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गैर इरादतन कत्ल में दो लोगों को सजा
Updated Sun, 06 Aug 2017 02:08 AM IST
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गैरइरादतन कत्ल में दो अभियुक्तों को दस वर्ष की सजा
मुजफ्फरनगर। अदालत ने युवक की गैरइरादतन हत्या करने वाले दो अभियुक्तों को दस-दस वर्ष का कारावास और 15-15 हजार के जुर्माने की सजा सुनाई है।
खतौली कोतवाली क्षेत्र के गांव फहीमपुर खुर्द निवासी ब्रजपाल पुत्र बल सिंह ने तीन जून 2014 को मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि उसकी पुत्री रेणू व नेेहा अपने भाई के घर जा रही थी। रास्ते में राधेश्याम उर्फ राधे पुत्र पूरन और आदेश पुत्र इंद्रपाल मिले। पूर्व में हुए विवाद को लेकर दोनों को गाली-गलौज व मारपीट करने लगे। शोर सुनकर वादी व उसका पुत्र हरदेश भी आ गए। इन के साथ भी मारपीट की गई। इसके बाद वादी ब्रजपाल ने फिर तहरीर दी कि झगड़े में लगी चोटों से उसके पुत्र हरदेश की मौत हो गई। इसके बाद यह मुकदमा गैर इरादतन हत्या की धारा में बदल गया। इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश दिनेश चंद्र सिंह की अदालत संख्या एक में हुई। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता जितेंद्र कुमार त्यागी व प्रशांत बालियान ने कोर्ट में दस गवाह और साक्ष्य पेश किए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए दोनों अभियुक्तों राधे व आदेश को दोषी करार देते हुए धारा 304/34 के तहत दस वर्ष का कारावास व दस हजार रूपया जुर्माना , धारा 325 के तहत सात वर्ष का कारावास व पांच हजार रुपया जुर्माना व धारा 323/34 के तहत एक वर्ष का कारावास की सजा सुनाई है।
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मुजफ्फरनगर। अदालत ने युवक की गैरइरादतन हत्या करने वाले दो अभियुक्तों को दस-दस वर्ष का कारावास और 15-15 हजार के जुर्माने की सजा सुनाई है।
खतौली कोतवाली क्षेत्र के गांव फहीमपुर खुर्द निवासी ब्रजपाल पुत्र बल सिंह ने तीन जून 2014 को मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि उसकी पुत्री रेणू व नेेहा अपने भाई के घर जा रही थी। रास्ते में राधेश्याम उर्फ राधे पुत्र पूरन और आदेश पुत्र इंद्रपाल मिले। पूर्व में हुए विवाद को लेकर दोनों को गाली-गलौज व मारपीट करने लगे। शोर सुनकर वादी व उसका पुत्र हरदेश भी आ गए। इन के साथ भी मारपीट की गई। इसके बाद वादी ब्रजपाल ने फिर तहरीर दी कि झगड़े में लगी चोटों से उसके पुत्र हरदेश की मौत हो गई। इसके बाद यह मुकदमा गैर इरादतन हत्या की धारा में बदल गया। इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश दिनेश चंद्र सिंह की अदालत संख्या एक में हुई। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता जितेंद्र कुमार त्यागी व प्रशांत बालियान ने कोर्ट में दस गवाह और साक्ष्य पेश किए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए दोनों अभियुक्तों राधे व आदेश को दोषी करार देते हुए धारा 304/34 के तहत दस वर्ष का कारावास व दस हजार रूपया जुर्माना , धारा 325 के तहत सात वर्ष का कारावास व पांच हजार रुपया जुर्माना व धारा 323/34 के तहत एक वर्ष का कारावास की सजा सुनाई है।