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किशोर की कस्टडी को लेकर भाई-बहन में तकरार
Updated Fri, 29 Jun 2018 12:28 AM IST
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किशोर की कस्टडी को लेकर भाई-बहन में तकरार
मुजफ्फरनगर। कलक्ट्रेट परिसर स्थित डीएम ऑफिस पर बृहस्पतिवार को 11 साल के किशोर की कस्टडी को लेकर उसके पिता व बुआ आपस में ही भिड़ गए। बाद में डीएम के आदेश पर किशोर को उसके पिता की सुपुर्दगी में सौंप दिया गया।
शहर के एक मोहल्ला निवासी युवक ने डीएम ऑफिस में कुछ दिन पूर्व शिकायती पत्र देकर बताया कि उसकी पत्नी की पूर्व में मृत्यु हो गई है। पत्नी की मौत के समय उसके एकमात्र बेटे की उम्र काफी कम होने के चलते परिजनों की सहमति से बच्चे के होश संभालने तक के लिए उसकी बुआ के यहां दिल्ली में रखने के आदेश दिए थे। अब उक्त बच्चा करीब 11 साल का है, जिसे अपनी कस्टडी में लेने के लिए कुछ दिन पूर्व युवक ने डीएम के दरबार में अर्जी लगाई थी। इसके लिए बृहस्पतिवार का दिन निर्धारित किया गया था। इसके चलते आज बच्चे को उसकी बुआ लेकर नई दिल्ली से यहां आ गई थी। यहां सुनवाई के दौरान डीएम ने बच्चे की कस्टडी उसके पिता को दिए जाने के आदेश दिए। उक्त आदेश आते ही बच्चे की बुआ ने उसे नहीं देने को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। इसी दौरान उसकी बच्चे के पिता से भी तीखी नोकझोंक हो गई। हंगामा होता देख डीएम राजीव शर्मा खुद अपने केबन से निकल आए और दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर शांत किया। इसके चलते बाद में बच्चे को उसके पिता की सुपुर्दगी में दे दिया गया, जिसके बाद उसकी बुआ अपना सा मुंह लेकर दिल्ली लौट गई।
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मुजफ्फरनगर। कलक्ट्रेट परिसर स्थित डीएम ऑफिस पर बृहस्पतिवार को 11 साल के किशोर की कस्टडी को लेकर उसके पिता व बुआ आपस में ही भिड़ गए। बाद में डीएम के आदेश पर किशोर को उसके पिता की सुपुर्दगी में सौंप दिया गया।
शहर के एक मोहल्ला निवासी युवक ने डीएम ऑफिस में कुछ दिन पूर्व शिकायती पत्र देकर बताया कि उसकी पत्नी की पूर्व में मृत्यु हो गई है। पत्नी की मौत के समय उसके एकमात्र बेटे की उम्र काफी कम होने के चलते परिजनों की सहमति से बच्चे के होश संभालने तक के लिए उसकी बुआ के यहां दिल्ली में रखने के आदेश दिए थे। अब उक्त बच्चा करीब 11 साल का है, जिसे अपनी कस्टडी में लेने के लिए कुछ दिन पूर्व युवक ने डीएम के दरबार में अर्जी लगाई थी। इसके लिए बृहस्पतिवार का दिन निर्धारित किया गया था। इसके चलते आज बच्चे को उसकी बुआ लेकर नई दिल्ली से यहां आ गई थी। यहां सुनवाई के दौरान डीएम ने बच्चे की कस्टडी उसके पिता को दिए जाने के आदेश दिए। उक्त आदेश आते ही बच्चे की बुआ ने उसे नहीं देने को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। इसी दौरान उसकी बच्चे के पिता से भी तीखी नोकझोंक हो गई। हंगामा होता देख डीएम राजीव शर्मा खुद अपने केबन से निकल आए और दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर शांत किया। इसके चलते बाद में बच्चे को उसके पिता की सुपुर्दगी में दे दिया गया, जिसके बाद उसकी बुआ अपना सा मुंह लेकर दिल्ली लौट गई।
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