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जागाहेड़ी में परिवार पर हमला, महिला की हत्या
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Wed, 04 May 2016 12:02 AM IST
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क्राइम लोगो।
- फोटो : crime logo
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जागाहेड़ी में बीती रात अज्ञात बदमाशों ने घेर में सो रहे किसान और उसके परिवार पर हमला बोल दिया। किसान की पत्नी की मौके पर ही मौत हो गई। किसान और उसका छोटा बेटा गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को गंभीर हालत में मेरठ रेफर कर दिया गया है।
सुबह घेर में दूसरे बेटे के पहुंचने पर घटना का पता चला। सूचना पर पुलिस में हड़कंप मच गया। एसएसपी केबी सिंह ने खुद मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी ली। डॉग स्कवायड की सहायता ली गई, लेकिन पुलिस को कोई कामयाबी नहीं मिल पाई। पुलिस ने फिलहाल अज्ञात में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
जागाहेड़ी किसान सुखबीर सिंह के शिवकुमार, सुनील, जितेंद्र और बिजेंद्र चार बेटे हैं। इनमें सुनील एयरफोर्स में नौकरी करता है और बाहर रहता है। बिजेंद्र को छोड़कर बाकी तीनों शादीशुदा हैं। सोमवार रात सुखबीर सिंह अपनी पत्नी पालंती (65) और छोटे बेटे बिजेंद्र के साथ घेर में सोने चले गए। रात करीब 12 बजे बदमाशों ने उनके घेर पर धारादार हथियारों से हमला बोल दिया।
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बदमाशों ने पहले पालंती देवी को मारा, उसके बाद सुखबीर सिंह को अधमरा कर उसे घेर के पिछले गेट जो कि जंगल की ओर खुलता है, उसके बाहर डालकर भाग गए। बाद में उन्होंने छत पर सो रहे बिजेंद्र को दबोच लिया और उस पर रॉड से हमला कर लहूलुहान कर दिया और मरा समझकर छोड़कर चले गए। सुबह बड़ा बेटा शिवकुमार घेर का काम करने के लिए गया तो वहां का नजारा देखकर सहम गया।
उसने शोर मचाकर ग्रामीणों को इकट्ठा किया। ग्रामीणों ने देखा कि पालंती देवी की मौत हो चुुकी थी। सुखबीर और बिजेंद्र की लहूलुहान हालत में सांसे चल रही थी। पुलिस को घटना की सूचना दी गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों घायलों को जिला चिकित्सालय भिजवाया, जहां से दोनों की गंभीर हालत के चलते मेरठ रेफर कर दिया गया।
ग्रामीणों की भीड़ घटनास्थल पर एकत्र हो गई। लोगों की समझ में नहीं आ रहा था कि इतनी बड़ी घटना को किसने और क्यों अंजाम दिया है। पुलिस ने डॉग स्कवायड की भी सहायता ली। डॉग आसपास के कई घरों के करीब पहुंचकर रुक गया। उसकी सहायता से कोई कामयाबी पुलिस को नहीं मिल पाई। सूचना पर एसएसपी केबी सिंह भी घटनास्थल पर पहुंचे और परिजनों से मामले की जानकारी ली।
बड़े बेटे शिव कुमार ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मां की हत्या, पिता और भाई पर जानलेवा हमला करने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है। तितावी एसओ मुनेंद्र सिंह का कहना है कि कई बिन्दुओं पर जांच की जा रही है।
सुलझ नहीं रही हत्या और हमले की गुत्थी
तितावी। जागाहेड़ी में किसान सुखबीर सिंह और बेटे पर जानलेवा हमला और उनकी पत्नी पालंती देवी की हत्या की गुत्थी किसी की समझ में नहीं आ रही है। वारदात को अंजाम देने वालों ने एक महिला सहित तीन लोगों पर हमला कर मरा हुआ समझ कर चले गए। अहम बात यह है कि घेर में किसी सामान को छूआ तक नहीं गया।
इस समय गर्मी का मौसम है और गेहूं की कटाई का काम चल रहा है। रात में किसान गेहूं और भूसे आदि की ढुलाई में लगे हुए हैं। रात में गर्मी के चलते लोग घरों के बाहर ही सो रहे हैं। तीन लोगों पर बदमाश धारदार हथियारों से हमला करते हैं और पड़ोस में किसी को भनक तक नहीं लगती।
सुबह घायल बेटे बिजेंद्र ने भाई को बदमाशों के हमले की बात बताई। परिवार में किसी की कोई रंजिश नहीं है और न ही प्रॉपर्टी का किसी तरह का विवाद है। पुलिस इस मामले में कई बिंदुओं पर जांच कर रही है।
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सुबह घेर में दूसरे बेटे के पहुंचने पर घटना का पता चला। सूचना पर पुलिस में हड़कंप मच गया। एसएसपी केबी सिंह ने खुद मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी ली। डॉग स्कवायड की सहायता ली गई, लेकिन पुलिस को कोई कामयाबी नहीं मिल पाई। पुलिस ने फिलहाल अज्ञात में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
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जागाहेड़ी किसान सुखबीर सिंह के शिवकुमार, सुनील, जितेंद्र और बिजेंद्र चार बेटे हैं। इनमें सुनील एयरफोर्स में नौकरी करता है और बाहर रहता है। बिजेंद्र को छोड़कर बाकी तीनों शादीशुदा हैं। सोमवार रात सुखबीर सिंह अपनी पत्नी पालंती (65) और छोटे बेटे बिजेंद्र के साथ घेर में सोने चले गए। रात करीब 12 बजे बदमाशों ने उनके घेर पर धारादार हथियारों से हमला बोल दिया।
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बदमाशों ने पहले पालंती देवी को मारा, उसके बाद सुखबीर सिंह को अधमरा कर उसे घेर के पिछले गेट जो कि जंगल की ओर खुलता है, उसके बाहर डालकर भाग गए। बाद में उन्होंने छत पर सो रहे बिजेंद्र को दबोच लिया और उस पर रॉड से हमला कर लहूलुहान कर दिया और मरा समझकर छोड़कर चले गए। सुबह बड़ा बेटा शिवकुमार घेर का काम करने के लिए गया तो वहां का नजारा देखकर सहम गया।
उसने शोर मचाकर ग्रामीणों को इकट्ठा किया। ग्रामीणों ने देखा कि पालंती देवी की मौत हो चुुकी थी। सुखबीर और बिजेंद्र की लहूलुहान हालत में सांसे चल रही थी। पुलिस को घटना की सूचना दी गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों घायलों को जिला चिकित्सालय भिजवाया, जहां से दोनों की गंभीर हालत के चलते मेरठ रेफर कर दिया गया।
ग्रामीणों की भीड़ घटनास्थल पर एकत्र हो गई। लोगों की समझ में नहीं आ रहा था कि इतनी बड़ी घटना को किसने और क्यों अंजाम दिया है। पुलिस ने डॉग स्कवायड की भी सहायता ली। डॉग आसपास के कई घरों के करीब पहुंचकर रुक गया। उसकी सहायता से कोई कामयाबी पुलिस को नहीं मिल पाई। सूचना पर एसएसपी केबी सिंह भी घटनास्थल पर पहुंचे और परिजनों से मामले की जानकारी ली।
बड़े बेटे शिव कुमार ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मां की हत्या, पिता और भाई पर जानलेवा हमला करने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है। तितावी एसओ मुनेंद्र सिंह का कहना है कि कई बिन्दुओं पर जांच की जा रही है।
सुलझ नहीं रही हत्या और हमले की गुत्थी
तितावी। जागाहेड़ी में किसान सुखबीर सिंह और बेटे पर जानलेवा हमला और उनकी पत्नी पालंती देवी की हत्या की गुत्थी किसी की समझ में नहीं आ रही है। वारदात को अंजाम देने वालों ने एक महिला सहित तीन लोगों पर हमला कर मरा हुआ समझ कर चले गए। अहम बात यह है कि घेर में किसी सामान को छूआ तक नहीं गया।
इस समय गर्मी का मौसम है और गेहूं की कटाई का काम चल रहा है। रात में किसान गेहूं और भूसे आदि की ढुलाई में लगे हुए हैं। रात में गर्मी के चलते लोग घरों के बाहर ही सो रहे हैं। तीन लोगों पर बदमाश धारदार हथियारों से हमला करते हैं और पड़ोस में किसी को भनक तक नहीं लगती।
सुबह घायल बेटे बिजेंद्र ने भाई को बदमाशों के हमले की बात बताई। परिवार में किसी की कोई रंजिश नहीं है और न ही प्रॉपर्टी का किसी तरह का विवाद है। पुलिस इस मामले में कई बिंदुओं पर जांच कर रही है।