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सुशील मूंछ को घेरने में जुटी पुलिस, जीव-जंतु संरक्षण अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज 

Thu, 22 Feb 2018 11:46 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर Updated Thu, 22 Feb 2018 11:46 PM IST
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Another lawsuit on the humble mustache
सुशील मूंछ के मकान का गेट तोड़ते पुलिसकर्मी। - फोटो : अमर उजाला
माफिया सरगना सुशील मूंछ को घेरने की तैयारी हो रही है। पुलिस प्रशासन ने मूंछ के खिलाफ जिस तरह कुर्की की कार्रवाई की है, ऐसा उस दौर में भी नहीं हुआ जब उस पर एक लाख का इनाम घोषित था। प्रदेश में योगी सरकार आते ही मूंछ पर पुलिस की नजरें टेढ़ी हो गई हैं। कुर्की के दौरान घर में हिरण के सींग और मुखौटा मिलने पर मूंछ और उसके बेटे के खिलाफ वन्य जीव जंतु संरक्षण अधिनियम के तहत एक और मुकदमा दर्ज किया गया है। 
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मेरठ के परतापुर के सोहरखा डबल मर्डर में साजिश रचने में सुशील मूंछ एक बार फिर चर्चाओं में है। यह किसी से छिपा नहीं है कि रंजिश और प्रॉपर्टी के मामलों को निपटाने के लिए मथेड़ी में प्रधानजी का दरबार लगता रहा है। मेरठ के परतापुर थाना क्षेत्र के गांव सोहरखा की रंजिश में भी समझौता तय करने को मथेड़ी में पंचायत बैठी थी, मगर महिला निछत्तर कौर और उसके बेटे बलविंदर की हत्या ने मूंछ को फिर से सुर्खियों में ला दिया।
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मेरठ पुलिस ने डबल मर्डर की साजिश रचने के आरोपी मूंछ के घर की कुर्की की है। हैरत की बात यह है कि जब उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था, तब भी पुलिस उस पर शिकंजा नहीं कस पाई थी। यह सूबे की सरकार बदलने का ही असर है कि पुलिस अपराधियों पर नकेल कसने में कोई गुरेज नहीं कर रही। लगभग चार दशक से अपराध की दुनिया में सक्रिय सुशील मूंछ को आज तक उसके खिलाफ दर्ज किसी मुकदमे में कोई सजा नहीं मिली है।
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वर्ष 2012 में एफटीएफ ने उसे जयपुर से गिरफ्तार किया था। करीब डेढ़ साल जेल में रहने के बाद उसे जमानत मिल गई। विवादित जमीनों पर मूंछ का हस्तक्षेप भी सामने आता रहा है। शहर कोतवाली में ऐसा ही एक मामला 10 अगस्त 2017 में दर्ज कराया गया था, जिसमें गाजियाबाद निवासी नमिता ने भूषण, रोहित आदि पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर भूमि कब्जाने का आरोप लगाया।

पुलिस जांच में मूंछ का नाम सामने आया तो मुकदमे में उसे भी 120बी का मुजरिम बनाया गया। पुलिस इस मुकदमे में सुशील मूंछ के खिलाफ कोर्ट से गैर जमानती वारंट हासिल कर चुकी है। फिलहाल मूंछ और उसके बेटे पर 25-25 हजार का ईनाम घोषित है। बुधवार को उसके बेटे टोनी ने पौड़ी गढ़वाल की कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। 

बाप-बेटे के खिलाफ  दर्ज हुआ मुकदमा 
रतनपुरी। बुधवार को मेरठ पुलिस की ओर से सुशील मूंछ के मकान की कुर्की की गई थी। इस दौरान पुलिस को मूंछ के ड्राइंग रूम में शोपीस के रूप में लगा हिरण के सींगों सहित एक मुखौटा बरामद हुआ था। रतनपुरी थानाध्यक्ष वीरेंद्र कसाना ने बताया कि परतापुर थाना प्रभारी की ओर से रतनपुरी थाने में सुशील मूंछ पुत्र चंद्रपाल सिंह और उसके बेटे मंजीत उर्फ टोनी के विरुद्ध वन्य जीव जंतु संरक्षण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है। 

दवा विक्रेता से मूंछ के रिश्तेदार ने मांगी रंगदारी
माफिया सरगना सुशील मूंछ के रिश्तेदार ने अग्रवाल मार्केट में दवा विक्रेता से एक लाख रुपये की रंगदारी मांगी है। रंगदारी नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी है। एसएसपी के आदेश पर सिविल लाइन पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ रंगदारी मांगने का मुकदमा दर्ज किया है। 

दक्षिणी सिविल लाइन नविासी अमित वत्स पुत्र गणेशी लाल ने यह मुकदमा दर्ज कराया। अमित ने बताया कि वह अग्रवाल मार्केट में दवाइयों का होलसेल का कारोबार करता है। आरोप है कि भोपा थाना क्षेत्र के गांव करहेड़ा निवासी योगेंद्र पुत्र बाबूराम अपने एक साथी के साथ मंगलवार को उसकी दुकान पर आया और खुद को सुशील मूंछ का ममेरा भाई बताते हुए उससे एक लाख रुपये की रंगदारी मांगी।


आरोप है कि रंगदारी नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी। धमकी के कारण व्यापारी और उसके परिजनों में दहशत का माहौल है। सिविल लाइन पुलिस ने इस संबंध में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। 
 
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