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जापान में नौकरी लगवाने के नाम पर लाखों की ठगी
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जापान में नौकरी लगवाने के नाम पर लाखों की ठगी
मुजफ्फरनगर। मोहल्ला खालापार निवासी शातिरों ने तीन युवकों को जापान में नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनसे लाखों की ठगी कर ली। बाद में तीनों को विदेश भेज दिया, लेकिन नौकरी नहीं लगी। करीब सात माह तक विदेश में फंसे रहने के बाद पीड़ित किसी तरह स्वदेश लौटे, जिसके बाद आरोपियों के खिलाफ तहरीर दी गई।
सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के गांव सरवट निवासी गुलशेर ने तहरीर देकर बताया कि मोहल्ला खालापार निवासी रिजवान ने अपने साले डॉ इकरार के साथ मिलकर उसके भतीजे मोनीश निवासी निराना व उसके दोस्तों पठानकोट निवासी सुरेश व अजमेर निवासी अर्जुन को जापान में नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया था। आरोपियों पर विश्वास कर तीनों युवकों ने उन्हें जून-2018 में 21 लाख रुपये की धनराशि दे दी, जिसके बाद आरोपियों ने उन्हें अरमेनिया नामक देश में भेज दिया, जहां से उन्हें जापान भेजने की बात कही गई। तीनों युवक अरमेनिया पहुंचे तो वहां उनसे एक-एक लाख रुपये के डॉलर भी ले लिए गए, लेकिन न तो नौकरी लगी और न ही उन्हें जापान भेजा गया। करीब सात माह तक अरमेनिया में ही फंसे रहने के बाद पीड़ित 12 मार्च को स्वदेश लौटे। इसके बाद 15 मार्च को पीड़ित युवक आरोपियों के घर पहुंचे, जहां रिजवान की पत्नी राशिदा ने उन्हें रुपये भूल जाने अन्यथा अपने साथ दुष्कर्म के फर्जी मामले में फंसाकर जेल भिजवाने की धमकी दी। पीड़ित ने एसएसपी सुधीर कुमार सिंह से मिलकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गुहार लगाई, जिस पर एसएसपी ने जांच के बाद कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
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मुजफ्फरनगर। मोहल्ला खालापार निवासी शातिरों ने तीन युवकों को जापान में नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनसे लाखों की ठगी कर ली। बाद में तीनों को विदेश भेज दिया, लेकिन नौकरी नहीं लगी। करीब सात माह तक विदेश में फंसे रहने के बाद पीड़ित किसी तरह स्वदेश लौटे, जिसके बाद आरोपियों के खिलाफ तहरीर दी गई।
सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के गांव सरवट निवासी गुलशेर ने तहरीर देकर बताया कि मोहल्ला खालापार निवासी रिजवान ने अपने साले डॉ इकरार के साथ मिलकर उसके भतीजे मोनीश निवासी निराना व उसके दोस्तों पठानकोट निवासी सुरेश व अजमेर निवासी अर्जुन को जापान में नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया था। आरोपियों पर विश्वास कर तीनों युवकों ने उन्हें जून-2018 में 21 लाख रुपये की धनराशि दे दी, जिसके बाद आरोपियों ने उन्हें अरमेनिया नामक देश में भेज दिया, जहां से उन्हें जापान भेजने की बात कही गई। तीनों युवक अरमेनिया पहुंचे तो वहां उनसे एक-एक लाख रुपये के डॉलर भी ले लिए गए, लेकिन न तो नौकरी लगी और न ही उन्हें जापान भेजा गया। करीब सात माह तक अरमेनिया में ही फंसे रहने के बाद पीड़ित 12 मार्च को स्वदेश लौटे। इसके बाद 15 मार्च को पीड़ित युवक आरोपियों के घर पहुंचे, जहां रिजवान की पत्नी राशिदा ने उन्हें रुपये भूल जाने अन्यथा अपने साथ दुष्कर्म के फर्जी मामले में फंसाकर जेल भिजवाने की धमकी दी। पीड़ित ने एसएसपी सुधीर कुमार सिंह से मिलकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गुहार लगाई, जिस पर एसएसपी ने जांच के बाद कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
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