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दुष्कर्म में विफल होने पर की गई मासूम की हत्या
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर
Updated Mon, 09 Apr 2018 12:13 AM IST
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खतौली में बच्ची की हत्या करने का आरोपी युवक।
- फोटो : अमर उजाला
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खतौली पुलिस ने चार साल की मासूम बच्ची की हत्या का खुलासा कर दिया। पुलिस ने मुख्य हत्यारोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। हत्यारोपी ने दुष्कर्म में विफल होने पर मासूम की ईंट से सिर कुचल कर हत्या की थी।
पुलिस लाइन में एसपी सिटी ओमवीर सिंह ने पत्रकार वार्ता में हत्याकांड के खुलासे की जानकारी दी। खतौली में चार साल की मासूम बच्ची छह अप्रैल की शाम 7.30 बजे अपनी मां से एक रुपया लेकर दुकान से आइसक्रीम लेने के लिए घर से निकली थी।
मोहल्ला निवासी हत्यारोपी अय्यूब पुत्र कल्लन ने रास्ते में जाते हुए बच्ची को बदनीयती से गोद में उठा लिया। आरोपी दुराचार करने के इरादे से बच्ची को लेकर मोहल्ले में पड़े खाली प्लाट के पास पहुंचा। प्लाट की चारों ओर से चार-चार फीट की दीवार बनी हुई है।
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अय्यूब ने बच्ची को दीवार पार प्लाट में उतारना चाहा, लेकिन ऊंची दीवार होने से उसने बच्ची के दोनों हाथ पकड़ कर प्लाट के अंदर छोड़ दिया। अंदर प्लाट में गिरने से मासूम को चोट लग गई, चोट लगने से वह रोने लगी थी। इसके बाद अय्यूब भी दीवार कूदकर प्लाट में चला गया। उसने रोते हुए बच्ची को चुप कराने की काफी कोशिश की। चोट लगने से बच्ची चुप नहीं हुई।
इसी बीच अचानक आंधी तूफान आ गया। उसके चुप न होने से आरोपी दुराचार करने में विफल हो गया। बच्ची अपने परिजनों को कुछ बता न दे, इसलिए हत्यारोपी ने उसकी हत्या करने की ठान ली। उसने प्लाट के अंदर पड़ी ईंट से सिर कुचलकर बच्ची की हत्या कर डाली।
हत्या करने के बाद अय्यूब शव को प्लाट में ही छोड़ कर फरार हो गया। बच्ची के घर नहीं पहुंचने पर परिजन उसे तलाश करने लगे। रात में तलाश करते समय परिजनों को बच्ची का शव प्लाट में पड़ा मिला। मृतका के पिता ने उस वक्त अज्ञात में हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने हत्यारोपी की तलाश प्रारंभ कर दी थी।
एसपी सिटी ने बताया कि पुलिस ने रविवार को दोपहर एक बजे मोहल्ला बालाजीपुरम के सामने अपने रक्तरंजित कपड़ों को गंगनहर में फेंकने जाते समय अय्यूब को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने अय्यूब को हत्या में नामजद करते हुए जेल भेज दिया है।
गुमराह करने के लिए शव को दीवार के पास डाला
हत्यारे अय्यूब ने पूछताछ में बताया कि उसने पुलिस को गुमराह करने को बच्ची का शव मकान की दीवार के पास डाल दिया था, ताकि पुलिस को ऐसा लगे कि उसकी मौत आंधी में मकान की छत से नीचे गिरने से हुई है। क्योंकि बच्ची के मकान की दीवार खाली पड़े प्लाट से मिली हुई है। बच्ची की जिस ईंट से हत्या की गई थी। खून से सनी वह ईंट पुलिस को जांच पड़ताल करने पर शव से काफी दूर पड़ी मिली थी।
हत्यारोपी ने बच्ची को लालीपॉप दिलाया
हत्यारोपी अय्यूब रास्ते में जाते समय बच्ची को गोद में उठाकर मोहल्ले के लोगों की नजरों से बचते हुए एक दुकान पर पहुंचा। दुकान से उसने मासूम को अपने पैैसों से लालीपॉप दिलवाया था। प्लाट के पास बच्ची गोद में लेकर जाते समय मोहल्ले के दो तीन युवकों ने अय्यूब को देख भी लिया था। मोहल्ले में युवकों से पूछताछ करने पर अय्यूब पर पुलिस को शक हो गया। पुलिस उसकी तलाश में लग गई थी।
खून के धब्बे मिटाने को कपड़े भी धोए
सीओ डॉ. राजीव कुमार सिंह ने बताया कि हत्या करते वक्त अय्यूब के कपड़ों पर खून के धब्बे लग गए थे। उसने घटना वाली रात को घर पहुंचकर अपने कपड़े उतारे और उनको छुपाकर रख दिया था।
शनिवार को अय्यूब ने खून के धब्बे मिटाने को अपने कपड़े खुद धोए। धोने के बाद भी खून के धब्बे नहीं छूट सके थे, इसलिए वह रविवार दोपहर को कपड़ों को गंगनहर में फेंकने जा रहा था। रास्ते में पुलिस ने कपड़ों समेत पकड़ लिया।
पुलिस टीम को दस हजार का इनाम
एसएसपी अनंत देव तिवारी ने मासूम बच्ची के हत्यारोपी को पकड़ने वाली टीम पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। हत्यारोपी को पकड़ने वाली पुलिस टीम में शामिल इंस्पेक्टर एपी भारद्वाज, एसएसआई योगेंद्र पंवार, एसआई सुनील शर्मा, एसआई केपी सिंह, कांस्टेबिल रोहित कुमार, सोहनवीर सिंह व प्रमोद कुमार को एसएसपी ने दस हजार का इनाम देने की घोषण की है।
बच्ची जैनब के हत्यारोपी को फांसी दिलाओ
खतौली। चार साल की बच्ची जैनब के हत्यारोपी के पकड़े जाने पर पीड़ित परिवार समेत मोहल्ले के लोग एकत्र होकर थाने में पहुंचे। थाने में पीड़ित परिजन रोने बिलखने लगे। पीड़ित परिजनों का रो रोकर कहना था कि हमारी बच्ची के हत्यारोपी को फांसी दिलाओ। पीड़ित परिजनों को इंस्पेक्टर एपी भारद्वाज ने सांत्वना देकर शांत किया।
मोहल्ला सद्दीकनगर निवासी मृतका चार साल की बच्ची जैनब के परिजनों को रविवार की सुबह खबर मिली कि पुलिस ने हत्यारोपी को पकड़ लिया है और थाने में उससे पूछताछ की जा रही है। परिवार के लोग को मोहल्ले वालों के साथ थाने में पहुंचे। थाने में पहुंचते ही पीड़ित परिजन रोने बिलखने लगे। परिजनों के बीच इंस्पेक्टर अंबिका प्रसाद भारद्वाज पहुंचे। पीड़ित परिजनों का कहना था कि जैनब की हत्यारोपी को सिर्फ फांसी की सजा मिले।
फांसी की सजा मिलने पर ही उनके दिल को सुकून पहुंचेगा। मोहल्ले के लोगों ने भी पुलिस से हत्यारोपी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाए जाने की मांग पुलिस से की। इंस्पेक्टर ने परिजनों को सांत्वना देते हुए कहा कि हत्यारोपी ने जिस तरह का अपराध किया है। कोर्ट से हत्यारोपी को कड़ी से कड़ी सजा अवश्य मिलेगी। इंस्पेक्टर ने परिजनों को हत्यारोपी को जेल भेजने का आश्वासन देकर वापस घर भेज दिया।
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पुलिस लाइन में एसपी सिटी ओमवीर सिंह ने पत्रकार वार्ता में हत्याकांड के खुलासे की जानकारी दी। खतौली में चार साल की मासूम बच्ची छह अप्रैल की शाम 7.30 बजे अपनी मां से एक रुपया लेकर दुकान से आइसक्रीम लेने के लिए घर से निकली थी।
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मोहल्ला निवासी हत्यारोपी अय्यूब पुत्र कल्लन ने रास्ते में जाते हुए बच्ची को बदनीयती से गोद में उठा लिया। आरोपी दुराचार करने के इरादे से बच्ची को लेकर मोहल्ले में पड़े खाली प्लाट के पास पहुंचा। प्लाट की चारों ओर से चार-चार फीट की दीवार बनी हुई है।
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अय्यूब ने बच्ची को दीवार पार प्लाट में उतारना चाहा, लेकिन ऊंची दीवार होने से उसने बच्ची के दोनों हाथ पकड़ कर प्लाट के अंदर छोड़ दिया। अंदर प्लाट में गिरने से मासूम को चोट लग गई, चोट लगने से वह रोने लगी थी। इसके बाद अय्यूब भी दीवार कूदकर प्लाट में चला गया। उसने रोते हुए बच्ची को चुप कराने की काफी कोशिश की। चोट लगने से बच्ची चुप नहीं हुई।
इसी बीच अचानक आंधी तूफान आ गया। उसके चुप न होने से आरोपी दुराचार करने में विफल हो गया। बच्ची अपने परिजनों को कुछ बता न दे, इसलिए हत्यारोपी ने उसकी हत्या करने की ठान ली। उसने प्लाट के अंदर पड़ी ईंट से सिर कुचलकर बच्ची की हत्या कर डाली।
