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बुढ़ाना बसपा प्रत्याशी अगवा, नेशनल हाईवे जाम
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Wed, 13 Jul 2016 12:50 AM IST
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बुढ़ाना के बसपा प्रत्याशी मोहम्मद आरिफ।
- फोटो : अमर उजाला
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बुढ़ाना बसपा प्रत्याशी मोहम्मद आरिफ जौला का मंगलवार शाम कंकरखेड़ा बाईपास से अपहरण हो गया। लावारिस हालत में डाबका गांव के पास उनकी स्कॉर्पियो गाड़ी खड़ी मिली। प्रत्याशी के अपहरण की जानकारी लगते ही बसपा कार्यकर्ता भी पहुंच गए, और नेशनल हाईवे जाम कर दिया। इस दौरान बसपा कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच हाथापाई हो गई। देर रात तक प्रत्याशी का सुराग नहीं लगा।
मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना थानाक्षेत्र के जौला गांव निवासी मोहम्मद आरिफ जौला पुत्र हाजी हनीस बुढ़ाना से बसपा से प्रत्याशी हैं। आरिफ दो दिन से दिल्ली में थे। उन्होंने मंगलवार दोपहर अपनी पत्नी से फोन करके कहा कि मैं दो बजे तक घर पहुंच जाऊंगा। आरिफ के इंतजार में उनका साला साजिद निवासी मेरठ दोपहर करीब 2:30 बजे से कंकरखेड़ा फ्लाईओवर पर खड़ा था।
शाम पांच बजे तक आरिफ नहीं पहुंचे तो साजिद ने उनके परिवार को जानकारी दी। इसके बाद आरिफ के परिजन और बसपा कार्यकर्ता कंकरखेड़ा हाईवे पर पहुंच गए और उनकी तलाश शुरू कर दी। बताया गया कि आरिफ के पास 15 लाख रुपये थे। शाम करीब सात बजे आरिफ की स्कॉर्पियो गाड़ी लावारिस हालत में कंकरखेड़ा बाईपास स्थित डाबका गांव के पास सड़क किनारे मिली। परिजनों और बसपा कार्यकर्ताओं ने आरिफ के अपहरण होने का आरोप लगाते हुए हंगामा करना शुरू कर दिया।
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15 मिनट रहा हाईवे जाम
बसपा कैंट प्रत्याशी सतेंद्र सोलंकी भी अपने कार्यकर्ताओं के साथ आरिफ के अपहरण की जानकारी लगते ही कंकरखेड़ा बाईपास पर पहुंचे। बसपा कार्यकर्ताओं और पीड़ित परिवार के लोगों ने हाईवे जाम कर आरिफ की बरामदगी की मांग शुरू कर दी। करीब 15 मिनट हाईवे जाम होने पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जैसे-तैसे कर लोगों को समझाकर जाम खुलवाया।
पुलिस से हुई हाथापाई
बसपा कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि आरिफ के अपहरण के मामले में पुलिस-प्रशासन गंभीर नहीं है। तीन घंटे तक पीड़ित परिवार और बसपा कार्यकर्ता खुद ही आरिफ को तलाशते रहे। लेकिन पुलिस ने उनकी कोई मदद नहीं की। जाम खुलवाने पहुंची पुलिस से बसपा कार्यकर्ताओं की हाथापाई हो गई।
रोहटा रोड पर मिली लोकेशन
पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने बसपा प्रत्याशी के फोन को तत्काल सर्विलांस पर लगाया। पुलिस का दावा है कि उनके फोन की अंतिम लोकेशन रोहटा रोड पर मिली है। जिसके आधार पर पुलिस ने रोहटा रोड पर कई जगहों पर दबिश और चेकिंग अभियान भी चलाया। लेकिन आरिफ का सुराग नहीं लगा।
पाकिस्तान और दुबई तक है आरिफ का कारोबार
मेरठ से अपहृत बसपा प्रत्याशी आरिफ जौला की खबर जैसे ही उनके गांव पहुंची, परिवार में कोहराम मच गया। उनके परिचितों का घर पर तांता लग गया। आरिफ बड़े कारोबारी हैं। चीन से इंपोर्ट स्पोर्ट्स और जिम के सामान की पाकिस्तान और दुबई में सप्लाई का कारोबार है। उनकी पत्नी और बच्चे दिल्ली में रहते हैं। गांव में सिर्फ माता-पिता हैं। बसपा से टिकट घोषित होने के बाद उनकी क्षेत्र में आवाजाही बढ़ गई थी।
मोहम्मद आरिफ के जौला स्थित घर पर मंगलवार शाम अपहरण की सूचना पहुंची। परिजनों को एकबारगी विश्वास नहीं हुआ। मेरठ के कंकरखेड़ा में संपर्क किया गया। आरिफ के करीबी घटना की मालुमात के लिए मेरठ रवाना हो गए। उनके घर पर आसपास के लोगों का तांता लग गया। आरिफ अपने परिवार के साथ दिल्ली के द्वारिकापुरी में रहते हैं। बुढ़ाना के गांव जौला में उनका पैतृक मकान है, जिसमें उनके बुजुर्ग पिता हनीफ और मां अफरोजी रहते हैं। आरिफ हनीफ के इकलौते बेटे हैं, उनके अलावा तीन और बेटियां हैं।
पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक आरिफ 7-8 साल पहले ही कारोबार के सिलसिले में दिल्ली शिफ्ट हो गए थे। उन्होंने नुमाइश आदि लगाने के ठेके लेने शुरू किए। इसके बाद उन्होंने चीन से स्पोर्ट्स और जिम से जुड़े सामान को आयात करने काम शुरू किया। यह सामान को वह पाकिस्तान और दुबई में सप्लाई करते हैं। इस धंधे में आरिफ का कारोबार दिन-रात बढ़ने लगा।
गांव में उनकी मकान को छोड़कर कोई विशेष संपत्ति नहीं है। दौलत कमाने के बाद आरिफ से शोहरत हासिल करने के लिए राजनीति में कदम बढ़ाया। पिछले दिनों शामली में बसपा नेता नसीमुद्दीन सिद्दकी ने उन्हें बुढ़ाना विधानसभा सीट से प्रत्याशी घोषित कर दिया। प्रत्याशी घोषित होने से पहले क्षेत्र के अधिकतर लोग आरिफ से अनजान थे। उनके परिवार का सियासत से कभी कोई लेना-देना नहीं रहा। टिकट घोषित होने के बाद से आरिफ की क्षेत्र में आवाजाही बढ़ गई।
नईम का टिकट काटकर प्रत्याशी बने हैं आरिफ
बसपा ने बुढ़ाना विधानसभा क्षेत्र से सबसे पहले कसबे के मोहम्मद नईम को अपना प्रत्याशी घोषित किया था। नईम का मेरठ में ठेकेदारी का कारोबार है। नईम भी सियासत में हाथ आजमाना चाहते थे, लेकिन ऐन वक्त पर उनका टिकट काट दिया गया। प्रत्याशी बदलने की घोषणा पिछले दिनों शामली की एक सभा में बसपा नेता नसीमुद्दीन सिद्दकी ने की थी।
बाद में दो जुलाई को आरिफ जौला के निमंत्रण पर नसीमुद्दीन इफ्तार पार्टी में बुढ़ाना आए और आरिफ को बतौर प्रत्याशी पेश करते हुए उन्हें चुनाव लड़ाने की बात कही थी। पार्टी के टिकट कटने के फैसले से नईम हताश तो नजर आए, लेकिन बाद में पार्टी ने उन्हें समझा-बुझाकर सहमत कर लिया। एसपी क्राइम प्रदीप गुप्ता के मुताबिक आरिफ के अपहरण की जानकारी पुलिस को नहीं दी गई है। वह अपने स्तर से मामले की तहकीकात में जुटे हैं।
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मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना थानाक्षेत्र के जौला गांव निवासी मोहम्मद आरिफ जौला पुत्र हाजी हनीस बुढ़ाना से बसपा से प्रत्याशी हैं। आरिफ दो दिन से दिल्ली में थे। उन्होंने मंगलवार दोपहर अपनी पत्नी से फोन करके कहा कि मैं दो बजे तक घर पहुंच जाऊंगा। आरिफ के इंतजार में उनका साला साजिद निवासी मेरठ दोपहर करीब 2:30 बजे से कंकरखेड़ा फ्लाईओवर पर खड़ा था।
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शाम पांच बजे तक आरिफ नहीं पहुंचे तो साजिद ने उनके परिवार को जानकारी दी। इसके बाद आरिफ के परिजन और बसपा कार्यकर्ता कंकरखेड़ा हाईवे पर पहुंच गए और उनकी तलाश शुरू कर दी। बताया गया कि आरिफ के पास 15 लाख रुपये थे। शाम करीब सात बजे आरिफ की स्कॉर्पियो गाड़ी लावारिस हालत में कंकरखेड़ा बाईपास स्थित डाबका गांव के पास सड़क किनारे मिली। परिजनों और बसपा कार्यकर्ताओं ने आरिफ के अपहरण होने का आरोप लगाते हुए हंगामा करना शुरू कर दिया।
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15 मिनट रहा हाईवे जाम
बसपा कैंट प्रत्याशी सतेंद्र सोलंकी भी अपने कार्यकर्ताओं के साथ आरिफ के अपहरण की जानकारी लगते ही कंकरखेड़ा बाईपास पर पहुंचे। बसपा कार्यकर्ताओं और पीड़ित परिवार के लोगों ने हाईवे जाम कर आरिफ की बरामदगी की मांग शुरू कर दी। करीब 15 मिनट हाईवे जाम होने पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जैसे-तैसे कर लोगों को समझाकर जाम खुलवाया।
