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12वीं कक्षा में फेल होने पर छात्रा ने जान दी
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Tue, 30 May 2017 12:31 AM IST
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suicide
सीबीएसई की बारहवीं की परीक्षा में फेल होने से परेशान छात्रा ने घर में ही जहर खाकर आत्महत्या कर ली। छात्रा की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। छात्रा की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों द्वारा कार्रवाई नहीं करने की बात कहने पर पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया।
शहर कोतवाली के गांव निवासी छात्रा ने इस वर्ष 12वीं की परीक्षा दी थी। रविवार सुबह रिजल्ट आया तो पता चला कि वह फेल हो गई है। फेल होने का पता चलते ही छात्रा गुमशुम हो गई और स्वयं को घर में कैद कर लिया। अचानक छात्रा ने खुद को खत्म करने का निर्णय लिया और घर में रखी कीटनाशक दवाई खा ली। तबियत खराब हुई तो परिजनों को घटना का पता चला। आनन-फानन मे परिजन छात्रा को लेकर भोपा रोड स्थित नर्सिंगहोम लेकर पहुंचे, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
छात्रा की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। सूचना पर शहर कोतवाली पुलिस भी हॉस्पिटल पहुंच गई। परिजनों ने पुलिस को लिखकर दिया कि वह कोई कार्रवाई नहीं चाहते। बाद में पुलिस ने छात्रा के शव को परिजनों को सौंप दिया। छात्रा की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने गमगीन माहौल में छात्रा का अंतिम संस्कार कर दिया।
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डीएवी डिग्री कॉलेज के पूर्व विभागाध्यक्ष एवं प्रमुख समाजशास्त्री डॉ कलम सिंह का कहना है कि बच्चों से जरूरत से अधिक अपेक्षा नहीं करनी चाहिए। कभी-कभी सोच के अनुरूप परिणाम नहीं आने से बच्चा हताश हो जाता है। ऐसे में परिजनों की जिम्मेदारी है कि वे उसको प्रताड़ित न करें। उसके साथ मित्रवत व्यवहार करें। समाज में इज्जत के नाम पर भी ऐसी घटनाएं हो जाती हैं।
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शहर कोतवाली के गांव निवासी छात्रा ने इस वर्ष 12वीं की परीक्षा दी थी। रविवार सुबह रिजल्ट आया तो पता चला कि वह फेल हो गई है। फेल होने का पता चलते ही छात्रा गुमशुम हो गई और स्वयं को घर में कैद कर लिया। अचानक छात्रा ने खुद को खत्म करने का निर्णय लिया और घर में रखी कीटनाशक दवाई खा ली। तबियत खराब हुई तो परिजनों को घटना का पता चला। आनन-फानन मे परिजन छात्रा को लेकर भोपा रोड स्थित नर्सिंगहोम लेकर पहुंचे, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
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छात्रा की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। सूचना पर शहर कोतवाली पुलिस भी हॉस्पिटल पहुंच गई। परिजनों ने पुलिस को लिखकर दिया कि वह कोई कार्रवाई नहीं चाहते। बाद में पुलिस ने छात्रा के शव को परिजनों को सौंप दिया। छात्रा की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने गमगीन माहौल में छात्रा का अंतिम संस्कार कर दिया।
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डीएवी डिग्री कॉलेज के पूर्व विभागाध्यक्ष एवं प्रमुख समाजशास्त्री डॉ कलम सिंह का कहना है कि बच्चों से जरूरत से अधिक अपेक्षा नहीं करनी चाहिए। कभी-कभी सोच के अनुरूप परिणाम नहीं आने से बच्चा हताश हो जाता है। ऐसे में परिजनों की जिम्मेदारी है कि वे उसको प्रताड़ित न करें। उसके साथ मित्रवत व्यवहार करें। समाज में इज्जत के नाम पर भी ऐसी घटनाएं हो जाती हैं।