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फाइनेंसर की गला घोंटकर हत्या, खेत में मिला शव
मुजफ्फरनगर/अमर उजाला/ब्यूरो
Updated Sat, 06 Oct 2018 12:00 AM IST
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muder
- फोटो : अमर उजाला
भोपा। गांव तिस्सा से बृहस्पतिवार शाम से लापता फाइनेंसर की लाश शुक्रवार सुबह जौली-बेहड़ा मार्ग स्थित पानी से भरे ईख के खेत में मिलने से सनसनी फैल गई। इससे पहले बृहस्पतिवार देर रात इसी खेत के पास से युवक की बाइक भी लावारिस हालत में मिली थी। पीड़ित परिजनों ने तिस्सा निवासी बाप-बेटे पर हत्या कर लाश खेत में फेंकने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई गई है, जिनमें से बेटे को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
थाना क्षेत्र के गांव तिस्सा निवासी कालूराम उपाध्याय कई साल से हरिद्वार के बहादराबाद में परिजनों के साथ रहकर कपड़े का काम करते हैं। उनका एक बेटा विकास (38) अपनी पत्नी बबीता, बेटी प्रियांशी व परी और बेटे प्रिंस के साथ गांव तिस्सा में ही रहकर फाइनेंस का काम करता है। बृहस्पतिवार शाम विकास संदिग्ध हालात में लापता हो गया। देर रात तक विकास के घर नहीं लौटने पर परिजनों ने पुलिस कंट्रोल रूम को उसकी गुमशुदगी की सूचना देते हुए उसकी तलाश शुरू कर दी।
विकास के परिजन भी हरिद्वार से गांव में लौट आए, जिसके बाद पुलिस के साथ मिलकर विकास की तलाश में कांबिंग की गई, लेकिन उसका पता नहीं चला। देर रात जौली-बेहड़ा मार्ग पर विकास की बाइक लावारिस पड़ी मिली, जिसे सूचना पर पहुंचे जौली चौकी प्रभारी गुरुबचन सिंह ने कब्जे में ले लिया। शुक्रवार सुबह विकास के पिता कालूराम ने ग्रामीणों के साथ जौली-बेहड़ा मार्ग पर उसकी तलाश शुरू की। इस दौरान पानी से भरे एक ईख के खेत में विकास की लाश मिली, जिसकी सूचना तत्काल पुलिस को दी गई।
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पीड़ित पिता कालूराम ने मामले में तहरीर देकर बताया कि बृहस्पतिवार रात गांव में शराब के ठेके पर विकास की गांव के ही कलीराम व उसके बेटे अरुण के साथ कहासुनी हो गई थी। इसके बाद दोनों पिता-पुत्र विकास को उसी की बाइक पर बैठाकर जौली-बेहड़ा मार्ग पर ले गए, जहां उन्होंने विकास की
गला दबाकर हत्या करने के बाद लाश को ईख के खेत में फेंक दिया।
इंस्पेक्टर यतेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर आरोपी पिता-पुत्र के खिलाफ हत्या की एफआईआर दर्ज कर आरोपी अरुण को गिरफ्तार कर लिया है। पीएम रिपोर्ट आने के बाद विकास की मौत की सही वजह की जानकारी मिलेगी। वहीं गांव तिस्सा निवासी फाइनेंसर विकास की मौत से पिता कालूराम व पत्नी बबीता के साथ ही मां सुरेश देवी व भाइयों का रोते-रोते बुरा हाल है।
गंगनहर में फेंकना चाहते थे लाश
भोपा। जौली-बेहड़ा मार्ग पर जिस जगह विकास की लाश मिली, वहां से गंगनहर कुछ ही दूरी पर है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि हत्यारोपी विकास की लाश को गंगनहर में फेंकना चाहते थे, लेकिन किसी कारणवश वे उसे खेत में ही फेंककर भाग खड़े हुए। ग्रामीणों का आरोप है कि बृहस्पतिवार देर रात विकास की बाइक लावारिस देख उन्होंने पुलिस कंट्रोल रूम को फोन किया, लेकिन कई बार कॉल करने के बावजूद फोन रिसीव ही नहीं हुआ।
कलीराम ने दी थी हत्या की धमकी