पुलिस से हुई हाथापाई
बसपा कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि आरिफ के अपहरण के मामले में पुलिस-प्रशासन गंभीर नहीं है। तीन घंटे तक पीड़ित परिवार और बसपा कार्यकर्ता खुद ही आरिफ को तलाशते रहे। लेकिन पुलिस ने उनकी कोई मदद नहीं की। जाम खुलवाने पहुंची पुलिस से बसपा कार्यकर्ताओं की हाथापाई हो गई।
रोहटा रोड पर मिली लोकेशन
पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने बसपा प्रत्याशी के फोन को तत्काल सर्विलांस पर लगाया। पुलिस का दावा है कि उनके फोन की अंतिम लोकेशन रोहटा रोड पर मिली है। जिसके आधार पर पुलिस ने रोहटा रोड पर कई जगहों पर दबिश और चेकिंग अभियान भी चलाया। लेकिन आरिफ का सुराग नहीं लगा।
पाकिस्तान और दुबई तक है आरिफ का कारोबार
मेरठ से अपहृत बसपा प्रत्याशी आरिफ जौला की खबर जैसे ही उनके गांव पहुंची, परिवार में कोहराम मच गया। उनके परिचितों का घर पर तांता लग गया। आरिफ बड़े कारोबारी हैं। चीन से इंपोर्ट स्पोर्ट्स और जिम के सामान की पाकिस्तान और दुबई में सप्लाई का कारोबार है। उनकी पत्नी और बच्चे दिल्ली में रहते हैं। गांव में सिर्फ माता-पिता हैं। बसपा से टिकट घोषित होने के बाद उनकी क्षेत्र में आवाजाही बढ़ गई थी।
मोहम्मद आरिफ के जौला स्थित घर पर मंगलवार शाम अपहरण की सूचना पहुंची। परिजनों को एकबारगी विश्वास नहीं हुआ। मेरठ के कंकरखेड़ा में संपर्क किया गया। आरिफ के करीबी घटना की मालुमात के लिए मेरठ रवाना हो गए। उनके घर पर आसपास के लोगों का तांता लग गया। आरिफ अपने परिवार के साथ दिल्ली के द्वारिकापुरी में रहते हैं। बुढ़ाना के गांव जौला में उनका पैतृक मकान है, जिसमें उनके बुजुर्ग पिता हनीफ और मां अफरोजी रहते हैं। आरिफ हनीफ के इकलौते बेटे हैं, उनके अलावा तीन और बेटियां हैं।
पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक आरिफ 7-8 साल पहले ही कारोबार के सिलसिले में दिल्ली शिफ्ट हो गए थे। उन्होंने नुमाइश आदि लगाने के ठेके लेने शुरू किए। इसके बाद उन्होंने चीन से स्पोर्ट्स और जिम से जुड़े सामान को आयात करने काम शुरू किया। यह सामान को वह पाकिस्तान और दुबई में सप्लाई करते हैं। इस धंधे में आरिफ का कारोबार दिन-रात बढ़ने लगा।
गांव में उनकी मकान को छोड़कर कोई विशेष संपत्ति नहीं है। दौलत कमाने के बाद आरिफ से शोहरत हासिल करने के लिए राजनीति में कदम बढ़ाया। पिछले दिनों शामली में बसपा नेता नसीमुद्दीन सिद्दकी ने उन्हें बुढ़ाना विधानसभा सीट से प्रत्याशी घोषित कर दिया। प्रत्याशी घोषित होने से पहले क्षेत्र के अधिकतर लोग आरिफ से अनजान थे। उनके परिवार का सियासत से कभी कोई लेना-देना नहीं रहा। टिकट घोषित होने के बाद से आरिफ की क्षेत्र में आवाजाही बढ़ गई।
नईम का टिकट काटकर प्रत्याशी बने हैं आरिफ
बसपा ने बुढ़ाना विधानसभा क्षेत्र से सबसे पहले कसबे के मोहम्मद नईम को अपना प्रत्याशी घोषित किया था। नईम का मेरठ में ठेकेदारी का कारोबार है। नईम भी सियासत में हाथ आजमाना चाहते थे, लेकिन ऐन वक्त पर उनका टिकट काट दिया गया। प्रत्याशी बदलने की घोषणा पिछले दिनों शामली की एक सभा में बसपा नेता नसीमुद्दीन सिद्दकी ने की थी।
बाद में दो जुलाई को आरिफ जौला के निमंत्रण पर नसीमुद्दीन इफ्तार पार्टी में बुढ़ाना आए और आरिफ को बतौर प्रत्याशी पेश करते हुए उन्हें चुनाव लड़ाने की बात कही थी। पार्टी के टिकट कटने के फैसले से नईम हताश तो नजर आए, लेकिन बाद में पार्टी ने उन्हें समझा-बुझाकर सहमत कर लिया। एसपी क्राइम प्रदीप गुप्ता के मुताबिक आरिफ के अपहरण की जानकारी पुलिस को नहीं दी गई है। वह अपने स्तर से मामले की तहकीकात में जुटे हैं।