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पिता और पुत्र को उम्रकैद
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर।
Updated Wed, 06 Jun 2018 12:29 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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मुजफ्फरनगर। अदालत ने जमीन के विवाद में भतीजे की हत्या करने वाले चाचा को बेटे समेत आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोनों पिता-पुत्र ने तीन वर्ष पहले शामली के थानाभवन क्षेत्र में विकास त्यागी की हत्या की थी। दोनों बीते तीन साल से जेल में बंद हैं।
शामली जिले के थाना थानाभवन पर सहारनपुर जिले के थाना बड़गांव के गांव जड़ौदा पांडा निवासी सतीश त्यागी पुत्र नकलीराम ने अप्रैल 2015 को अपने बेटे विकास त्यागी की हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि उसके खेत थानाभवन क्षेत्र में है। दो बीघा जमीन को लेकर उसका अपने भाई मांगेराम से विवाद चल रहा है।
घटना के दिन उसका बेटा विकास अपने साले ललित के साथ खेतों पर काम करा था, तभी उसका भाई मांगेराम अपने बेटे भारत भूषण उर्फ नीटू के साथ आया। दोनों विकास के साथ जमीन के बंटवारे की बात करने लगे।
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इसी दौरान जहां मांगेराम और भारत भूषण ने विकास पर बलकटी तथा फावडे़ से हमला कर उसकी हत्या कर दी। इस मुकदमे की सुनवाई एडीजे गौरव कुमार श्रीवास्तव की कोर्ट संख्या (एक) में हुई । एडीजीसी जितेंद्र कुमार त्यागी ने अदालत में छह गवाह और सबूत पेश किए।
न्यायाधीश ने दोनो पक्षों को सुनते हुए अभियुक्त मांगेराम और उसके बेटे भारत भूषण को विकास की हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और 15-15 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। दोनों पिता-पुत्र बीते तीन साल से जेल में बंद है।
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शामली जिले के थाना थानाभवन पर सहारनपुर जिले के थाना बड़गांव के गांव जड़ौदा पांडा निवासी सतीश त्यागी पुत्र नकलीराम ने अप्रैल 2015 को अपने बेटे विकास त्यागी की हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि उसके खेत थानाभवन क्षेत्र में है। दो बीघा जमीन को लेकर उसका अपने भाई मांगेराम से विवाद चल रहा है।
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घटना के दिन उसका बेटा विकास अपने साले ललित के साथ खेतों पर काम करा था, तभी उसका भाई मांगेराम अपने बेटे भारत भूषण उर्फ नीटू के साथ आया। दोनों विकास के साथ जमीन के बंटवारे की बात करने लगे।
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इसी दौरान जहां मांगेराम और भारत भूषण ने विकास पर बलकटी तथा फावडे़ से हमला कर उसकी हत्या कर दी। इस मुकदमे की सुनवाई एडीजे गौरव कुमार श्रीवास्तव की कोर्ट संख्या (एक) में हुई । एडीजीसी जितेंद्र कुमार त्यागी ने अदालत में छह गवाह और सबूत पेश किए।
न्यायाधीश ने दोनो पक्षों को सुनते हुए अभियुक्त मांगेराम और उसके बेटे भारत भूषण को विकास की हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और 15-15 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। दोनों पिता-पुत्र बीते तीन साल से जेल में बंद है।