{"_id":"5bf99e8bbdec22413d18ef30","slug":"171543085707-muzaffarnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पूर्व एसडीएम, तहसीलदार व कानूनगो समेत 13 के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
पूर्व एसडीएम, तहसीलदार व कानूनगो समेत 13 के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
Updated Sun, 25 Nov 2018 12:25 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पूर्व एसडीएम सहित 13 के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
मुजफ्फरनगर। नई दिल्ली के सैनिक विहार कॉलोनी निवासी गुरमीत सिंह ने पूर्व एसडीएम, तहसीलदार, कानूनगो जानसठ और लेखपालों समेत 13 लोगों के खिलाफ साजिश के तहत अपनी 16 एकड़ कृषि भूमि पर खड़ी फसल को ट्रैक्टर चलाकर खुर्द-बुर्द करने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई है। हाईकोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज करते हुए रामराज थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
रामराज थाना क्षेत्र के गांव सैफपुर फिरोजपुर और हाल निवासी सैनिक विहार नई दिल्ली के गुरमीत सिंह ग्रेवाल ने रामराज थाने में हाईकोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि उसकी खादर क्षेत्र में 16 एकड़ जमीन है। उक्त जमीन गुरमीत सिंह के साथ ही उसके भाइयों जगतार सिंह, कुलदीप सिंह व अवतार सिंह के नाम दर्ज है। गुरमीत सिंह के अनुसार उनका जमीन संबंधी एक मुकदमा एडिशनल कमिश्नर सहारनपुर के यहां विचाराधीन था, जिसमें जानसठ तहसील के लेखपाल जयभगवान ने तत्कालीन एसडीएम ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी से साठगांठ कर उसमें निर्धारित 15 नवंबर 2017 से पहले ही 25 अगस्त 2017 को आदेश करा लिए। इसके खिलाफ उन्होंने हाईकोर्ट में रिट दायर कर दी थी। गुरमीत सिंह का आरोप है कि 19 सितंबर 2017 को तत्कालीन एसडीएम जानसठ ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी, तहसीलदार मनोज कुमार, कानूनगो सियानंद, लेखपाल जयभगवान, विजय व एनुल हसन ने साजिश के तहत क्षेत्र के गांव जलालपुर नीला के प्रधानपति मदनपाल, रहड़वा निवासी उपकार, जलालपुर नीला के पूर्व प्रधान बाबू व प्रमोद और गांव खेड़ा मुजाहिदपुर निवासी दीपक, कलीराम व नत्थवा के साथ मिलकर उसकी 16 एकड़ कृषि भूमि पर खड़ी लाखों कीमत की फसल को ट्रैक्टर चलाकर खुर्द-बुर्द कर दिया। पीड़ित का कहना है कि जब उसे इसकी जानकारी मिली तो वह भाकियू नेताओं के साथ मौके पर पहुंचा और एसडीएम से इस बाबत जानकारी लेने का प्रयास किया तो सभी लोग वहां से भाग निकले। आरोप है कि तहरीर दिए जाने के बावजूद पुलिस ने उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की, जिस पर उसे हाईकोर्ट की शरण लेनी पड़ी। हाईकोर्ट ने चार नवंबर को मामले में रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए, जिस पर 22 नवंबर को थाना पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी। इस मामले में थाना प्रभारी राजेंद्र गिरि ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर। नई दिल्ली के सैनिक विहार कॉलोनी निवासी गुरमीत सिंह ने पूर्व एसडीएम, तहसीलदार, कानूनगो जानसठ और लेखपालों समेत 13 लोगों के खिलाफ साजिश के तहत अपनी 16 एकड़ कृषि भूमि पर खड़ी फसल को ट्रैक्टर चलाकर खुर्द-बुर्द करने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई है। हाईकोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज करते हुए रामराज थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
रामराज थाना क्षेत्र के गांव सैफपुर फिरोजपुर और हाल निवासी सैनिक विहार नई दिल्ली के गुरमीत सिंह ग्रेवाल ने रामराज थाने में हाईकोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि उसकी खादर क्षेत्र में 16 एकड़ जमीन है। उक्त जमीन गुरमीत सिंह के साथ ही उसके भाइयों जगतार सिंह, कुलदीप सिंह व अवतार सिंह के नाम दर्ज है। गुरमीत सिंह के अनुसार उनका जमीन संबंधी एक मुकदमा एडिशनल कमिश्नर सहारनपुर के यहां विचाराधीन था, जिसमें जानसठ तहसील के लेखपाल जयभगवान ने तत्कालीन एसडीएम ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी से साठगांठ कर उसमें निर्धारित 15 नवंबर 2017 से पहले ही 25 अगस्त 2017 को आदेश करा लिए। इसके खिलाफ उन्होंने हाईकोर्ट में रिट दायर कर दी थी। गुरमीत सिंह का आरोप है कि 19 सितंबर 2017 को तत्कालीन एसडीएम जानसठ ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी, तहसीलदार मनोज कुमार, कानूनगो सियानंद, लेखपाल जयभगवान, विजय व एनुल हसन ने साजिश के तहत क्षेत्र के गांव जलालपुर नीला के प्रधानपति मदनपाल, रहड़वा निवासी उपकार, जलालपुर नीला के पूर्व प्रधान बाबू व प्रमोद और गांव खेड़ा मुजाहिदपुर निवासी दीपक, कलीराम व नत्थवा के साथ मिलकर उसकी 16 एकड़ कृषि भूमि पर खड़ी लाखों कीमत की फसल को ट्रैक्टर चलाकर खुर्द-बुर्द कर दिया। पीड़ित का कहना है कि जब उसे इसकी जानकारी मिली तो वह भाकियू नेताओं के साथ मौके पर पहुंचा और एसडीएम से इस बाबत जानकारी लेने का प्रयास किया तो सभी लोग वहां से भाग निकले। आरोप है कि तहरीर दिए जाने के बावजूद पुलिस ने उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की, जिस पर उसे हाईकोर्ट की शरण लेनी पड़ी। हाईकोर्ट ने चार नवंबर को मामले में रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए, जिस पर 22 नवंबर को थाना पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी। इस मामले में थाना प्रभारी राजेंद्र गिरि ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
विज्ञापन