{"_id":"5ba7dbda867a557f025678c1","slug":"131537727450-muzaffarnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"रजत हत्याकांड में बैकफुट पर खाकी","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
रजत हत्याकांड में बैकफुट पर खाकी
Updated Mon, 24 Sep 2018 12:00 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रजत हत्याकांड में बैकफुट पर खाकी
मुजफ्फरनगर। मांडला के दलित छात्र रजत की हत्या के खुलासे को लेकर पुलिस बैकफुट पर है। हरसंभव प्रयास और हर तरह की लाइन पर काम करने के बावजूद पुलिस हर बार घूमकर शून्य पर आ जाती है, जिसके चलते फिलहाल उसकी हत्या की गुत्थी सुलझने की संभावनाएं बनती नजर नहीं आ रही हैं।
पुरकाजी थाना क्षेत्र के गांव मांडला निवासी दलित छात्र रजत बरला के कॉलेज में पढ़ता था। नौ सितंबर को कॉलेज से पैदल घर लौटते समय बरला-मांडला के बीच स्थित रजवाहे की पुलिया के निकट रजत की दिनदहाड़े सीने में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बेटे की इस तरह हत्या से उसके मजदूर माता-पिता टूटकर बिखर गए थे, जिन्होंने अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। रजत हत्याकांड को करीब एक पखवाड़ा बीतने के बावजूद अब तक थाना पुलिस व क्राइम ब्रांच की टीम हत्यारोपियों के गिरेबां तक नहीं पहुंच सकी है। सूत्रों के अनुसार थाना पुलिस व क्राइम ब्रांच अब तक लगभग हर एंगल पर काम कर चुकी है, लेकिन जांच की सुई घूमकर फिर से शून्य पर आ टिकती है। इस दौरान पुलिस प्रेम-प्रसंग, टशनबाजी, गांव में रजत की हेकड़ी आदि कई बिंदुओं को आधार बनाकर जांच कर चुकी है, लेकिन नतीजा सिफर ही रहा है। इसके चलते रजत हत्याकांड के पीछे की सच्चाई उजागर कर उसके हत्यारोपियों को दबोचने की खाकी की मंशा फिलहाल फेल होती ही नजर आ रही है। हालांकि एसएसपी सुधीर कुमार सिंह का कहना है कि हत्या को लेकर अलग-अलग बिंदुओं पर हुई जांच में कुछ भी सकारात्मक नहीं निकला है, जिसके चलते फिलहाल हत्या की गुत्थी अनसुलझी ही है। हालांकि कई अन्य बिंदुओं पर काम शुरू किया गया है, जिसके चलते हत्यारोपी बहुत जल्द पुलिस की गिरफ्त में होंगे।
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर। मांडला के दलित छात्र रजत की हत्या के खुलासे को लेकर पुलिस बैकफुट पर है। हरसंभव प्रयास और हर तरह की लाइन पर काम करने के बावजूद पुलिस हर बार घूमकर शून्य पर आ जाती है, जिसके चलते फिलहाल उसकी हत्या की गुत्थी सुलझने की संभावनाएं बनती नजर नहीं आ रही हैं।
पुरकाजी थाना क्षेत्र के गांव मांडला निवासी दलित छात्र रजत बरला के कॉलेज में पढ़ता था। नौ सितंबर को कॉलेज से पैदल घर लौटते समय बरला-मांडला के बीच स्थित रजवाहे की पुलिया के निकट रजत की दिनदहाड़े सीने में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बेटे की इस तरह हत्या से उसके मजदूर माता-पिता टूटकर बिखर गए थे, जिन्होंने अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। रजत हत्याकांड को करीब एक पखवाड़ा बीतने के बावजूद अब तक थाना पुलिस व क्राइम ब्रांच की टीम हत्यारोपियों के गिरेबां तक नहीं पहुंच सकी है। सूत्रों के अनुसार थाना पुलिस व क्राइम ब्रांच अब तक लगभग हर एंगल पर काम कर चुकी है, लेकिन जांच की सुई घूमकर फिर से शून्य पर आ टिकती है। इस दौरान पुलिस प्रेम-प्रसंग, टशनबाजी, गांव में रजत की हेकड़ी आदि कई बिंदुओं को आधार बनाकर जांच कर चुकी है, लेकिन नतीजा सिफर ही रहा है। इसके चलते रजत हत्याकांड के पीछे की सच्चाई उजागर कर उसके हत्यारोपियों को दबोचने की खाकी की मंशा फिलहाल फेल होती ही नजर आ रही है। हालांकि एसएसपी सुधीर कुमार सिंह का कहना है कि हत्या को लेकर अलग-अलग बिंदुओं पर हुई जांच में कुछ भी सकारात्मक नहीं निकला है, जिसके चलते फिलहाल हत्या की गुत्थी अनसुलझी ही है। हालांकि कई अन्य बिंदुओं पर काम शुरू किया गया है, जिसके चलते हत्यारोपी बहुत जल्द पुलिस की गिरफ्त में होंगे।
विज्ञापन