भोपा। गांव तिस्सा निवासी फाइनेंसर विकास के पिता कालूराम ने तहरीर देकर बताया कि बृहस्पतिवार शाम ही कलीराम ने उन्हें फोन कर बेटे विकास की हत्या करने की धमकी दी थी। इसे उन्होंने गंभीरता से नहीं लिया, लेकिन जब देर रात विकास की पत्नी ने उसके लापता होने की सूचना दी तो वे अनहोनी के डर से रात में ही हरिद्वार से गांव लौट आए। यहां आकर शुक्रवार सुबह उनका डर सच साबित हुआ, जब विकास की लाश खेत से बरामद हुई। अब कालूराम बेटे के हत्यारों को हर हाल में सजा दिलाने की बात कह रहे हैं।
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थाना क्षेत्र के गांव तिस्सा निवासी कालूराम उपाध्याय कई साल से हरिद्वार के बहादराबाद में परिजनों के साथ रहकर कपड़े का काम करते हैं। उनका एक बेटा विकास (38) अपनी पत्नी बबीता, बेटी प्रियांशी व परी और बेटे प्रिंस के साथ गांव तिस्सा में ही रहकर फाइनेंस का काम करता है। बृहस्पतिवार शाम विकास संदिग्ध हालात में लापता हो गया। देर रात तक विकास के घर नहीं लौटने पर परिजनों ने पुलिस कंट्रोल रूम को उसकी गुमशुदगी की सूचना देते हुए उसकी तलाश शुरू कर दी।
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विकास के परिजन भी हरिद्वार से गांव में लौट आए, जिसके बाद पुलिस के साथ मिलकर विकास की तलाश में कांबिंग की गई, लेकिन उसका पता नहीं चला। देर रात जौली-बेहड़ा मार्ग पर विकास की बाइक लावारिस पड़ी मिली, जिसे सूचना पर पहुंचे जौली चौकी प्रभारी गुरुबचन सिंह ने कब्जे में ले लिया। शुक्रवार सुबह विकास के पिता कालूराम ने ग्रामीणों के साथ जौली-बेहड़ा मार्ग पर उसकी तलाश शुरू की। इस दौरान पानी से भरे एक ईख के खेत में विकास की लाश मिली, जिसकी सूचना तत्काल पुलिस को दी गई।
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पीड़ित पिता कालूराम ने मामले में तहरीर देकर बताया कि बृहस्पतिवार रात गांव में शराब के ठेके पर विकास की गांव के ही कलीराम व उसके बेटे अरुण के साथ कहासुनी हो गई थी। इसके बाद दोनों पिता-पुत्र विकास को उसी की बाइक पर बैठाकर जौली-बेहड़ा मार्ग पर ले गए, जहां उन्होंने विकास की
गला दबाकर हत्या करने के बाद लाश को ईख के खेत में फेंक दिया।
इंस्पेक्टर यतेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर आरोपी पिता-पुत्र के खिलाफ हत्या की एफआईआर दर्ज कर आरोपी अरुण को गिरफ्तार कर लिया है। पीएम रिपोर्ट आने के बाद विकास की मौत की सही वजह की जानकारी मिलेगी। वहीं गांव तिस्सा निवासी फाइनेंसर विकास की मौत से पिता कालूराम व पत्नी बबीता के साथ ही मां सुरेश देवी व भाइयों का रोते-रोते बुरा हाल है।
गंगनहर में फेंकना चाहते थे लाश
भोपा। जौली-बेहड़ा मार्ग पर जिस जगह विकास की लाश मिली, वहां से गंगनहर कुछ ही दूरी पर है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि हत्यारोपी विकास की लाश को गंगनहर में फेंकना चाहते थे, लेकिन किसी कारणवश वे उसे खेत में ही फेंककर भाग खड़े हुए। ग्रामीणों का आरोप है कि बृहस्पतिवार देर रात विकास की बाइक लावारिस देख उन्होंने पुलिस कंट्रोल रूम को फोन किया, लेकिन कई बार कॉल करने के बावजूद फोन रिसीव ही नहीं हुआ।
कलीराम ने दी थी हत्या की धमकी
भोपा। गांव तिस्सा निवासी फाइनेंसर विकास के पिता कालूराम ने तहरीर देकर बताया कि बृहस्पतिवार शाम ही कलीराम ने उन्हें फोन कर बेटे विकास की हत्या करने की धमकी दी थी। इसे उन्होंने गंभीरता से नहीं लिया, लेकिन जब देर रात विकास की पत्नी ने उसके लापता होने की सूचना दी तो वे अनहोनी के डर से रात में ही हरिद्वार से गांव लौट आए। यहां आकर शुक्रवार सुबह उनका डर सच साबित हुआ, जब विकास की लाश खेत से बरामद हुई। अब कालूराम बेटे के हत्यारों को हर हाल में सजा दिलाने की बात कह रहे हैं।