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करवाड़ा की पूर्व प्रधान की गोली मारकर हत्या
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर।
Updated Sun, 03 Jun 2018 12:16 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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तितावी(मुजफ्फरनगर)। गांव करवाड़ा में संपत्ति के विवाद में एक युवक ने अपनी मां की गोली मार कर हत्या कर दी। मृतका गांव की पूर्व प्रधान रही है। घटना के पीछे हत्यारोपी का अपने परिजनों से दुकान को लेकर चला आ रहा विवाद कारण बताया जा रहा है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने घटना की रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।
घटना शनिवार शाम करीब एक बजे की है। घटना के वक्त तितावी थाना क्षेत्र के गांव करवाड़ा निवासी पूर्व प्रधान शिक्षा (68) पत्नी करम सिंह अपने मंझले बेटे संदीप के साथ मकान के बाहर बनी परचून की दुकान पर बैठी थी। इसी दौरान इनका छोटा बेटा योगेश वहां पहुंचा। वह ई-रिक्शा चलाता है और काफी समय से दुकान पर बैठने की बात कर रहा था। उसका कहना था कि दुकान वह करेगा, संदीप को कुछ और काम कराओ।
इसी विवाद में योगेश ने दुकान का सामान उठा कर बाहर फेंकना शुरु कर दिया। जिसका छोटे भाई संदीप और मां शिक्षा ने विरोध किया। मामला हाथापाई तक पहुंच गया। मां शिक्षा ने भी विरोध किया तो योगेश ने तमंचा निकाला और मां के गर्दन पर तमंचा रख कर गोली मार दी। शिक्षा की मौके पर मौत हो गई।
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पूर्व प्रधान की हत्या से गांव में सनसनी फैल गई। सूचना पर तितावी पुलिस और सीओ फुगाना कालू सिंह ने मौके पर जाकर घटना की जानकारी ली। एसपी देहात अजय सहदेव भी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पिता ने बेटे के खिलाफ हत्या का नामजद मुकदमा दर्ज कराया है। एसपी देहात ने बताया कि सम्पत्ति विवाद में बेटे ने मां की गोली मार कर हत्या की है।
हत्या से पहले बेरहमी से पीटा
तितावी। करवाड़ा में मां की हत्या करने में योगेश को जरा भी दया नहीं आई। उसने मां की गर्दन पर तमंचा रखा और तुरंत गोली मार कर दी। इसके बाद बेखौफ हत्यारोपी बेटा आराम से फरार हो गया। हत्या करने से पहले योगेश ने मां शिक्षा की बेरहमी से पिटाई भी की। छोटे भाई का यह रूप देख कर मंझले भाई संदीप ने घर में छिपकर पर जान बचाई।
तितावी थाना क्षेत्र के गांव करवाड़ा में शनिवार दोपहर बेटे द्वारा मां की हत्या करने से ग्रामीण दहशत में है। शिक्षा वर्ष 1995 को गांव की प्रधान चुनी गई थी। वर्ष 2000 में शिक्षा के पति करम सिंह ग्राम प्रधान बने। शिक्षा और करन सिंह की चार बेटियां और चार बेटे हैं। सभी की शादी हो चुकी है। बेटों में राजेंद्र और देवेंद्र सेना में है।
राजेंद्र वर्तमान में दिल्ली में और देवेंद्र जबलपुर में तैनात है। मंझले बेटे संदीप को शिक्षा और करम सिंह ने मकान के बाहर ही परचून की दुकान करा दी थी, जबकि छोटा बेटा योगेश शहर में ई-रिक्शा चलाता है, जो शराब पीने का आदी भी बताया गया है।
चोरों बेटे एक ही मकान में अलग-अलग रहते हैं। संदीप की दुकान ठीक चल रही है, जबकि योगेश की कमाई ठीक नहीं हो रही थी। इसी कारण वह काफी दिनों से मां और पिता पर जोर डाल रहा था कि दुकान पर उसे बैठना है, संदीप को कुछ और काम करा दो। जिसका मां-बाप विरोध करते थे। रोजाना इसी बात को लेकर घर में विवाद हो रहा था। उधर, पुलिस का कहना है कि हत्यारोपी की तलाश में दबिश दी गई है, उसे जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
साहब योगेश को फांसी की सजा दिलाना
तितावी। शिक्षा का पति पूर्व प्रधान करम सिंह पत्नी की लाश देख कर दहाड़े मार कर फफक पड़ा। बच्चों, परिजनों और ग्रामीणों ने उसे ढांढस बंधाया। एसपी देहात अजय सहदेव के सामने हाथ जोड़ कर करम सिंह ने कहा- साहब योगेश ने बहुत बुरा किया, अपनी मां को ही मार दिया। साहब योगेश को फांसी की सजा मिलनी चाहिए।
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घटना शनिवार शाम करीब एक बजे की है। घटना के वक्त तितावी थाना क्षेत्र के गांव करवाड़ा निवासी पूर्व प्रधान शिक्षा (68) पत्नी करम सिंह अपने मंझले बेटे संदीप के साथ मकान के बाहर बनी परचून की दुकान पर बैठी थी। इसी दौरान इनका छोटा बेटा योगेश वहां पहुंचा। वह ई-रिक्शा चलाता है और काफी समय से दुकान पर बैठने की बात कर रहा था। उसका कहना था कि दुकान वह करेगा, संदीप को कुछ और काम कराओ।
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इसी विवाद में योगेश ने दुकान का सामान उठा कर बाहर फेंकना शुरु कर दिया। जिसका छोटे भाई संदीप और मां शिक्षा ने विरोध किया। मामला हाथापाई तक पहुंच गया। मां शिक्षा ने भी विरोध किया तो योगेश ने तमंचा निकाला और मां के गर्दन पर तमंचा रख कर गोली मार दी। शिक्षा की मौके पर मौत हो गई।
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पूर्व प्रधान की हत्या से गांव में सनसनी फैल गई। सूचना पर तितावी पुलिस और सीओ फुगाना कालू सिंह ने मौके पर जाकर घटना की जानकारी ली। एसपी देहात अजय सहदेव भी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पिता ने बेटे के खिलाफ हत्या का नामजद मुकदमा दर्ज कराया है। एसपी देहात ने बताया कि सम्पत्ति विवाद में बेटे ने मां की गोली मार कर हत्या की है।
हत्या से पहले बेरहमी से पीटा
तितावी। करवाड़ा में मां की हत्या करने में योगेश को जरा भी दया नहीं आई। उसने मां की गर्दन पर तमंचा रखा और तुरंत गोली मार कर दी। इसके बाद बेखौफ हत्यारोपी बेटा आराम से फरार हो गया। हत्या करने से पहले योगेश ने मां शिक्षा की बेरहमी से पिटाई भी की। छोटे भाई का यह रूप देख कर मंझले भाई संदीप ने घर में छिपकर पर जान बचाई।
तितावी थाना क्षेत्र के गांव करवाड़ा में शनिवार दोपहर बेटे द्वारा मां की हत्या करने से ग्रामीण दहशत में है। शिक्षा वर्ष 1995 को गांव की प्रधान चुनी गई थी। वर्ष 2000 में शिक्षा के पति करम सिंह ग्राम प्रधान बने। शिक्षा और करन सिंह की चार बेटियां और चार बेटे हैं। सभी की शादी हो चुकी है। बेटों में राजेंद्र और देवेंद्र सेना में है।
राजेंद्र वर्तमान में दिल्ली में और देवेंद्र जबलपुर में तैनात है। मंझले बेटे संदीप को शिक्षा और करम सिंह ने मकान के बाहर ही परचून की दुकान करा दी थी, जबकि छोटा बेटा योगेश शहर में ई-रिक्शा चलाता है, जो शराब पीने का आदी भी बताया गया है।
चोरों बेटे एक ही मकान में अलग-अलग रहते हैं। संदीप की दुकान ठीक चल रही है, जबकि योगेश की कमाई ठीक नहीं हो रही थी। इसी कारण वह काफी दिनों से मां और पिता पर जोर डाल रहा था कि दुकान पर उसे बैठना है, संदीप को कुछ और काम करा दो। जिसका मां-बाप विरोध करते थे। रोजाना इसी बात को लेकर घर में विवाद हो रहा था। उधर, पुलिस का कहना है कि हत्यारोपी की तलाश में दबिश दी गई है, उसे जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
साहब योगेश को फांसी की सजा दिलाना
तितावी। शिक्षा का पति पूर्व प्रधान करम सिंह पत्नी की लाश देख कर दहाड़े मार कर फफक पड़ा। बच्चों, परिजनों और ग्रामीणों ने उसे ढांढस बंधाया। एसपी देहात अजय सहदेव के सामने हाथ जोड़ कर करम सिंह ने कहा- साहब योगेश ने बहुत बुरा किया, अपनी मां को ही मार दिया। साहब योगेश को फांसी की सजा मिलनी चाहिए।