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भलवा में पंचायत को लेकर दिनभर रहा सतर्क प्रशासन
Updated Sun, 03 Jun 2018 12:13 AM IST
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कड़ी सुरक्षा के कारण नहीं हो सकी पंचायत
जानसठ (मुजफ्फरनगर)। गांव भलवा में दलित समाज की युवती को बरामद करने की मांग को लेकर होने वाली पंचायत को लेकर प्रशासन सतर्क रहा। पुलिस अधिकारी सुबह से ही गांव के बाहर कई थानों की पुलिस व पीएसी बल के साथ डेरा डाले हुए थे। गांव में पंचायत न होने पर पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली।
गांव भलवा से 23 मई को दलित समाज की एक युवती को दूसरे संप्रदाय का युवक लेकर फरार हो गया था। युवती के पिता ने गांव के ही 7 लोगों के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। युवती के बरामद नहीं होने से ग्रामीणों में रोष व्याप्त था। ग्रामीणों ने गांव में पंचायत कर पुलिस प्रशासन को दो जून का समय दिया था। युवती के बरामद नहीं होने को लेकर शनिवार में गांव में पंचायत करने का एलान किया था। पंचायत को लेकर पुलिस प्रशासन ने पहले से ही कड़ी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर योजना बना रखी थी। शनिवार को पंचायत को लेकर सीओ एसकेएस प्रताप ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर शनिवार को सुबह से ही इंस्पेक्टर प्रेमवीर राणा, एसएसआई मनोज कुमार यादव के साथ गांव में जानसठ, ककरौली, मीरापुर, सिखेड़ा आदि कई थानों की पुलिस व पीएसी बल तैनात कर दी। फायर ब्रिगेड के कर्मी गांव के रास्ते पर मुस्तैद रहे। गांव में सीओ ने पुलिस व पीएसी बल के साथ गश्त कर सुरक्षा पर नजर रखे हुए थे। गांव में भारी पुलिस व पीएसी बल तैनात होने के कारण गांव में सन्नाटा पसरा हुआ था। शनिवार को दोपहर तक पंचायत नहीं होने पर पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली है। दलित ग्रामीणों का कहना है कि गांव में पंचायत कर पुलिस प्रशासन को दो जून की रात तक का समय युवती को बरामद करने के लिए दिया था। सीओ एसकेएस प्रताप का कहना है कि युवती को शीघ्र ही बरामद कर लिया जाएगा। गांव में सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस व पीएसी बल गांव में तैनात किया गया है। फिलहाल गांव कोई तनाव नहीं है, शांति का माहौल है।
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जानसठ (मुजफ्फरनगर)। गांव भलवा में दलित समाज की युवती को बरामद करने की मांग को लेकर होने वाली पंचायत को लेकर प्रशासन सतर्क रहा। पुलिस अधिकारी सुबह से ही गांव के बाहर कई थानों की पुलिस व पीएसी बल के साथ डेरा डाले हुए थे। गांव में पंचायत न होने पर पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली।
गांव भलवा से 23 मई को दलित समाज की एक युवती को दूसरे संप्रदाय का युवक लेकर फरार हो गया था। युवती के पिता ने गांव के ही 7 लोगों के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। युवती के बरामद नहीं होने से ग्रामीणों में रोष व्याप्त था। ग्रामीणों ने गांव में पंचायत कर पुलिस प्रशासन को दो जून का समय दिया था। युवती के बरामद नहीं होने को लेकर शनिवार में गांव में पंचायत करने का एलान किया था। पंचायत को लेकर पुलिस प्रशासन ने पहले से ही कड़ी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर योजना बना रखी थी। शनिवार को पंचायत को लेकर सीओ एसकेएस प्रताप ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर शनिवार को सुबह से ही इंस्पेक्टर प्रेमवीर राणा, एसएसआई मनोज कुमार यादव के साथ गांव में जानसठ, ककरौली, मीरापुर, सिखेड़ा आदि कई थानों की पुलिस व पीएसी बल तैनात कर दी। फायर ब्रिगेड के कर्मी गांव के रास्ते पर मुस्तैद रहे। गांव में सीओ ने पुलिस व पीएसी बल के साथ गश्त कर सुरक्षा पर नजर रखे हुए थे। गांव में भारी पुलिस व पीएसी बल तैनात होने के कारण गांव में सन्नाटा पसरा हुआ था। शनिवार को दोपहर तक पंचायत नहीं होने पर पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली है। दलित ग्रामीणों का कहना है कि गांव में पंचायत कर पुलिस प्रशासन को दो जून की रात तक का समय युवती को बरामद करने के लिए दिया था। सीओ एसकेएस प्रताप का कहना है कि युवती को शीघ्र ही बरामद कर लिया जाएगा। गांव में सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस व पीएसी बल गांव में तैनात किया गया है। फिलहाल गांव कोई तनाव नहीं है, शांति का माहौल है।
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