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UP: कुकर्म के मुजरिम को आजीवन कारावास, मासूम बच्चे के साथ की थी शर्मनाक हरकत, जुर्माना भी लगाया
Thu, 30 Jun 2022 01:46 AM IST
कपिल kapil
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
Published by: कपिल kapil
Updated Thu, 30 Jun 2022 01:46 AM IST
सार
कोर्ट ने कुकर्म के मामले में मुजरिम को आजीवन कारावास 20 हजार रुपये अर्थदंड की भी सजा सुनाई है।
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अदालत।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
सात वर्षीय बालक से कुकर्म के मामले में एक साल दो माह में ही अपर जिला सत्र न्यायाधीश (विशेष न्यायालय पॉक्सो) मुमताज अली ने मुजरिम को आजीवन कारावास व 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
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जिला शासकीय अधिवक्ता संजय चौहान व विशेष लोक अभियोजक पुष्पेंद्र मलिक ने बताया कि एक अप्रैल 2021 को कस्बे के एक मोहल्ला निवासी सात वर्षीय बालक को वासिल सुनसान जगह ले गया और उससे कुकर्म किया। तीन अप्रैल को बालक की मां की तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने के बाद बालक का मेडिकल कराया था। जिसमें बालक को चोट पाई गई थी। पुलिस ने वासिल को गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश कर दिया था। जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था।
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मुजरिम की जमानत हाईकोर्ट से भी खारिज होने के कारण अभी जेल में बंद है। सुनवाई के दौरान पीड़ित बालक ने कोर्ट में भी मुजरिम को पहचान लिया था। अभियोजन पक्ष ने 21 जून 2022 से आज 29 जून तक नौ दिन के अंदर ही कुल छह गवाहों की गवाही कराई। बुधवार को दोनों पक्षों की दलील सुनने व पत्रावलियों का अवलोकन करने के बाद एक साल दो माह की अल्प अवधि में ही अपर जिला सत्र न्यायाधीश (विशेष न्यायालय पॉक्सो) मुमताज अली ने दोष सिद्ध पाए जाने पर मुजरिम वासिल को आजीवन कठोर कारावास व 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा नहीं करने पर चार माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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छह मुकदमों में न्यायाधीश ने सुनाई 10 मुजरिमों को सजा
केस नंबर-1
-कोर्ट मोहर्रिर सुभाष चौधरी ने बताया कि 22 नवंबर 1989 को बाबरी पुलिस ने उमेश निवासी तितावी जिला मुजफ्फरनगर को तंमचे व कारतूस के साथ गिरफ्तार किया था। मुजरिम ने कोर्ट में अपना जुर्म स्वीकार करते हुए क्षमा याचना की थी। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी सहायक अभियोजन अधिकारी आनंद भास्कर ने की। बुधवार को सिविल जज सीनियर डिविजन/अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विजय कुमार वर्मा ने मुजरिम उमेश को जेल में बिताई अवधि व 3000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा नहीं करने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
केस नंबर-2
फरवरी 1998 को कैराना क्षेत्र से एक ट्रक चोरी किया गया था। ट्रक मालिक ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने जावेद निवासी मुजफ्फरनगर को गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश किया था। जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था। अभियोजन पक्ष की और से पैरवी सहायक अभियोजन अधिकारी अनु तोमर ने की। बुधवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अलका यादव ने मुजरिम जावेद को 15 माह के कारावास व 1500 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।