फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   Court has sentenced two gangsters to ten years rigorous imprisonment and fine of 25-25 thousand in Muzaffarnagar

मुजफ्फरनगर: अदालत ने दो गैंगेस्टर को दस-दस साल का सश्रम कारावास और 25-25 हजार के जुर्माने की सजा सुनाई

Thu, 07 Oct 2021 07:25 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर Published by: कपिल kapil Updated Thu, 07 Oct 2021 07:25 PM IST
सार

अदालत ने दो गैंगस्टर को 10-10 साल के सश्रम कारावास और 25-25 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने गुलफाम व आबिद को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है।

विज्ञापन
Court has sentenced two gangsters to ten years rigorous imprisonment and fine of 25-25 thousand in Muzaffarnagar
प्रतीकात्मक तस्वीर

विस्तार

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद में गैंगस्टर कोर्ट ने दो गैंस्टर को दस-दस वर्ष का सश्रम कारावास व 25-25 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। रतनपुरी के थानाध्यक्ष रहे जिल्ले हसनैन जाफरी ने दो मई 1997 को गुलफाम व आबिद निवासी नंगला के खिलाफ गैंगेस्टर की कार्रवाई की थी। 

विज्ञापन


इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राधेश्याम यादव की गैंगेस्टर कोर्ट में हुई। विशेष लोक अभियोजक राजेश शर्मा व दिनेश पुंडीर ने छह गवाह पेश किए। अदालत ने गुलफाम व आबिद को दोषी करार देते हुए दस-दस वर्ष का सश्रम कारावास व 25-25 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें: तस्वीरें: होटल में छापा, कमरों से पकड़े गए 26 युवक-युवतियां, पड़ोसी महिला को लेकर पहुंचा था 56 साल का व्यक्ति
विज्ञापन
विज्ञापन


युवक की हत्या में अभियुक्त दोषी करार
मुजफ्फरनगर में एडीजे-14 की अदालत ने 11 साल पहले दतियाना में हुई युवक की हत्या के मामले में अभियुक्त को दोषी करार दिया है। डीजीसी राजीव शर्मा ने बताया कि दतियाना निवासी संजीव कुमार ने थाना छपार पर 20 जुलाई 2010 को अपने भाई सुभाष की हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि मेरा भाई सुभाष घेर में अकेला रहता था और कबूतर पालने का शौक था। मेरे भाई ने कुछ समय पहले संजय निवासी दतियाना और अमित निवासी पंचेड़ा खुर्द के कबूतर पकड़ लिए थे। इस बात पर दोनो में विवाद था। मेरे भाई ने कबूतर देने से इनकार दिया था। 

यह भी पढ़ें: तस्वीरें: ...जब इतने भावुक हुए जयंत चौधरी, सुबक पड़े सभी लोग, चौधरी बोले- प्रदेश में लगना चाहिए राष्ट्रपति शासन

इसी बात पर वे दोनों रोज धमकी दे रहे थे। घटना की रात जब सुभाष कमरे में सोया तो इन्होंने कमरा खुलवाया और मेरे भाई सुभाष की गोली मार कर हत्या कर दी। इस मुकद्दमे की सुनवाई एडीजे संदीप गुप्ता की अदालत संख्या-14 में हुई। एडीजीसी अमित त्यागी ने आठ गवाह पेश किए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed