फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   Court summons 11 policemen

अदालत ने 11 हत्यारोपी पुलिसकर्मियों को किया तलब

Thu, 20 Dec 2018 12:24 AM IST
Deepak Kausik अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर Published by: Deepak Kausik Updated Thu, 20 Dec 2018 12:24 AM IST
विज्ञापन
Court summons 11 policemen
अपने वकील के साथ अमजद की मां। - फोटो : अमर उजाला
करीब ग्यारह साल पहले रतनपुरी क्षेत्र में हुए अमजद एनकाउंटर मामले में सीजेएम कोर्ट ने मृतक की मां की ओर से दायर हत्या की इस्तगासा को स्वीकार कर लिया है। अदालत ने एनकाउंटर में शामिल 11 पुलिसकर्मियों को तलब किया है। इसके लिए 25 जनवरी 2019 की तारीख निर्धारित की गई है। 11 हत्यारोपी पुलिसकर्मियों में से एक की मौत हो चुकी है।
विज्ञापन


रतनपुरी, भौराकलां पुलिस और एंटी एक्सटॉर्शन सेल ने तीन फरवरी 2007 को रतनपुरी थाना क्षेत्र में रामपुर चौराहे पर हरिद्वार जिले के मंगलौर थाना क्षेत्र के गांव बिजौली निवासी युवक अमजद पुत्र खालिद पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था। आरोप था कि वह भौराकलां क्षेत्र से बाइक लूट कर भाग रहा था। इस मामले में अमजद की मां अख्तरी ने दो फरवरी 2007 को ही राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को फैक्स किया गया था, जिसमें उसने रतनपुरी पुलिस द्वारा उसके पुत्र अमजद को एक फरवरी 2007 की रात्रि में घर से उठा कर ले जाना बताया था।
विज्ञापन


साथ ही उसने प्रधानमंत्री को भी पत्र भेज कर न्याय की गुहार लगाई थी। अमजद की मां ने सीजेएम कोर्ट में भी आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या की इस्तगासा दायर की थी। मृतक की मां अख्तरी के अधिवक्ता फैजयाब खान ने बताया कि कोर्ट ने हत्या की इस्तगासा को स्वीकार कर लिया है। कोर्ट ने एनकाउंटर में शामिल रहे 11 हत्यारोपी पुलिसकर्मियों को तलब किया है। इसके लिए 25 जनवरी 2019 की तारीख नियत की है।  
विज्ञापन
विज्ञापन


ये पुलिसकर्मी शामिल थे मुठभेड़ में
मुजफ्फरनगर। तीन फरवरी 2007 में रतनपुरी के रामपुर चौराहे पर हुई अमजद मुठभेड़ में तत्कालीन निरीक्षक एंटी एक्सटॉर्शन सेल इकबालुज्जमां खान, कांस्टेबल नसीम अहमद, कांस्टेबल अशोक कुमार, कांस्टेबल मीर हसन, तत्कालीन एसओ रतनपुरी डॉ प्रवीण कुमार, कांस्टेबल मैयादीन सिंह, कांस्टेबल ब्रजपाल, कांस्टेबल सोहनवीर, चालक कांस्टेबल जसबीर सिंह, तत्कालीन एसओ भौराकलां सुधीर पाल धामा, एचसीपी अमीर सिंह शामिल रहे थे।

इस मुठभेड़ का मुकदमा डॉ प्रवीण कुमार द्वारा रतनपुरी थाने पर दर्ज कराया गया था। डॉ प्रवीण कुमार की गत वर्ष मृत्यु हो चुकी है। निरीक्षक इकबालुज्जमां खान सीओ के पद से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। मीर हसन एसआई है, जो सहारनपुर जिले में तैनात है। अशोक कुमार को छोड़ कर बाकी पुलिस कर्मी अन्य जिलों में तैनात है।


मानवाधिकार आयोग ने भी एनकाउंटर को फर्जी बताया था
मुजफ्फरनगर। मानवाधिकार आयोग ने अपनी जांच में इस मुठभेड़ को फर्जी करार दिया था। आयोग की रिपोर्ट पर  शासन ने पुलिस मुख्यालय इलाहाबाद के एडीजीपी को पत्र लिखकर पीड़ित के परिजनों को पांच लाख रुपये की अंतरिम सहायता दिए जाने तथा सहायता की राशि दोषी पुलिसकर्मियों पर वसूली का दंड अधिरोपित करके उनसे वसूले जाने के आदेश दिए हैं। शासन के अनुपालन में डीएम की ओर से आठ माह पहले अप्रैल माह में मृतक अमजद की मां अख्तरी को पांच लाख रुपये की अंतिरम सहायता का चेक दिया गया था। 
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed