थी कि शव को उसे दिया जाए। जेल अधीक्षक राकेश सिंह ने बताया कि शव को उसकी पत्नी को दिया गया है।
पत्नी पकड़ी गई थी नशे की गोलियों के साथ
जेल मेें आत्महत्या करने वाले साजिद की पत्नी 15 दिन पूर्व जेल के भीतर नशे की गोलियां ले जाते हुए पकड़ी गई थी। बाद में अधिकारियों के सामने रोने लगी तो उसे बिना किसी कार्रवाई के छोड़ दिया गया था।