फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   Conflict in district jail

जिला कारागार में संघर्ष, एक कैदी की मौत 

Sat, 25 Jun 2016 12:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर Updated Sat, 25 Jun 2016 12:15 AM IST
विज्ञापन
Conflict in district jail
जेल में संघर्ष के बाद माैके पर पहुंची पुलिस। - फोटो : अमर उजाला
वर्चस्व को लेकर जिला कारागार एक बार फिर जंग का मैदान बन गई। बृहस्पतिवार देर रात जेल में बंदियों और कैदियों के बीच जमकर संघर्ष हुआ, जिसमें एक सजायाफ्ता कैदी को गंभीर चोट आई। हॉस्पिटल पहुंचने पर उसकी मौत हो गई, जबकि  एक बंदी गंभीर रूप से घायल हो गया।
विज्ञापन


शुक्रवार सुबह कैदी की मौत की खबर पाकर बंदियों और कैदियों ने जमकर हंगामा किया। डिप्टी जेलर को भागकर जान बचानी पड़ी। घटना की सूचना पर पुलिस प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। डीआईजी जेल वीके शेखर को भी मौके पर आना पड़ा।
विज्ञापन


कैदी की मौत के मामले की गूंज लखनऊ तक जा पहुंची। प्रदेश के कारागार मंत्री बलवंत सिंह रामूवालिया ने भी जेल अधिकारियों से इस बाबत जानकारी ली। उधर, घायल बंदी की ओर से चार हमलावर बंदियों के खिलाफ तहरीर दी गई, जिस पर नई मंडी कोतवाली पुलिस ने चारों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या और 44 बंदी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


जिला कारागार की बैरक नंबर आठ में बंद हत्या के मामले मेें उम्रकैद की सजा पाए कैदी चंद्रहास (38) पुत्र बाबू निवासी दूधली चरथावल की बृहस्पतिवार रात खाने में मिली दाल को लेकर इसी बैरक में बंदी वहलना निवासी सचिन के साथ कहासुनी हो गई। कुछ देर बाद कहासुनी मारपीट में बदल गई। जिसमें उनके बीच जमकर मारपीट हुई।

झगड़े की सूचना पर बंदी रक्षकों ने चंद्रहास और उसके साथ बंदी बिट्टू पुत्र रामकुमार निवासी सिमरती छपार को बाहर निकाल लिया। आरोप है कि बंदी रक्षकों ने उनके साथ मारपीट की और बाद में दोनों को बैरक नंबर तीन में बंद कर दिया। रात्रि करीब दस बजे बैरक तीन में भी खूब झगड़ा हुआ। बंदियों के हमले में चंद्रहास अचेत हो गया और बिट्टू भी घायल हो गया। कैदी के अचेत होने पर जेल अफसरों में अफरातफरी मच गई। उसे जेल के चिकित्सक चंद्रगुप्त को दिखाया और तुरंत ही रात्रि 10.55 बजे जिला चिकित्सालय में ले जाकर भर्ती कराया गया।

वहां डाक्टरों ने गंभीर हालत में उसे तत्काल मेरठ रेफर कर दिया। मेरठ मेडिकल कॉलेज में रात्रि 1.45 पर कैदी चंद्रहास ने दम तोड़ दिया। जेल के अधिकारियों ने रात्रि में ही उसके परिजनों को उसकी मौत की खबर दे दी। इधर, शुक्रवार सुबह कैदी की मौत की खबर पाकर जिला कारागार के बंदियों और कैदियों में आक्रोश फैल गया। उन्होंने कैदी चंद्रहास की मौत का जिम्मेदार जेल अधिकारियों को ठहराते हुए खूब हंगामा कर नारेबाजी की।

खाना लेने से मना करते हुए बंदियों ने अनशन की घोषणा कर दी। हंगामा होने पर डिप्टी जेलर नागेश सिंह उनके बीच पहुंचे तो बंदियों ने उन्हें भी घेर लिया, जिस पर उन्हें जान बचाकर भागना पड़ा। बाद में सिटी मजिस्ट्रेट राजेंद्र सिंह, सीओ सिटी डॉ तेजवीर सिंह, सीओ मंडी अरुण कुमार भारी पुलिस बल लेकर कारागार पहुंचे और बंदियों को समझा-बुझाकर शांत किया।

दुपहर को डीआईजी जेल वीके शेखर ने यहां पहुंचकर घटना की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने बताया कि बंदियों की पिटाई से कैदी चंद्रहास की मौत हुई है। इस संबंध में दूसरे घायल बंदी की ओर से हमलावर चार बंदियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है।


पूरे मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं। बताते चलें कि कैदी चंद्रहास वर्ष 2006 से जिला कारागार में बंद था। वह वर्ष 2004 में सहारनपुर में हुए तिहरे हत्याकांड में उसे उम्रकैद की सजा हुई थी। चंद्रहास के खिलाफ हत्या, जानलेवा हमला, गुंडा एक्ट समेत कई मामले दर्ज थे। 
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed