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बैरकों में मिले सरिये और हैंडपंप के हत्थे
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Mon, 09 May 2016 12:10 AM IST
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मुजफ्फरनगर जेल की तलाशी में मिला सामान।
- फोटो : अमर उजाला
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जिला कारागार में बंदियों के बीच अभी भी तनाव बना हुआ हैं। दोनों पक्षों में तनातनी बनी हुई है। शनिवार रात हुए बवाल में डीआईजी कारागार ने मामले की जांच की। कारागार पहुंचकर बैरकों की अपने सामने तलाशी कराई। तलाशी के दौरान बैरकों से भारी मात्रा में आपत्तिजनक सामान मिला है। डीआईजी ने बंदियों से बात कर उनकी समस्याओं को सुना।
जिला जेल में शनिवार रात हुए बवाल के बाद अभी भी बंदियों के बीच तनाव बना हुआ है। दोनों पक्षों में तनातनी बनी हुई है। बंदियों के आपस में भिड़ने की आशंका के चलते प्रशासन ने अभी भी कारागार में पीएसी तैनात कर रखी है। तनाव की सूचना पर डीआईजी कारागार वीके शेखर रविवार सुबह कारागार पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले उन बैरकों को रुख किया जहां रात बंदियों में संघर्ष हुआ था।
सभी बैरकों की तलाशी कराई। तलाशी के दौरान मिले सामान को देखकर डीआईजी भी चौंक गए। बंदियों ने बैरकों के पास से बहने वाली नालियों में कट्टन, सरिये, हैंडपंप के हत्थे, लोहे की एंगल, कीलें, लाइटर, मोबाइल फोन आदि सामान छुपा रखा था। डीआईजी ने बरामद किए गए सामान की सूची बनवाई।
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इस दौरान बंदियों ने उनसे बात करने की गुहार लगाई। डीआईजी ने पीड़ित बंदियों की बातों को ध्यान से सुना और उनकी समस्याओं का निदान कराने का आश्वासन दिया।
डीआईजी शेखर ने बवाल के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि तीन दिन पूर्व बवाल करने वाले सभी बंदियों के बीच समझौता करा दिया था। समझौता होने के बाद जेल प्रशासन ने उन पर विश्वास कर लिया, लेकिन इसके बाद भी बंदी आपस में भिड़ गए। बताया कि इस समय जेल में दस से पंद्रह के बीच गैंग संचालित हैं। इनमें से कई गैंग कारागार में अपना वर्चस्व कायम करना चाहते हैं।
बवाली बंदियों को भेजा जाएगा दूसरे जिलों की जेल
जेल में हुए बवाल पर शासन ने सख्ती से काम करना शुरू कर दिया है। बंदियों के रोज-रोज के झगड़ों से परेशान अधिकारी भी इस बार कड़ी कार्रवाई करने का मन बना चुके हैं। आईजी जेल ने अधिकारियों से मामले की जानकारी लेकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और बवालियों को दूसरी जेल में भेजने की प्रक्रिया को शुरू करने के आदेश कर दिए हैं।
जिला कारागार में शनिवार रात वर्चस्व को लेकर दो बैरकों के बंदियों में जमकर बवाल हुआ था। जेल में जमकर कट्टन, सरिये और डंडे आदि चले थे। दो बंदीरक्षकों की जान पर बन गई थी तो वहीं दूसरी ओर, एक बंदियों के हमले को देखकर एक डिप्टी जेलर को भागकर जान बचानी पड़ी थी। बवाल के दौरान करीब दर्जन भर बंदी घायल हो गए थे।
बवाल को देखते हुए शासन ने सख्ती दिखानी शुरू कर दी है। आईजी जेल डीएस चौहान ने बवाल करने वाले बंदियों की सूची मंगाई है। अगले सप्ताह हर हाल में दोषी बंदियों को दूसरे जिलों की जेलों का रास्ता दिखा दिया जाएगा। संघर्ष करने वालों को चिह्नित किया जा रहा है। जेलर की ओर से आठ बंदियों के खिलाफ नामजद और दर्जनों के खिलाफ अज्ञात में जेल स्टाफ पर जान से मारने की नीयत से हमला करने की तहरीर नई मंडी कोतवाली में देकर मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है।
फोन मिलने की रिपोर्ट शासन को सौंपी
जिला कारागार में बवाल की जांच को पहुंचे डीआईजी वीके शेखर से जब अमर उजाला ने पूछा कि मार्च माह में चेकिंग के दौरान 22 फोन मिले थे, उसकी जांच में क्या रहा। डीआईजी ने बताया कि उन्होंने मामले की जांच कर शासन को रिपोर्ट भेज दी है। रिपोर्ट में उस समय ड्यूटी पर तैनात बंदिरक्षकों के दंडित करने के लिए कहा गया है।
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जिला जेल में शनिवार रात हुए बवाल के बाद अभी भी बंदियों के बीच तनाव बना हुआ है। दोनों पक्षों में तनातनी बनी हुई है। बंदियों के आपस में भिड़ने की आशंका के चलते प्रशासन ने अभी भी कारागार में पीएसी तैनात कर रखी है। तनाव की सूचना पर डीआईजी कारागार वीके शेखर रविवार सुबह कारागार पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले उन बैरकों को रुख किया जहां रात बंदियों में संघर्ष हुआ था।
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सभी बैरकों की तलाशी कराई। तलाशी के दौरान मिले सामान को देखकर डीआईजी भी चौंक गए। बंदियों ने बैरकों के पास से बहने वाली नालियों में कट्टन, सरिये, हैंडपंप के हत्थे, लोहे की एंगल, कीलें, लाइटर, मोबाइल फोन आदि सामान छुपा रखा था। डीआईजी ने बरामद किए गए सामान की सूची बनवाई।
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इस दौरान बंदियों ने उनसे बात करने की गुहार लगाई। डीआईजी ने पीड़ित बंदियों की बातों को ध्यान से सुना और उनकी समस्याओं का निदान कराने का आश्वासन दिया।
डीआईजी शेखर ने बवाल के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि तीन दिन पूर्व बवाल करने वाले सभी बंदियों के बीच समझौता करा दिया था। समझौता होने के बाद जेल प्रशासन ने उन पर विश्वास कर लिया, लेकिन इसके बाद भी बंदी आपस में भिड़ गए। बताया कि इस समय जेल में दस से पंद्रह के बीच गैंग संचालित हैं। इनमें से कई गैंग कारागार में अपना वर्चस्व कायम करना चाहते हैं।
बवाली बंदियों को भेजा जाएगा दूसरे जिलों की जेल
जेल में हुए बवाल पर शासन ने सख्ती से काम करना शुरू कर दिया है। बंदियों के रोज-रोज के झगड़ों से परेशान अधिकारी भी इस बार कड़ी कार्रवाई करने का मन बना चुके हैं। आईजी जेल ने अधिकारियों से मामले की जानकारी लेकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और बवालियों को दूसरी जेल में भेजने की प्रक्रिया को शुरू करने के आदेश कर दिए हैं।
जिला कारागार में शनिवार रात वर्चस्व को लेकर दो बैरकों के बंदियों में जमकर बवाल हुआ था। जेल में जमकर कट्टन, सरिये और डंडे आदि चले थे। दो बंदीरक्षकों की जान पर बन गई थी तो वहीं दूसरी ओर, एक बंदियों के हमले को देखकर एक डिप्टी जेलर को भागकर जान बचानी पड़ी थी। बवाल के दौरान करीब दर्जन भर बंदी घायल हो गए थे।
बवाल को देखते हुए शासन ने सख्ती दिखानी शुरू कर दी है। आईजी जेल डीएस चौहान ने बवाल करने वाले बंदियों की सूची मंगाई है। अगले सप्ताह हर हाल में दोषी बंदियों को दूसरे जिलों की जेलों का रास्ता दिखा दिया जाएगा। संघर्ष करने वालों को चिह्नित किया जा रहा है। जेलर की ओर से आठ बंदियों के खिलाफ नामजद और दर्जनों के खिलाफ अज्ञात में जेल स्टाफ पर जान से मारने की नीयत से हमला करने की तहरीर नई मंडी कोतवाली में देकर मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है।
फोन मिलने की रिपोर्ट शासन को सौंपी
जिला कारागार में बवाल की जांच को पहुंचे डीआईजी वीके शेखर से जब अमर उजाला ने पूछा कि मार्च माह में चेकिंग के दौरान 22 फोन मिले थे, उसकी जांच में क्या रहा। डीआईजी ने बताया कि उन्होंने मामले की जांच कर शासन को रिपोर्ट भेज दी है। रिपोर्ट में उस समय ड्यूटी पर तैनात बंदिरक्षकों के दंडित करने के लिए कहा गया है।