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हत्या के प्रयास में चाचा भतीजे को 7 साल कैद
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Tue, 09 Aug 2016 12:43 AM IST
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कोर्ट
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एडीजे-16 की कोर्ट ने हत्या के प्रयास के मामले में चाचा भतीजे को सात वर्ष के कारावास और 22-22 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माने की आधी रकम पीड़ित को देने का आदेश भी दिया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार थाना भोपा पर क्षेत्र के गांव निरगाजनी निवासी पाल सिंह ने गांव के ही कर्मचन्द व कर्मवीर पुत्रगण आशाराम व जोनी पुत्र कर्मचन्द के खिलाफ हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज कराया था। रिपोर्ट बताया था कि आरोपी नशेड़ी किस्म के इंसान हैं, जो आए दिन लोगों को शराब के नशे में गाली-गलौज और झगड़ा करते हैं।
26 मार्च 2005 को जब उसका भाई प्रेम सिंह अपने घर में बैठा था, तभी अभियुक्त कर्मचन्द, कर्मवीर तथा जोनी आए और उसके भाई को गाली-गलौज करने लगे। जान लेने की नियत से उसके भाई के पेट में चाकू घोंप दिया। जिससे प्रेम सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया था। यह मुकदमा एडीजे-16 रविन्द्र कुमार की अदालत में सुना गया। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता जितेंद्र कुमार त्यागी ने कोर्ट में 7 गवाह और सुबूत पेश किए।
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न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद कर्मवीर व जोनी को हत्या का प्रयास करने के जुर्म में दोषी पाया। सोमवार को कोर्ट ने अपना निर्णय सुनाया, जिसमें दोनों को 307 /34 के तहत 7 वर्ष का कारावास व 15 हजार रुपया जुर्माना, धारा 504 के तहत एक वर्ष का कारावास व 2 हजार रुपया जुर्माना, धारा 506 के तहत 3 वर्ष का कारावास व 5 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना की आधी रकम घायल प्रेम सिंह को देने के आदेश भी दिए हैं। अभियुक्त कर्मचन्द की मुकदमा सुनवाई के दौरान मौत हो गई थी।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार थाना भोपा पर क्षेत्र के गांव निरगाजनी निवासी पाल सिंह ने गांव के ही कर्मचन्द व कर्मवीर पुत्रगण आशाराम व जोनी पुत्र कर्मचन्द के खिलाफ हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज कराया था। रिपोर्ट बताया था कि आरोपी नशेड़ी किस्म के इंसान हैं, जो आए दिन लोगों को शराब के नशे में गाली-गलौज और झगड़ा करते हैं।
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26 मार्च 2005 को जब उसका भाई प्रेम सिंह अपने घर में बैठा था, तभी अभियुक्त कर्मचन्द, कर्मवीर तथा जोनी आए और उसके भाई को गाली-गलौज करने लगे। जान लेने की नियत से उसके भाई के पेट में चाकू घोंप दिया। जिससे प्रेम सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया था। यह मुकदमा एडीजे-16 रविन्द्र कुमार की अदालत में सुना गया। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता जितेंद्र कुमार त्यागी ने कोर्ट में 7 गवाह और सुबूत पेश किए।
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न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद कर्मवीर व जोनी को हत्या का प्रयास करने के जुर्म में दोषी पाया। सोमवार को कोर्ट ने अपना निर्णय सुनाया, जिसमें दोनों को 307 /34 के तहत 7 वर्ष का कारावास व 15 हजार रुपया जुर्माना, धारा 504 के तहत एक वर्ष का कारावास व 2 हजार रुपया जुर्माना, धारा 506 के तहत 3 वर्ष का कारावास व 5 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना की आधी रकम घायल प्रेम सिंह को देने के आदेश भी दिए हैं। अभियुक्त कर्मचन्द की मुकदमा सुनवाई के दौरान मौत हो गई थी।