{"_id":"5afc83084f1c1bde408b5d1e","slug":"111526498056-muzaffarnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ंड़ीगढ़ से बरामद हुई किशोरी, आरोपी गिरफ्तार","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
ंड़ीगढ़ से बरामद हुई किशोरी, आरोपी गिरफ्तार
Updated Thu, 17 May 2018 12:44 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चरथावल। चार महीने पूर्व प्रेमी संग फरार हुई किशोरी को पुलिस ने चंडीगढ़ से बरामद कर लिया। आरोपी को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
हिंडन चौकी क्षेत्र के गांव से गत 21 जनवरी को एक नाबालिग लड़की लापता हो गई थी। वादी पिता ने आरोपी ककरौली निवासी युवक के खिलाफ किशोरी को बहका फुसलाकर अगवा करने का मुकदमा दर्ज कराया था। युगल ने आर्य समाज में शादी करने के बाद हाईकोर्ट में अर्जी लगाकर थाने में दर्ज मुकदमा खारिज करने की गुहार लगाई। एसएचओ ने बताया कि अपह्ता किशोरी ने बालिग होने के तथ्य दाखिल कर कोर्ट के समक्ष परिवार से जान का खतरा बताते हुए याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने मामले में तथ्यों का अवलोकन करते हुए आरोपी की गिरफ्तारी स्थगित करते हुए दोनों को स्वतंत्र जीवन बिताने के आदेश दिए थे। मगर अपह्ता के परिजनों को मुकदमे में स्टे में दर्शाए गए गलत तथ्यों की जानकारी मिली, तो उन्होंने हाईकोर्ट में पैरवी की। वहां लड़की के नाबालिग होने के संबंध में दाखिल करने के बाद स्टे खारिज करा दिया था। उसके बाद पुलिस नामजद सचिन को गिरफ्तार और अपह्ता किशोरी को बरामद करने के प्रयास में जुटी थी। सर्विलांस की मदद से पुलिस ने बुधवार को चंडीगढ़ से सचिन के कब्जे से किशोरी को बरामद कर लिया। एसओ ने बताया कि आरोपी को जेल भेजा जाएगा। पीड़िता किशोरी का मेडिकल कराने के बाद कोर्ट में बयान कराएं जाएंगे।
विज्ञापन
हिंडन चौकी क्षेत्र के गांव से गत 21 जनवरी को एक नाबालिग लड़की लापता हो गई थी। वादी पिता ने आरोपी ककरौली निवासी युवक के खिलाफ किशोरी को बहका फुसलाकर अगवा करने का मुकदमा दर्ज कराया था। युगल ने आर्य समाज में शादी करने के बाद हाईकोर्ट में अर्जी लगाकर थाने में दर्ज मुकदमा खारिज करने की गुहार लगाई। एसएचओ ने बताया कि अपह्ता किशोरी ने बालिग होने के तथ्य दाखिल कर कोर्ट के समक्ष परिवार से जान का खतरा बताते हुए याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने मामले में तथ्यों का अवलोकन करते हुए आरोपी की गिरफ्तारी स्थगित करते हुए दोनों को स्वतंत्र जीवन बिताने के आदेश दिए थे। मगर अपह्ता के परिजनों को मुकदमे में स्टे में दर्शाए गए गलत तथ्यों की जानकारी मिली, तो उन्होंने हाईकोर्ट में पैरवी की। वहां लड़की के नाबालिग होने के संबंध में दाखिल करने के बाद स्टे खारिज करा दिया था। उसके बाद पुलिस नामजद सचिन को गिरफ्तार और अपह्ता किशोरी को बरामद करने के प्रयास में जुटी थी। सर्विलांस की मदद से पुलिस ने बुधवार को चंडीगढ़ से सचिन के कब्जे से किशोरी को बरामद कर लिया। एसओ ने बताया कि आरोपी को जेल भेजा जाएगा। पीड़िता किशोरी का मेडिकल कराने के बाद कोर्ट में बयान कराएं जाएंगे।