फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   AQI levels have risen; mist towers are operating intermittently.

Muzaffarnagar News: एक्यूआई का ग्राफ बढ़ा, रुक-रुककर चल रहे मिस्ट टॉवर

Tue, 27 Oct 2026 01:42 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 27 Oct 2026 01:42 AM IST
विज्ञापन
AQI levels have risen; mist towers are operating intermittently.
मुजफ्फरनगर। एनसीआर क्षेत्र में बढ़ते वायु प्रदूषण के मद्देनजर ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) का स्टेज-1 लागू किया गया है। पाबंदियां लागू होने के बाद दो दिन हवा की सेहत काफी खराब रही। लेकिन रविवार को नीचे जाने के बाद सोमवार को एक्यूआई का ग्राफ फिर बढ़ गया। जबकि वायु प्रदूषण पर काबू पाने के लिए एक करोड़ रुपये खर्च कर शहर में तीन स्थानों पर लगाए गए मिस्ट टॉवर का संचालन रुक-रुककर किया जाता रहा।
विज्ञापन

रविवार को वायु प्रदूषण में काफी गिरावट दर्ज की गई थी। एक्यूआई 105 रिकॉर्ड किया गया था। लेकिन सोमवार को एक्यूआई 134 पर पहुंच गया। ठंड के दिनों में वायु प्रदूषण बढ़ने की आशंका के मद्देनजर क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण विभाग और नगर पालिका सहित अलग-अलग 19 विभागों को स्टेज-1 की पाबंदियां लागू कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
विज्ञापन

बावजूद वायु प्रदूषण पर काबू पाने के लिए पालिका की ओर से शहर के कंपनी बाग, जिला अस्पताल के समीप और गांधी कॉलोनी में लगाए गए मिस्ट टॉवर चलाने में कोताही बरती जा रही है। पालिका जलकल विभाग के सहायक अभियंता अनुज कुमार का कहना है कि मिस्ट टॉवर का संचालन एक्यूआई के आधार पर ऑटोमेटिक होता है। जब वायु प्रदूषण कम होता है तो ये स्वयं बंद हो जाते हैं। एक्यूआई बढ़ने के साथ ही इनका संचालन शुरू हो जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


नहीं हो पाई एक्यूआई डिस्प्ले बोर्ड की मरम्मत
शहर में एक्यूआई स्तर की जानकारी लोगों को कराने के लिए प्रदूषण नियंत्रण विभाग की ओर से महावीर चौक पर एक्यूआई डिस्प्ले बोर्ड लगवाया गया था। लेकिन शुरुआत में ही डिस्प्ले बोर्ड खराब हो गया। जिसके बाद इसकी मरम्मत नहीं कराई गई। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी डॉ.गीतेश चंद्र का कहना है कि इसकी मरम्मत कराई जाएगी।

52 उद्योगों को जारी किए गए कारण बताओ नोटिस
जनपद में रेड कैटेगरी के अंतर्गत आ रहे 148 उद्योगों में प्रदूषण की निगरानी की जा रही है। प्रदूषण नियंत्रण विभाग ने 52 ऐसे उद्योगों को कारण बताओ नोटिस जारी किए जिनके उद्यमों से ऑनलाइन सतत उत्सर्जन प्रणाली यानी ओसीईएमएस से 85 प्रतिशत डाटा केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण विभाग को नहीं पहुंच पाया। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी डॉ. गीतेश चंद्र ने बताया कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आदेश पर क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी उद्योगों में वायु प्रदूषण की स्थिति और किए जा रहे शमन उपायों का आकलन कर रहे हैं।


वायु प्रदूषण नियंत्रण उपकरण लगाने पर मिलेगी सब्सिडी
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से एमएसएमई के दायरे में आने वाले उद्योगों में वायु प्रदूषण नियंत्रण उपकरण लगाने पर सब्सिडी दिए जाने की घोषणा की गई थी। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी डॉ. गीतेश चंद्र ने बताया कि योजना का लाभ केवल उन उद्योगों को ही दिया जाएगा जिनकी ओर से फरवरी से लेकर 14 नवंबर 2026 तक पंजीकरण करा दिया जाएगा। बताया कि योजना के तहत एमएसएमई की ओर से पंजीकरण कराया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed