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अस्पताल से आशा ने ही चुराया था नवजात, नि:संतान दंपति के हवाले कर दिया था बच्चा
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Sat, 28 Oct 2017 12:40 AM IST
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बरामद किए गए बच्चे के साथ पुलिसकर्मी।
- फोटो : अमर उजाला
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शाहपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से चोरी हुआ नवजात शिशु को पुलिस ने बरामद कर लिया है। नवजात को आशा चुराकर ले गई थी, जिसने बच्चे को अस्पताल के बाहर एक नि:संतान दंपति के हवाले कर दिया था। बृहस्पतिवार की देर रात पुलिस ने आशा के घर दबिश देकर उसे हिरासत में ले लिया। कड़ाई से पूछताछ की गई तो पूरा माजरा सामने आ गया। आशा की निशानदेही पर बच्चा बरामद हो गया, जिसे परिजनों के हवाले कर दिया गया है।
बृहस्पतिवार तड़के करीब साढ़े छह बजे शाहपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के वार्ड से कसेरवा गांव की खुर्शीदा की गोद से महिला नवजात शिशु को चोरी कर ले गई थी। इससे सीएचसी और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। नवजात के पिता इरफान ने शाहपुर थाने पर अज्ञात में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस की प्रारंभिक जांच में मंडावली खादर की आशा राजकुमारी पर संदेह हुआ, तो गहनता से पड़ताल की गई। बृहस्पतिवार की देर रात करीब साढ़े 12 बजे पुलिस ने मंडावली खादर में आशा राजकुमारी को गिरफ्तार कर पूछताछ की।
उसकी निशानदेही पर नवजात बरामद हो गया। आशा ने ही अस्पताल से नवजात को चोरी किया था। पुलिस पूछताछ में आशा ने बताया कि बच्चे को एक नि:संतान दंपति के हवाले किया गया था। शोर मचने पर दंपति बच्चे को छोड़कर फरार हो गए। थाना प्रभारी बृजेश प्रताप सिंह यादव ने बताया कि बच्चे के बेचने और खरीदने के मामले की जांच की जा रही है। आशा राजकुमारी को गिरफ्तार कर लिया गया है। दंपति कहां का रहने वाला है और शाहपुर में कैसे पहुंचा, इसकी भी जांच की जा रही है।
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आशा पर कार्रवाई की गाज गिरेगी
मुजफ्फरनगर। आशा पर विभागीय स्तर पर कार्रवाई के लिए स्वास्थ्य विभाग ने हाथ खड़े कर दिए हैं। आशा पर कार्रवाई के लिए ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सचिव को कहा गया है। सीएमओ डॉ पीएस मिश्रा ने बताया कि बच्चा बरामद कर लिया गया है। हालांकि आशा उनके विभाग की कर्मचारी नहीं होती है। ग्राम प्रधान, सचिव स्तर से आशा को रखा जाता है। वही कार्रवाई करने के लिए बाध्य है।
खुर्शीदा की डिलीवरी पर थी निगाह
मुजफ्फरनगर। पुलिस के मुताबिक आशा राजकुमारी पहले से ही खुर्शीदा की डिलीवरी पर निगाह रखे हुए थी। उसे बच्चे को चुराना था, जिसके लिए वह बिना किसी अनुमति के अस्पताल में रुकी और रातभर इसी फिराक में लगी रही। मगर, उसकी चाल सुबह के समय कामयाब हो गई। परिजनों के वार्ड से बाहर जाते ही आशा बच्चे को लेकर गायब हो गई।
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बृहस्पतिवार तड़के करीब साढ़े छह बजे शाहपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के वार्ड से कसेरवा गांव की खुर्शीदा की गोद से महिला नवजात शिशु को चोरी कर ले गई थी। इससे सीएचसी और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। नवजात के पिता इरफान ने शाहपुर थाने पर अज्ञात में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस की प्रारंभिक जांच में मंडावली खादर की आशा राजकुमारी पर संदेह हुआ, तो गहनता से पड़ताल की गई। बृहस्पतिवार की देर रात करीब साढ़े 12 बजे पुलिस ने मंडावली खादर में आशा राजकुमारी को गिरफ्तार कर पूछताछ की।
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उसकी निशानदेही पर नवजात बरामद हो गया। आशा ने ही अस्पताल से नवजात को चोरी किया था। पुलिस पूछताछ में आशा ने बताया कि बच्चे को एक नि:संतान दंपति के हवाले किया गया था। शोर मचने पर दंपति बच्चे को छोड़कर फरार हो गए। थाना प्रभारी बृजेश प्रताप सिंह यादव ने बताया कि बच्चे के बेचने और खरीदने के मामले की जांच की जा रही है। आशा राजकुमारी को गिरफ्तार कर लिया गया है। दंपति कहां का रहने वाला है और शाहपुर में कैसे पहुंचा, इसकी भी जांच की जा रही है।
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आशा पर कार्रवाई की गाज गिरेगी
मुजफ्फरनगर। आशा पर विभागीय स्तर पर कार्रवाई के लिए स्वास्थ्य विभाग ने हाथ खड़े कर दिए हैं। आशा पर कार्रवाई के लिए ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सचिव को कहा गया है। सीएमओ डॉ पीएस मिश्रा ने बताया कि बच्चा बरामद कर लिया गया है। हालांकि आशा उनके विभाग की कर्मचारी नहीं होती है। ग्राम प्रधान, सचिव स्तर से आशा को रखा जाता है। वही कार्रवाई करने के लिए बाध्य है।
खुर्शीदा की डिलीवरी पर थी निगाह
मुजफ्फरनगर। पुलिस के मुताबिक आशा राजकुमारी पहले से ही खुर्शीदा की डिलीवरी पर निगाह रखे हुए थी। उसे बच्चे को चुराना था, जिसके लिए वह बिना किसी अनुमति के अस्पताल में रुकी और रातभर इसी फिराक में लगी रही। मगर, उसकी चाल सुबह के समय कामयाब हो गई। परिजनों के वार्ड से बाहर जाते ही आशा बच्चे को लेकर गायब हो गई।