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मामा के हत्यारे भांजे को 10 वर्ष की सजा 

Wed, 18 May 2016 12:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर Updated Wed, 18 May 2016 12:18 AM IST
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Killer sentenced to 10 years
हत्यारे को पकड़कर ले जाती पुलिस। - फोटो : अमर उजाला
पुरकाजी क्षेत्र के गांव नार्वे नगर में छह साल पहले हुई हत्या के मामले में मंगलवार को कोर्ट का निर्णय आया। अदालत ने मामा की हत्या करने वाले भांजे को 10 वर्ष के  कारावास और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार थाना  पुरकाजी पर गांव नार्वे नगर  निवासी रणधीर सिंह पुत्र इलम सिंह  ने 24  नवम्बर 2010 को मुकदमा दर्ज कराते हुए बताया था कि गत रात्रि  घर में  उसका भाई ऋषिपाल व उसका भांजा संजीव उर्फ नीटू  पुत्र ओमप्रकाश निवासी अटाली  थाना तितावी खाना खा रहे थे।
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दोनों मेें अचानक किसी बात पर विवाद हो गया  और संजीव ने मामा  ऋषिपाल के सिर में लकड़ी का एक मोटा डंडा  मार दिया। जिससे ऋषिपाल की मौके पर ही मौत हो गई। यह मुकदमा अपर जिला  एवं सत्र न्यायाधीश अंबर रावत की अदालत संख्या 6 में सुना गया, जिसमें सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता चौधरी कय्यूम अली ने मुकदमा सिद्ध करने के लिए 4 गवाहों के  साथ अपनी दलील व सुबूत पेश किये ।
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न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की  दलील व सुबूतों पर गौर करते हुए अभियुक्त नीटू उर्फ संजीव को धारा 304 (2)  के तहत 10 वर्ष का कारावास के साथ 20 हजार रुपये जुर्माना तथा धारा 25 आर्म्स  एक्ट के तहत 2 वर्ष का कारावास व 5 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है । 


चालक के अपहरण में क्लीनर को उम्रकैद 
ट्रक चालक का अपहरण और अमानत में खयानत करने के अपराध में कोर्ट ने क्लीनर को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास के साथ 13 हजार रुपये के जुर्माना की सजा सुनाई है। 

अभियोजन पक्ष के अनुसार नई मंडी कोतवाली पर हरिद्वार जिले के गांव लालचंदवाला निवासी सतीश कुमार ने 30 नवंबर 2011 को मुकदमा दर्ज कराते हुए बताया था कि उसका पार्टनर शिवकुमार उर्फ पिंटू पुत्र बिजेंद्र निवासी लालचंदवाला  और ट्रक का क्लीनर मेहराज पुत्र अब्बास निवासी खालापार थाना शहर कोतवाली मुजफ्फरनगर उसके ट्रक में लक्सर से 150 टायर और 33 हजार रुपये नगद लेकर हावड़ा के लिए चले  थे, मगर वहां नहीं पहुंचे।

चार दिसंबर 2011 को उसे अन्य ट्रक ड्राइवर ने बताया कि उसकी गाड़ी मुजफ्फरनगर में सहावली गांव के पास खड़ी है, जब सतीश गाड़ी के पास  पहुंचा तो उसका पार्टनर चालक शिवकुमार और क्लीनर मेहराज गाड़ी में मौजूद नहीं थे। टायर और नगदी भी गायब  थी। 

पुलिस ने मेहराज को गिरफ्तार कर जेल भेजा था, जबकि शिवकुमार का कोई पता नहीं चल पाया है। इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेश भारद्वाज की अदालत फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या एक में हुई, जिसमें एडीजीसी इनाम इलाही त्यागी ने मुकदमा सिद्ध करने के लिए सात गवाह पेश किए।


न्यायाधीश ने मेहराज को शिवकुमार का अपहरण करने और अमानत में खयानत करने का दोषी करार देते हुए धारा 364 के तहत आजीवन कारावास के साथ 10 हजार रुपया जुर्माना और धारा 406 के तहत 3 वर्ष का  कारावास और 3 हजार रुपया जुर्माना की सजा सुनाई है।
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