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25 हजार के लिए की थी जुगाड़ चालक की हत्या, तीन को उम्रकैद, 50 हजार रुपये का जुर्माना
Sun, 26 May 2019 12:20 AM IST
Deepak Kausik
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Published by: Deepak Kausik
Updated Sun, 26 May 2019 12:20 AM IST
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Decision of court
- फोटो : amar ujala
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फास्ट ट्रैक कोर्ट ने जुगाड़ चालक की हत्या के मामले में तीन हत्यारों को उम्र कैद की सजा सुनाई है। जमानत के लिए 25 रुपये न देने पर चालक की हत्या कर दी गई थी। कोर्ट ने तीनों गुनहगारों पर जुर्माना भी किया है, जिसमें से आधी धनराशि मृतक के निकटतम परिजन को देने के आदेश दिए हैं। अभियोजन पक्ष के अनुसार शामली जिले के गढ़ीपुख्ता थाने पर 19 फरवरी 2010 को गांव बुंटा निवासी गुलजार ने अपने बेटे हसन की हत्या का फुरकान, गुलफाम पुत्रगण कुरबान निवासी बुंटा और तवज्जुल पुत्र जमशेद निवासी नंगला रियावली के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया था।
बताया था कि उसका बेटा हसन जुगाड़ चलाता था। आरोपी फुरकान ने एक मुकदमे में जमानत कराने के लिए उसके बेटे हसन से 25 हजार रुपये मांगे थे, मगर हसन ने इंकार कर दिया था। इसी को लेकर आरोपी उनके बेटे से रंजिश रखते थे। 16 फरवरी को आरोपी उसके बेटे हसन का जुगाड़ भनवाड़ा गांव के लिए बुक करके ले गए थे। हसन के साथ में उसका भाई साबिर भी गया था। रास्ते में आरोपियों ने हसन की गला दबा कर हत्या कर दी। साबिर जान बचा कर भाग आया।
19 फरवरी को पुलिस ने हसन की लाश चंदपुरा के जंगल से बरामद की थी। तवज्जुल के कब्जे से उसका जुगाड़ बरामद किया था। इस मुकदमे की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-1 में एडीजे पूनम राजपूत की अदालत में हुई। एडीजीसी रीतू चौधरी और वादी के अधिवक्ता फैयाज हसन त्यागी ने कोर्ट में सात गवाह पेश किए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए शुक्रवार को उक्त तीनों आरोपियों को लूट और हत्या में दोषी करार देते हुए जेल भेज दिया।
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शनिवार कोर्ट में सजा पर सुनवाई हुई। अदालत ने तीनों हत्यारों फुरकान, गुलफाम, तवज्जुल को धारा 302 में आजीवन कारावास और 50-50 हजार रुपये जुर्माना, धारा 394 में सात-सात का कारावास और दस-दस हजार रुपये जुर्माना, धारा 411 में गुलफाम और तवज्जुल को दो-दो साल का कारावास और पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।
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बताया था कि उसका बेटा हसन जुगाड़ चलाता था। आरोपी फुरकान ने एक मुकदमे में जमानत कराने के लिए उसके बेटे हसन से 25 हजार रुपये मांगे थे, मगर हसन ने इंकार कर दिया था। इसी को लेकर आरोपी उनके बेटे से रंजिश रखते थे। 16 फरवरी को आरोपी उसके बेटे हसन का जुगाड़ भनवाड़ा गांव के लिए बुक करके ले गए थे। हसन के साथ में उसका भाई साबिर भी गया था। रास्ते में आरोपियों ने हसन की गला दबा कर हत्या कर दी। साबिर जान बचा कर भाग आया।
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19 फरवरी को पुलिस ने हसन की लाश चंदपुरा के जंगल से बरामद की थी। तवज्जुल के कब्जे से उसका जुगाड़ बरामद किया था। इस मुकदमे की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-1 में एडीजे पूनम राजपूत की अदालत में हुई। एडीजीसी रीतू चौधरी और वादी के अधिवक्ता फैयाज हसन त्यागी ने कोर्ट में सात गवाह पेश किए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए शुक्रवार को उक्त तीनों आरोपियों को लूट और हत्या में दोषी करार देते हुए जेल भेज दिया।
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शनिवार कोर्ट में सजा पर सुनवाई हुई। अदालत ने तीनों हत्यारों फुरकान, गुलफाम, तवज्जुल को धारा 302 में आजीवन कारावास और 50-50 हजार रुपये जुर्माना, धारा 394 में सात-सात का कारावास और दस-दस हजार रुपये जुर्माना, धारा 411 में गुलफाम और तवज्जुल को दो-दो साल का कारावास और पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।