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लेंटर गिरने से मजदूर की मौत
ब्यूरो / अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
Updated Mon, 31 Aug 2015 12:29 AM IST
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मीरापुर। गांव कुतुबपुर में निर्माणधीन लेंटर भरभराकर गिर गया, जिससे उसके नीचे दबकर एक मजदूर की मौत हो गई। पीड़ितों ने बिना किसी कार्रवाई के शव को सुपुर्दे-खाक कर दिया।
कुतुबपुर निवासी चौधरी अनिल सिंह मकान का निर्माण करा रहा है। मकान पर करीब 3000 वर्ग फुट लेंटर डाला गया था। दो दिन पूर्व लेंटर का ढूला खोल दिया गया था। इसी दौरान लेंटर में कुछ दरारें महसूस हुईं तो शनिवार रात करीब नौ बजे मकान में काम करने वाले मिस्त्री ने गांव के मजदूर जमील पुत्र जलालुद्दीन को लेंटर दिखाने के लिए बुलाया। मिस्त्री और मजदूर जमील व मकान मालिक लेंटर के नीचे खडे़ होकर उसकी मरम्मत की चर्चा कर रहे थे कि अचानक पूरा लेंटर भरभरा कर गिर गया।
लेंटर में लगे पिलर और बीम आदि भी लेंटर के साथ ढह गए। लेंटर गिरता देख मिस्त्री और अन्य लोग तो भागकर बाहर निकल गए, लेकिन जमील मलबे में दब गया। बड़ी मुश्किल से उसे लेंटर के नीचे से निकालकर गंभीर अवस्था में मीरापुर व रामराज के चिकित्सकों को दिखाया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
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जमील की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। सुबह होने पर मृतक के परिजनों ने बिना किसी कार्रवाई के शव को सुपुर्दे खाक कर दिया। जमील अपने पीछे पत्नी व पांच पुत्रियों को रोता बिलखता छोड़ कर चला गया। करीब तीन माह पूर्व मृतक जमील के बडे़ भाई अख्तर की भी चिनाई करते समय दुघर्टना में मौत हो गई थी।
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कुतुबपुर निवासी चौधरी अनिल सिंह मकान का निर्माण करा रहा है। मकान पर करीब 3000 वर्ग फुट लेंटर डाला गया था। दो दिन पूर्व लेंटर का ढूला खोल दिया गया था। इसी दौरान लेंटर में कुछ दरारें महसूस हुईं तो शनिवार रात करीब नौ बजे मकान में काम करने वाले मिस्त्री ने गांव के मजदूर जमील पुत्र जलालुद्दीन को लेंटर दिखाने के लिए बुलाया। मिस्त्री और मजदूर जमील व मकान मालिक लेंटर के नीचे खडे़ होकर उसकी मरम्मत की चर्चा कर रहे थे कि अचानक पूरा लेंटर भरभरा कर गिर गया।
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लेंटर में लगे पिलर और बीम आदि भी लेंटर के साथ ढह गए। लेंटर गिरता देख मिस्त्री और अन्य लोग तो भागकर बाहर निकल गए, लेकिन जमील मलबे में दब गया। बड़ी मुश्किल से उसे लेंटर के नीचे से निकालकर गंभीर अवस्था में मीरापुर व रामराज के चिकित्सकों को दिखाया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
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जमील की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। सुबह होने पर मृतक के परिजनों ने बिना किसी कार्रवाई के शव को सुपुर्दे खाक कर दिया। जमील अपने पीछे पत्नी व पांच पुत्रियों को रोता बिलखता छोड़ कर चला गया। करीब तीन माह पूर्व मृतक जमील के बडे़ भाई अख्तर की भी चिनाई करते समय दुघर्टना में मौत हो गई थी।