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भट्ठा कारोबारी से 30 लाख की रंगदारी मांगने वाले पकड़े
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Mon, 23 May 2016 12:12 AM IST
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पकड़े गए बदमाशों की जानकारी देते एसएसपी दीपक कुमार।
- फोटो : अमर उजाला
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एसएसपी द्वारा गठित की गई सिविल लाइन और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने चार बदमाशों को गिरफ्तार किया है। चारों बदमाश शहर के एक भट्ठा व्यवसायी से 30 लाख की रंगदारी मांग रहे थे। रंगदारी कुख्यात बदमाश के नाम से मांगे जाने की बात सामने आई है।
एसएसपी दीपक कुमार ने पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता कर बताया कि शहर के भट्ठा कारोबारी अनुराग कुच्छल से फोन पर कुछ बदमाश काफी दिनों से 30 लाख की रंगदारी मांग रहे थे। रंगदारी कुख्यात बदमाश संजीव जीवा के नाम से मांगी जा रही थी। इस मामले में सिविल लाइन थाने पर अज्ञात में मुकदमा भी दर्ज किया गया था।
बदमाशों की गिरफ्तारी को लेकर तीन टीमों का गठन किया गया। रविवार को बदमाश चोरी की टाटा सफारी कार में सवार होकर रंगदारी नहीं देने पर कारोबारी के भट्ठे पर उसे मारने के लिए गए, लेकिन उसके नहीं मिलने पर बदमाश उसकी तलाश में शहर की ओर आ गए। बझेड़ी फाटक के पास पुलिस से बदमाशों की मुठभेड़ हो गई। पुलिस ने कार में सवार चार बदमाशों को घेराबंदी कर पकड़ लिया।
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एक बदमाश मौके से फरार हो गया। एसएसपी के अनुसार पकड़े गए बदमाश कुख्यात बदमाश संजीव जीवा के नाम से कारोबारी से रंगदारी मांग रहे थे। इसकी जांच की जा रही है कि क्या ये वाकई में जीवा के साथी हैं। पकड़े गए बदमाशों में अनुज त्यागी पुत्र रविंद्र त्यागी निवासी बहेड़ी, शहर कोतवाली, रणधीर उर्फ सोनू पुत्र ओमबीर सिंह निवासी बलीपुरा थाना मीरापुर, अंकित शर्मा पुत्र आदेश शर्मा और अरुण कुमार पुुत्र पप्पू निवासीगण मलीरा शहर कोतवाली हैं।
आरोपियों के पास से दो पिस्टल 32 बोर, एक तमंचा 315 बोर और एक चोरी की टाटा सफारी कार बरामद हुई है। बताया कि बदमाशों ने हरियाणा, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में काफी घटनाओं को अंजाम दे रखा है। इनके खिलाफ अंतरराजीय रजिस्टर्ड गैंग खोलने की कार्रवाई की जाएगी।
अनुज त्यागी गैंग का लीडर है और मुख्य साजिशकर्ता भी हैं। बदमाशों को पकड़ने वाली टीम में निरीक्षक केपीएस चाहल, सिविल लाइन एसओ चंद्रकिरण यादव, दरोगा जितेंद्र शर्मा, अशोक खारी, सोनू शर्मा, अमित कुमार आदि शामिल रहे। आईजी जोन ने पुलिस पार्टी को 15 हजार रुपयों को इनाम देने की घोषणा की है।
आपराधिक इतिहास है चारों का
रंगदारी मांगने के मामले में पकड़े गए चारों बदमाशों में से तीन का आपराधिक इतिहास है। मुख्य बदमाश अनुज त्यागी पर संगीन धाराओं के पांच मुकदमे दर्ज हैं। इसने 2007 में जीवा के कहने पर हरिद्वार में हरबीर मलिक नामक व्यक्ति की हत्या की थी। रणधीर उर्फ सोनू पर भी संगीन धाराओं के नौ मुकदमे दर्ज है। इस पर 15 हजार का ईनाम भी रहा है।
इसने 2014 में हरियाणा में कुरुक्षेत्र के पीपली में पुलिस से हुई मुठभेड़ में एक दरोगा की हत्या की थी। जिसमें यह फरार चल रहा है, इस मामले में इसके एक साथी पर एक लाख का इनाम घोषित है, इसपर हरियाणा में कितने का ईनाम है, पुलिस इसकी जांच कर रही हैं। तीसरे बदमाश अंकित शर्मा पर भी चार मुकदमे दर्ज है।
गांव के चौकीदार ने दिया था बदमाशों का साथ
पुलिस द्वारा रंगदारी के मामले में पकड़े गए बदमाशों में चौथा बदमाश मलीरा का अरुण गांव का सरकारी चौकीदार है। रंगदारी के मामले में यह भी बदमाशों से मिला हुआ था। पीड़ित कारोबारी का भट्ठा मलीरा के पास ही है।
पुलिस इससे चौकीदार होने के नाते बदमाशों की लोकेशन आदि जानने का प्रयास कर रही थी और ये उल्टा पुलिस की जानकारी बदमाशों को दे रहा था। एसएसपी को चौकीदार की कारगुजारी का पता चला तो उन्होंने उसे भी जेल भेजने का आदेश पुलिस को दिए।
अपने फालोवर को बचा ले गई पुलिस
पुलिस द्वारा पकड़े गए रंगदारी मांगने वाले बदमाशों में बदमाश जिले के एक थाने के फालोवर के परिवार से है। उधर, बदमाश रंगदारी मांग रहे थे, उधर एक बदमाश फालोवर के यहां आता-जाता रहता था। पुलिस बदमाशों के पीछे लगी हुई थी, इसी बीच फालोवर के यहां बदमाश के आने की बात सामने आई।
फालोवर का एक रिश्तेदार भी पुलिस के बड़े अधिकारी के यहां काम करता है। फिलहाल पुलिस ने उसको बचा कर रखा हुआ है। इस बारे में कोई मुंह खोलने को तैयार नहीं है। एसपी सिटी संतोष कुमार मिश्रा ने फालोवर के मामले से अनभिज्ञता जाहिर की हैं।
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एसएसपी दीपक कुमार ने पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता कर बताया कि शहर के भट्ठा कारोबारी अनुराग कुच्छल से फोन पर कुछ बदमाश काफी दिनों से 30 लाख की रंगदारी मांग रहे थे। रंगदारी कुख्यात बदमाश संजीव जीवा के नाम से मांगी जा रही थी। इस मामले में सिविल लाइन थाने पर अज्ञात में मुकदमा भी दर्ज किया गया था।
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बदमाशों की गिरफ्तारी को लेकर तीन टीमों का गठन किया गया। रविवार को बदमाश चोरी की टाटा सफारी कार में सवार होकर रंगदारी नहीं देने पर कारोबारी के भट्ठे पर उसे मारने के लिए गए, लेकिन उसके नहीं मिलने पर बदमाश उसकी तलाश में शहर की ओर आ गए। बझेड़ी फाटक के पास पुलिस से बदमाशों की मुठभेड़ हो गई। पुलिस ने कार में सवार चार बदमाशों को घेराबंदी कर पकड़ लिया।
