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किसान की बरामदगी के भाकियू ने किया प्रदर्शन 

Wed, 03 Aug 2016 12:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर Updated Wed, 03 Aug 2016 12:25 AM IST
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Farmers should be recovered
डीएम दफ्तर पर धरना देते भाकियू कार्यकर्ता। - फोटो : अमर उजाला
अकबरगढ़ से लापता किसान का दस दिन बाद भी पुलिस कोई सुराग नहीं लगा पाई है।  किसान की सकुशल बरामदगी को लेकर भाकियू कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को डीएम ऑफिस पर बेमियादी धरना शुरू कर दिया है। पुलिस कार्रवाई से आहत किसानों ने लापता किसान की सकुशल बरामदगी की मांग की है। किसानों के धरने को लेकर प्रशासन में अफरातफरी का माहौल रहा।
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चरथावल के अकबरगढ़ किसान सत्यप्रकाश (45) किराए पर ट्रैक्टर चलाता था। बेटे दिनेश के मुताबिक 23 जुलाई को चरथावल निवासी नौशाद  देवबंद से रामपुर तिराहे पर सामान ले जाने की बात कहकर ट्रैक्टर भाड़े पर ले गया था। उस दिन से आज तक दोनों का कुछ पता नहीं है। पुलिस लगातार पीड़ित परिवार को किसान के सकुशल बरामद करने का दिलासा देती आ रही है। पुलिस के सारे आश्वासन कोरे साबित होने पर मंगलवार को भाकियू नेता विकास शर्मा के नेतृत्व में किसानों ने डीएम ऑफिस पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया।
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भाकियू नेता विकास शर्मा ने बताया कि 27 जुलाई को गांव में हुई पंचायत में एसएसपी ने खुद मौके पर पहुंचकर जल्द ही किसान को बरामद करने की बात कही  थी। दस दिन बीत जाने के बाद भी सत्यप्रकाश का कुछ अता-पता नहीं है। आरोप लगाया कि पुलिस मामले में लापरवाही बरत रही है। ग्रामीण चरथावल पुलिस से खफा नजर आए। भाकियू के धरने को लेकर पुलिस प्रशासन में अफरातफरी का माहौल है। 
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बागोवाली में खाया था शातिरों ने मुर्गा 
अकबरगढ़ के किसान सत्यप्रकाश के लापता होने का रहस्य गहराता जा रहा है। उसके मोबाइल की अंतिम लोकेशन नईमंडी के बागोवाली गांव में मिली है। इस गांव से एक युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। मामले में चिह्नित किए गए दो आरोपियों का पुलिस तमाम कोशिशों के बावजूद कोई सुराग नहीं लगा पाई है। 

अकबरगढ़ के किसान सत्यप्रकाश के अपहरण की पहले से ही तैयारी थी। प्लानिंग के तहत देवबंद का एक शातिर अपने साथियों के साथ 23 जुलाई को सत्यप्रकाश के पास भाड़े के बहाने आया था। सूत्रों के मुताबिक सत्यप्रकाश ने सामान के लिए ट्राली नहीं होने की बात कही तो शातिरों ने उससे कहा कि ट्रॉली वह न्यामू गांव से अपने परिचित की दिला देंगे। किसान के घर नहीं पहुंचने पर उसकी खोजबीन शुरू हुई, शुरुआत में पुलिस ने भी मामले को हल्के में लिया। बाद में किसानों में गुस्सा बढ़ने पर पुलिस हरकत में आई। किसान के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाली गई। अंतिम लोकेशन नईमंडी के गांव बागोवाली की निकली।


सूत्रों के अनुसार बागोवाली में पुलिस ने काफी खोजबीन की। एक संदिग्ध युवक को भी हिरासत में लिया। पूछताछ में युवक ने यह स्वीकार किया कि दो शातिरों ने उसे पांच हजार रुपये देकर मुर्गा बनवाया था। किसान के बारे में जानकारी होने से उसने इंकार किया है। युवक से पूछताछ के आधार पर जिन शातिरों की पहचान हुई है, उनमें से एक देवबंद के पास जडौदा जट गांव का है, जबकि दूसरा छपार का रहने वाला है। दोनों ही आरोपी अपनी बीवी और बच्चों समेत गायब हो गए हैं। पुलिस ने जडौदा जट के आरोपी के पिता को पूछताछ के लिए करनाल से उठाया है। 
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