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डाकघर में 25 लाख रुपए के गबन की फिर से जांच
Updated Sat, 17 Mar 2018 12:32 AM IST
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खतौली।
डाकघर में 25 लाख रुपये के गबन की फिर से जांच शुरू हुई है। 17 साल पूर्व डाकघर में लाखों रुपयों का गबन पकड़ा गया था। जिसमें पोस्ट मास्टर समेत नौ कर्मचारी जेल भी गए थे। विभाग की ओर से इस गबन की फिर से जांच पड़ताल कराई जा रही है। पुलिस ने गोपनीय तरीके से जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
वर्ष 2000 में डाकघर के अधिकारियों और कर्मचारियों ने किसान विकास पत्रों में फर्जीवाड़ा करके करीब 25 लाख रुपये गबन कर लिया था। इसका खुलासा नोएडा में लाखों रुपयों के गबन से हुआ था। नोएडा के बाद विभागीय टीम ने खतौली डाकघर में छापा मारा था। यहां पर टीम ने 25 लाख रुपये का गबन का मामला पकड़ा था। उस वक्त तत्कालीन पोस्ट मास्टर श्याम दास समेत नौ कर्मचारी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया गया था और इनको जेल भी जाना पड़ा था। विभागीय कार्रवाई ने पोस्टमास्टर और कर्मचारियों को नौकरी से सस्पेंड भी कर दिया गया था। विभाग की ओर से फिर से इस गबन की जांच पड़ताल कराई जा रही है। विभाग की ओर से पुलिस को जांच सौंपी गई है। पुलिस इस संबंध में डाकघर के कर्मचारियों से कई बार पूछताछ कर चुकी है। उस वक्त के एक या दो कर्मचारी ही डाकघर में तैनात है। जांच अधिकारी का कहना है कि यह मामला बेहद गोपनीय है। पूरे प्रकरण की जांच कर इसकी रिपोर्ट अधिकारियों को भेजी जाएगी।
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डाकघर में 25 लाख रुपये के गबन की फिर से जांच शुरू हुई है। 17 साल पूर्व डाकघर में लाखों रुपयों का गबन पकड़ा गया था। जिसमें पोस्ट मास्टर समेत नौ कर्मचारी जेल भी गए थे। विभाग की ओर से इस गबन की फिर से जांच पड़ताल कराई जा रही है। पुलिस ने गोपनीय तरीके से जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
वर्ष 2000 में डाकघर के अधिकारियों और कर्मचारियों ने किसान विकास पत्रों में फर्जीवाड़ा करके करीब 25 लाख रुपये गबन कर लिया था। इसका खुलासा नोएडा में लाखों रुपयों के गबन से हुआ था। नोएडा के बाद विभागीय टीम ने खतौली डाकघर में छापा मारा था। यहां पर टीम ने 25 लाख रुपये का गबन का मामला पकड़ा था। उस वक्त तत्कालीन पोस्ट मास्टर श्याम दास समेत नौ कर्मचारी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया गया था और इनको जेल भी जाना पड़ा था। विभागीय कार्रवाई ने पोस्टमास्टर और कर्मचारियों को नौकरी से सस्पेंड भी कर दिया गया था। विभाग की ओर से फिर से इस गबन की जांच पड़ताल कराई जा रही है। विभाग की ओर से पुलिस को जांच सौंपी गई है। पुलिस इस संबंध में डाकघर के कर्मचारियों से कई बार पूछताछ कर चुकी है। उस वक्त के एक या दो कर्मचारी ही डाकघर में तैनात है। जांच अधिकारी का कहना है कि यह मामला बेहद गोपनीय है। पूरे प्रकरण की जांच कर इसकी रिपोर्ट अधिकारियों को भेजी जाएगी।
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