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Muzaffarnagar News: रियल जिंदगी में रील के ख्वाब बिखरते ही उठा लिया चाकू
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कोमल, आरोपी
भोपा। मोरना के किसान रामप्रसाद की हत्या के मामले में रील और रियल जिंदगी के बीच के अंतर की जद्दोजहद भी शामिल है। पुराने ख्यालात के पिता की सख्ती और नए दौर की बेटियों के सपनों के बीच टकराव से खूनी इबारत लिखी गई। दोनों बहनें पिता से छिपकर एक मोबाइल चलाती थीं। रील में सुनहरे ख्वाब और बेटियों की आजादी दिखती थी, जबकि रियल में सख्त पिता और किसान परिवार की लाचारियां थीं।
पुलिस जांच में सामने आया कि किसान रामप्रसाद और उनका बेटा अमित परिवार की महिलाओं के प्रति सख्त मिजाज थे। वारदात से तीन दिन पहले ही अमित ने अपनी छोटी बहन की पिटाई कर दी थी। दोनों बहनें पिता से पहले ही नाराज थी, ऊपर से भाई की सख्ती ने और अधिक तनाव बढ़ा दिया। असल में पुराने ख्यालात के पिता राम प्रसाद बेटियों के कपड़ों को लेकर भी सख्त मिजाज बताए गए हैं।
यही नहीं मोहल्ले, रिश्तेदार या परिवार में भी बेटियों को भेजने से परहेज करते थे। तीन बड़ी बेटियों का समय गुजरा। बाल अपचारी कक्षा 11 की छात्रा के साथ भी रोजाना इसी तरह का व्यवहार किया जाने लगा। यहीं से नफरत बढ़नी शुरू हुई। मोबाइल की रील में बेटियों के सुनहरे ख्वाब देखने वाली दोनों बहनों ने अपनी रियल जिंदगी में परेशानियां देखी। इसके बाद उन्होंने पिता की हत्या कर डाली। संवाद
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पुलिस जांच में सामने आया कि किसान रामप्रसाद और उनका बेटा अमित परिवार की महिलाओं के प्रति सख्त मिजाज थे। वारदात से तीन दिन पहले ही अमित ने अपनी छोटी बहन की पिटाई कर दी थी। दोनों बहनें पिता से पहले ही नाराज थी, ऊपर से भाई की सख्ती ने और अधिक तनाव बढ़ा दिया। असल में पुराने ख्यालात के पिता राम प्रसाद बेटियों के कपड़ों को लेकर भी सख्त मिजाज बताए गए हैं।
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यही नहीं मोहल्ले, रिश्तेदार या परिवार में भी बेटियों को भेजने से परहेज करते थे। तीन बड़ी बेटियों का समय गुजरा। बाल अपचारी कक्षा 11 की छात्रा के साथ भी रोजाना इसी तरह का व्यवहार किया जाने लगा। यहीं से नफरत बढ़नी शुरू हुई। मोबाइल की रील में बेटियों के सुनहरे ख्वाब देखने वाली दोनों बहनों ने अपनी रियल जिंदगी में परेशानियां देखी। इसके बाद उन्होंने पिता की हत्या कर डाली। संवाद
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