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एक बदमाश मौके से फरार हो गया। एसएसपी के अनुसार पकड़े गए बदमाश कुख्यात बदमाश संजीव जीवा के नाम से कारोबारी से रंगदारी मांग रहे थे। इसकी जांच की जा रही है कि क्या ये वाकई में जीवा के साथी हैं। पकड़े गए बदमाशों में अनुज त्यागी पुत्र रविंद्र त्यागी निवासी बहेड़ी, शहर कोतवाली, रणधीर उर्फ सोनू पुत्र ओमबीर सिंह निवासी बलीपुरा थाना मीरापुर, अंकित शर्मा पुत्र आदेश शर्मा और अरुण कुमार पुुत्र पप्पू निवासीगण मलीरा शहर कोतवाली हैं।
आरोपियों के पास से दो पिस्टल 32 बोर, एक तमंचा 315 बोर और एक चोरी की टाटा सफारी कार बरामद हुई है। बताया कि बदमाशों ने हरियाणा, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में काफी घटनाओं को अंजाम दे रखा है। इनके खिलाफ अंतरराजीय रजिस्टर्ड गैंग खोलने की कार्रवाई की जाएगी।
अनुज त्यागी गैंग का लीडर है और मुख्य साजिशकर्ता भी हैं। बदमाशों को पकड़ने वाली टीम में निरीक्षक केपीएस चाहल, सिविल लाइन एसओ चंद्रकिरण यादव, दरोगा जितेंद्र शर्मा, अशोक खारी, सोनू शर्मा, अमित कुमार आदि शामिल रहे। आईजी जोन ने पुलिस पार्टी को 15 हजार रुपयों को इनाम देने की घोषणा की है।
आपराधिक इतिहास है चारों का
रंगदारी मांगने के मामले में पकड़े गए चारों बदमाशों में से तीन का आपराधिक इतिहास है। मुख्य बदमाश अनुज त्यागी पर संगीन धाराओं के पांच मुकदमे दर्ज हैं। इसने 2007 में जीवा के कहने पर हरिद्वार में हरबीर मलिक नामक व्यक्ति की हत्या की थी। रणधीर उर्फ सोनू पर भी संगीन धाराओं के नौ मुकदमे दर्ज है। इस पर 15 हजार का ईनाम भी रहा है।
इसने 2014 में हरियाणा में कुरुक्षेत्र के पीपली में पुलिस से हुई मुठभेड़ में एक दरोगा की हत्या की थी। जिसमें यह फरार चल रहा है, इस मामले में इसके एक साथी पर एक लाख का इनाम घोषित है, इसपर हरियाणा में कितने का ईनाम है, पुलिस इसकी जांच कर रही हैं। तीसरे बदमाश अंकित शर्मा पर भी चार मुकदमे दर्ज है।
गांव के चौकीदार ने दिया था बदमाशों का साथ
पुलिस द्वारा रंगदारी के मामले में पकड़े गए बदमाशों में चौथा बदमाश मलीरा का अरुण गांव का सरकारी चौकीदार है। रंगदारी के मामले में यह भी बदमाशों से मिला हुआ था। पीड़ित कारोबारी का भट्ठा मलीरा के पास ही है।
पुलिस इससे चौकीदार होने के नाते बदमाशों की लोकेशन आदि जानने का प्रयास कर रही थी और ये उल्टा पुलिस की जानकारी बदमाशों को दे रहा था। एसएसपी को चौकीदार की कारगुजारी का पता चला तो उन्होंने उसे भी जेल भेजने का आदेश पुलिस को दिए।
अपने फालोवर को बचा ले गई पुलिस
पुलिस द्वारा पकड़े गए रंगदारी मांगने वाले बदमाशों में बदमाश जिले के एक थाने के फालोवर के परिवार से है। उधर, बदमाश रंगदारी मांग रहे थे, उधर एक बदमाश फालोवर के यहां आता-जाता रहता था। पुलिस बदमाशों के पीछे लगी हुई थी, इसी बीच फालोवर के यहां बदमाश के आने की बात सामने आई।
फालोवर का एक रिश्तेदार भी पुलिस के बड़े अधिकारी के यहां काम करता है। फिलहाल पुलिस ने उसको बचा कर रखा हुआ है। इस बारे में कोई मुंह खोलने को तैयार नहीं है। एसपी सिटी संतोष कुमार मिश्रा ने फालोवर के मामले से अनभिज्ञता जाहिर की हैं।