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युवक पर शैक्षिक प्रमाणपत्र चोरी कर दुरुपयोग करने का आरोप

Sun, 08 Jul 2018 12:42 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर।
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर। Updated Sun, 08 Jul 2018 12:42 AM IST
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Charges of misuse of educational certificate on youth
crime - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खतौली। खतौली के गांव गंगधाड़ी निवासी छात्र शुभम पुत्र विनोद कुमार ने पुलिस को तहरीर देकर शामली जिले के हमनाम युवक पर इंटरनेट के जरिये उसके शैक्षिक प्रमाणपत्र चोरी कर उनको ऑनलाइन पुलिस भर्ती के आवेदन में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है।
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पीड़ित छात्र का दावा है कि शामली जिले के गांव मखमूलपुर के शुभम ने उसके नाम का फायदा उठाते हुए यूपी पुलिस में कांस्टेबल पद पर भर्ती हो गया है। पीड़ित छात्र ने बताया कि पुलिस एकेडमी से शैक्षिक प्रमाण पत्रों के वेरिफिकेशन की रिपोर्ट स्कूल से मांगी गई, तो उसे शैक्षिक प्रमाण पत्रों के दुरुपयोग का पता चला। पुलिस के मुताबिक इस मामले की अभी जांच होना बाकी है। जांच के बाद ही सच्चाई सामने आएगी।       
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खतौली के गांव गंगधाड़ी निवासी बीएससी कंप्यूटर साइंस के छात्र शुभम पुत्र विनोद कुमार ने पुलिस को तहरीर देकर न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित छात्र शुभम ने बताया कि गंगधाड़ी के जनता इंटर कालेज से हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। शुभम ने बताया कि उसने वर्ष 2015 में पुलिस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। उसका आरोप है कि विभाग की ओर से उसे इस बार मेडिकल परीक्षा और दौड़ होने के बारे में जानकारी नहीं दी गई। इससे उसका चयन नहीं हुआ। इस बीच उनके पिता विनोद कुमार के पास 29 जून को कॉलेज से एक क्लर्क आया।
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उसने जानकारी दी कि आपके बेटे का कांस्टेबल पद पर चयन हो गया है। उसके शैक्षिक प्रमाण पत्रों के सत्यापन की रिपोर्ट कॉलेज को भेजकर मांगी गई है। उसके पिता ने क्लर्क को अवगत कराया कि मेरे बेटे ने मेडिकल और दौड़ में हिस्सा नहीं लिया है।
उसने अपने बेटे से पूरे मामले से अवगत कराते हुए जानकारी की। इस पर शुभम को शक हुआ तो उसने नेट के जरिये अपने नाम से पुलिस मेें भर्ती के सभी कागजातों को निकलवाया। इस पर पता चला कि उसके नाम से जिला शामली के थाना कांधला के गांव मखमूलपुर का हमनाम शुभम पुलिस में भर्ती हो गया है। शुभम ने बताया कि स्कूल से पूरे मामले की जानकारी की।

वहीं, इसके अलावा इस पर पता चला कि शुभम के शैक्षिक प्रमाण पत्र तो मैच कर रहे हैं, लेकिन जिस शुभम का पुलिस में चयन हुआ है, उसका पता गांव मखमूलपुर का है। हालांकि इस पूरे मामले की जानकारी पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड लखनऊ को नहीं है।

जांच के बाद पता चलेगा
खतौली इंस्पेक्टर एपी भारद्वाज ने बताया कि शामली के युवक का पुलिस कांस्टेबल की भर्ती होने का मामला प्रकाश में आया है। इसकी जानकारी उन्होंने शामली में पुलिस भर्ती बोर्ड से संबंधित पुलिस कर्मचारियों को दे दी है। यूपी   पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति
बोर्ड लखनऊ से जांच होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

रजिस्ट्रेशन नंबर भी अलग अलग                   
गंगधाड़ी के शुभम ने बताया कि वर्ष 2015 में पुलिस में भर्ती होने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था, जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर 10204935529 है। उसका आरोप है कि जिला शामली निवासी वाले शुभम ने हमनाम होने का फायदा उठाते हुए आवेदन किया था, जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर 10211135579 है। इंटरनेट से लिए गए कागजातों से उसको यह जानकारी मिली। शुभम ने इसकी शिकायत प्रदेश के डीजीपी, यूपी पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड लखनऊ सहित अन्य पुलिस अधिकारियों को भेजकर न्याय की गुहार लगाई है।    

मखमूलपुर का शुभम , मैंने कुछ गलत नहीं किया
शामली। कांधला क्षेत्र के गांव मखमूलपुर निवासी शुभम ने खतौली के गांव गंगधाड़ी निवासी छात्र के आरोपों के संबंध में कहा कि उसने कोई जालसाजी नहीं की है। शुभम ने बताया कि जनता इंटर कॉलेज गंगधाड़ी से उसने 2012 में हाईस्कूल और 2014 में इंटरमीडिएट की। बड़ौत स्थित जैन डिग्री कॉलेज से बीए की पढ़ाई की। शुभम के पिता विनोद की पूर्व में मृत्यु हो चुकी है।


वेरिफिकेशन रिपोर्ट मांगी थी
गंगधाड़ी के जनता इंटर कालेज के प्रधानाचार्य रामनिवास शर्मा ने बताया कि गाजियाबाद एसएसपी के यहां से उनके स्कूल में शिक्षा ग्रहण करने वाले गंगधाड़ी के शुभम पुत्र विनोद कुमार के शैक्षिक प्रमाण पत्रों की वेरिफिकेशन की रिपोर्ट मांगी गई थी। जांच में पता चला कि उस शुभम के घर का पता गंगधाड़ी का नहीं था, बल्कि किसी और गांव का नाम लिखा था। इसकी रिपोर्ट तैयार करके एसएसपी गाजियाबाद कार्यालय को भेज दी गई।




 
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