हत्या करने के बाद अय्यूब शव को प्लाट में ही छोड़ कर फरार हो गया। बच्ची के घर नहीं पहुंचने पर परिजन उसे तलाश करने लगे। रात में तलाश करते समय परिजनों को बच्ची का शव प्लाट में पड़ा मिला। मृतका के पिता ने उस वक्त अज्ञात में हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने हत्यारोपी की तलाश प्रारंभ कर दी थी।
एसपी सिटी ने बताया कि पुलिस ने रविवार को दोपहर एक बजे मोहल्ला बालाजीपुरम के सामने अपने रक्तरंजित कपड़ों को गंगनहर में फेंकने जाते समय अय्यूब को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने अय्यूब को हत्या में नामजद करते हुए जेल भेज दिया है।
गुमराह करने के लिए शव को दीवार के पास डाला
हत्यारे अय्यूब ने पूछताछ में बताया कि उसने पुलिस को गुमराह करने को बच्ची का शव मकान की दीवार के पास डाल दिया था, ताकि पुलिस को ऐसा लगे कि उसकी मौत आंधी में मकान की छत से नीचे गिरने से हुई है। क्योंकि बच्ची के मकान की दीवार खाली पड़े प्लाट से मिली हुई है। बच्ची की जिस ईंट से हत्या की गई थी। खून से सनी वह ईंट पुलिस को जांच पड़ताल करने पर शव से काफी दूर पड़ी मिली थी।
हत्यारोपी ने बच्ची को लालीपॉप दिलाया
हत्यारोपी अय्यूब रास्ते में जाते समय बच्ची को गोद में उठाकर मोहल्ले के लोगों की नजरों से बचते हुए एक दुकान पर पहुंचा। दुकान से उसने मासूम को अपने पैैसों से लालीपॉप दिलवाया था। प्लाट के पास बच्ची गोद में लेकर जाते समय मोहल्ले के दो तीन युवकों ने अय्यूब को देख भी लिया था। मोहल्ले में युवकों से पूछताछ करने पर अय्यूब पर पुलिस को शक हो गया। पुलिस उसकी तलाश में लग गई थी।
खून के धब्बे मिटाने को कपड़े भी धोए
सीओ डॉ. राजीव कुमार सिंह ने बताया कि हत्या करते वक्त अय्यूब के कपड़ों पर खून के धब्बे लग गए थे। उसने घटना वाली रात को घर पहुंचकर अपने कपड़े उतारे और उनको छुपाकर रख दिया था।
शनिवार को अय्यूब ने खून के धब्बे मिटाने को अपने कपड़े खुद धोए। धोने के बाद भी खून के धब्बे नहीं छूट सके थे, इसलिए वह रविवार दोपहर को कपड़ों को गंगनहर में फेंकने जा रहा था। रास्ते में पुलिस ने कपड़ों समेत पकड़ लिया।
पुलिस टीम को दस हजार का इनाम
एसएसपी अनंत देव तिवारी ने मासूम बच्ची के हत्यारोपी को पकड़ने वाली टीम पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। हत्यारोपी को पकड़ने वाली पुलिस टीम में शामिल इंस्पेक्टर एपी भारद्वाज, एसएसआई योगेंद्र पंवार, एसआई सुनील शर्मा, एसआई केपी सिंह, कांस्टेबिल रोहित कुमार, सोहनवीर सिंह व प्रमोद कुमार को एसएसपी ने दस हजार का इनाम देने की घोषण की है।
बच्ची जैनब के हत्यारोपी को फांसी दिलाओ
खतौली। चार साल की बच्ची जैनब के हत्यारोपी के पकड़े जाने पर पीड़ित परिवार समेत मोहल्ले के लोग एकत्र होकर थाने में पहुंचे। थाने में पीड़ित परिजन रोने बिलखने लगे। पीड़ित परिजनों का रो रोकर कहना था कि हमारी बच्ची के हत्यारोपी को फांसी दिलाओ। पीड़ित परिजनों को इंस्पेक्टर एपी भारद्वाज ने सांत्वना देकर शांत किया।
मोहल्ला सद्दीकनगर निवासी मृतका चार साल की बच्ची जैनब के परिजनों को रविवार की सुबह खबर मिली कि पुलिस ने हत्यारोपी को पकड़ लिया है और थाने में उससे पूछताछ की जा रही है। परिवार के लोग को मोहल्ले वालों के साथ थाने में पहुंचे। थाने में पहुंचते ही पीड़ित परिजन रोने बिलखने लगे। परिजनों के बीच इंस्पेक्टर अंबिका प्रसाद भारद्वाज पहुंचे। पीड़ित परिजनों का कहना था कि जैनब की हत्यारोपी को सिर्फ फांसी की सजा मिले।
फांसी की सजा मिलने पर ही उनके दिल को सुकून पहुंचेगा। मोहल्ले के लोगों ने भी पुलिस से हत्यारोपी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाए जाने की मांग पुलिस से की। इंस्पेक्टर ने परिजनों को सांत्वना देते हुए कहा कि हत्यारोपी ने जिस तरह का अपराध किया है। कोर्ट से हत्यारोपी को कड़ी से कड़ी सजा अवश्य मिलेगी। इंस्पेक्टर ने परिजनों को हत्यारोपी को जेल भेजने का आश्वासन देकर वापस घर भेज दिया।