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खाकी की लापरवाही से हुई असबाब की हत्या
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खाकी की लापरवाही से हुई असबाब की हत्या
मुजफ्फरनगर। खतौली में हुई दूधिया असबाब की हत्या पुलिस की लापरवाही से हुई है। करीब तीन माह से उसे हत्या की धमकी दी जा रही थी, जिसकी शिकायत पुलिस से की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।
शहर के टाउन हॉल रोड स्थित रेस्टोरेंट में सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया के प्रदेशाध्यक्ष मोहम्मद कामिल ने बृहस्पतिवार दोपहर प्रेसवार्ता करते हुए बताया कि खेड़ीतगान गांव निवासी दूधिया असबाब के दो भाइयों नवाब व शाहिद की दंगे के दौरान हत्या कर दी गई थी। दोनों भाइयों की हत्या में प्रमुख गवाह व वादी असबाब ही था, जिसे करीब तीन माह से लगातार गवाही से हटने अन्यथा हत्या किए जाने की धमकियां दी जा रहीं थीं। मोहम्मद कामिल ने बताया कि धमकियां मिलने की शिकायत पुलिस से की गई, लेकिन पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं लिया, जिसके चलते बेगुनाह असबाब को अपनी जान गंवानी पड़ी। आरोप लगाया कि पीड़ित परिवार की तरफ से असबाब हत्याकांड में जो तहरीर दी गई, उसे पुलिस ने अपने हिसाब से बदलते हुए अज्ञात में रिपोर्ट दर्ज की। इससे हौसला बुलंद हत्यारोपी अब भी पीड़ित परिवार को मुकदमे वापस लेने की धमकी दे रहे हैं और पुलिस है कि सीसीटीवी में कैद होने के बावजूद चार दिन बाद भी आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफल नहीं हो सकी है। उन्होंने असबाब के आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी नहीं होने पर पुलिस अफसरों का घेराव करने की चेतावनी दी। इस मौके पर फरमान अली, सैय्यद अली, सोमेंद्र एडवोकेट, राशिद मलिक, आमिर राना और आबिद अली एडवोकेट आदि मौजूद रहे।
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मुजफ्फरनगर। खतौली में हुई दूधिया असबाब की हत्या पुलिस की लापरवाही से हुई है। करीब तीन माह से उसे हत्या की धमकी दी जा रही थी, जिसकी शिकायत पुलिस से की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।
शहर के टाउन हॉल रोड स्थित रेस्टोरेंट में सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया के प्रदेशाध्यक्ष मोहम्मद कामिल ने बृहस्पतिवार दोपहर प्रेसवार्ता करते हुए बताया कि खेड़ीतगान गांव निवासी दूधिया असबाब के दो भाइयों नवाब व शाहिद की दंगे के दौरान हत्या कर दी गई थी। दोनों भाइयों की हत्या में प्रमुख गवाह व वादी असबाब ही था, जिसे करीब तीन माह से लगातार गवाही से हटने अन्यथा हत्या किए जाने की धमकियां दी जा रहीं थीं। मोहम्मद कामिल ने बताया कि धमकियां मिलने की शिकायत पुलिस से की गई, लेकिन पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं लिया, जिसके चलते बेगुनाह असबाब को अपनी जान गंवानी पड़ी। आरोप लगाया कि पीड़ित परिवार की तरफ से असबाब हत्याकांड में जो तहरीर दी गई, उसे पुलिस ने अपने हिसाब से बदलते हुए अज्ञात में रिपोर्ट दर्ज की। इससे हौसला बुलंद हत्यारोपी अब भी पीड़ित परिवार को मुकदमे वापस लेने की धमकी दे रहे हैं और पुलिस है कि सीसीटीवी में कैद होने के बावजूद चार दिन बाद भी आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफल नहीं हो सकी है। उन्होंने असबाब के आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी नहीं होने पर पुलिस अफसरों का घेराव करने की चेतावनी दी। इस मौके पर फरमान अली, सैय्यद अली, सोमेंद्र एडवोकेट, राशिद मलिक, आमिर राना और आबिद अली एडवोकेट आदि मौजूद रहे।
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