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मकं के कातिल बेटे को उम्र कैद की सजा
Updated Thu, 31 Aug 2017 12:52 AM IST
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हत्यारे बेटे को आजीवन कारावास
मुजफ्फरनगर। अदालत ने सरोज हत्याकांड में हत्यारे बेटे को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने हत्यारे पर 23 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। एक महिला से अनैतिक संबंध का विरोध करने पर लवकुश ने छह साल पहले मां सरोज की गोली मारकर हत्या कर दी थी। वह तभी से जेल में बंद है।
भोपा के गांव रहमतपुर में यह वारदात हुई थी। घटना के संबंध में 19 नवंबर 2011 को थाने पर रहमतपुर के सोनू पुत्र भागमल ने अपने भाई के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि उसका भाई लवकुश गांव की एक महिला के साथ अनैतिक संबंध रखता है, जिसका उसकी मां सरोज विरोध करती थी। इसी बात से नाराज होकर लवकुश ने महिला साथी के साथ मिलकर 19 नवंबर 2011 को घर में मां सरोज की गोली मारकर हत्या कर दी। इस मुकदमे की सुनवाई एडीजे (द्वितीय) गौरव श्रीवास्तव की कोर्ट में हुई। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता इनाम इलाही त्यागी ने कोर्ट में आठ गवाह और सबूत पेश किए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए अभियुक्त लवकुश को अपनी मां की हत्या करने का दोषी करार देते हुए धारा 302 में आजीवन कारावास एवं 20 हजार रुपये जुर्माना, शस्त्र अधिनियम की धारा 25 ए में दो वर्ष के कारावास एवं तीन हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। सह आरोपी मीना को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया है।
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मुजफ्फरनगर। अदालत ने सरोज हत्याकांड में हत्यारे बेटे को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने हत्यारे पर 23 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। एक महिला से अनैतिक संबंध का विरोध करने पर लवकुश ने छह साल पहले मां सरोज की गोली मारकर हत्या कर दी थी। वह तभी से जेल में बंद है।
भोपा के गांव रहमतपुर में यह वारदात हुई थी। घटना के संबंध में 19 नवंबर 2011 को थाने पर रहमतपुर के सोनू पुत्र भागमल ने अपने भाई के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि उसका भाई लवकुश गांव की एक महिला के साथ अनैतिक संबंध रखता है, जिसका उसकी मां सरोज विरोध करती थी। इसी बात से नाराज होकर लवकुश ने महिला साथी के साथ मिलकर 19 नवंबर 2011 को घर में मां सरोज की गोली मारकर हत्या कर दी। इस मुकदमे की सुनवाई एडीजे (द्वितीय) गौरव श्रीवास्तव की कोर्ट में हुई। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता इनाम इलाही त्यागी ने कोर्ट में आठ गवाह और सबूत पेश किए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए अभियुक्त लवकुश को अपनी मां की हत्या करने का दोषी करार देते हुए धारा 302 में आजीवन कारावास एवं 20 हजार रुपये जुर्माना, शस्त्र अधिनियम की धारा 25 ए में दो वर्ष के कारावास एवं तीन हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। सह आरोपी मीना को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया है।
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