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आज भी मेरे कानो में गूंजती है बचाओ-बचाओ की आवाज: रघुवंशी

Sun, 28 Nov 2021 12:24 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 28 Nov 2021 12:24 AM IST
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... could not save his life, regret for a lifetime
केपी रधुवंशी, पूर्व एटीएस चीफ। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
... उनकी जिंदगी नहीं बचा पाया उम्र भर रहेगा अफसोस
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मुजफ्फरनगर। सर, किसी तरह से हमें बचाओ...करीब आधा घंटा तक मोबाइल फोन पर गूंजती रही उनकी बचाओ बचाओ की आवाज। ये मेरे परिचित थे, पर मैं उन्हें नहीं बचा पाया, जिंदगी भर इसका अफसोस रहेगा। इनमें कई लोगों के शव तीन दिन बादमेज के नीचे से निकाले थे। आज भी उनकी आवाज और दर्द कानों में गूंजता है।
यह कहना है कि मुंबई में 26/11 हुए आतंकी हमले के प्रत्यक्षदर्शी और ऑपरेशन में शामिल रहे एडीजी रेलवे मुंबई केपी सिंह रघुवंशी का। इस ऑपरेशन में तत्कालीन एटीएस चीफ हेेमंत करकरे शहीद होने के बाद रघुवंशी को ही एटीएस चीफ बनाया गया था। जिले के गांव कुटबी निवासी केपी रघुवंशी 1980 बैच के सेवानिवृत्त अधिकारी है। उन्होंने बताया कि 26 नवंबर की घटना को वह अपने जीवन में कभी नहीं भूल पाएंगे। जिस समय आतंकी हमला हुआ वह एडीजी रेलवे थे। उनके कई परिचित ताज होटल में फंसे थे। लगातार उनके फोन आ रहे थे, कि किसी तरह हमें बचाओ। यह आतंकी हमला नही था, एक जंग जैसी स्थिति थी। आतंकी पूरी तैयारी के साथ समुद्री रास्ते से रात के करीब नौ बजे एंट्री करते हैं। चार स्थानों को चिह्नित कर सीधे हमला करते हैं।
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महाराष्ट्र पुलिस की इस तरह के अटैक को रोकने की कोई तैयारी नहीं थी। इसी कारण नुकसान ज्यादा हुआ। तब की और अब की स्थिति में फर्क है। अब जवानों को ट्रेनिंग दी जा चुकी है। हर तरह से तैयारी है, अब अगर इस तरह की घटना होती है, तो पहले की अपेक्षा कम नुकसान होगा।
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करकरे के कहने पर ही पहनी थी बुलेट प्रूफ जैकेट
केपी रघुवंशी बताते हैं कि किसी गैंगवार की आशंका में वह आफिस से निकले थे। जैसे ही वह हज हाउस के करीब पहुंचे तो वहां कुछ लोग खड़े थे। सामने से फायरिंग हो रही थी। तभी दादर की और से तत्कालीन एटीएस चीफ हेमंत करकरे भी वहां पहुंच गए। वह फोन पर लगातार व्यस्त थे। इससे पहले कुछ बात हो पाती करकरे के कहने पर एक अधिकारी ने उन्हें बुलेट प्रूफ जैकेट लाकर दी, जिसे उन्होंने पहन ली। बताते हैं कि करकरे फोन पर अधिनस्थों को निर्देशित कर रहे थे तो उन्हें भी वीटी स्टेशन पर हमले की जानकारी मिली। एडीजी रेलवे होने के नाते वह तुरंत ही वीटी स्टेशन के लिए चल दिये।

पकड़े जाने पर घबरा गया था कसाब
आतंकी हमले में शहादत के तुरंत बाद ही एडीजी रेलवे केपी रघुवंशी को एटीएस चीफ का अतिरिक्त चार्ज सौंप दिया गया था। उस समय होटल ताज व ओबेराय और वीटी स्टेशन पर आतंकी हमला चल रहा था। रघुवंशी बताते हैं कि उन्होंने तुरंत ही कमान संभाल ली थी। करीब डेढ़ घंटा बाद ही उन्हें शहीद सब इंस्पेक्टर तुकाराम ओंबले के पाकिस्तानी आतंकी अजमल कसाब को दबोचने की जानकारी मिली थी। उन्होंने दबोचे गए आतंकी अजमल कसाब से कड़ी पूछताछ की थी। निर्दोष भारतीयों की हत्या करने वाला कसाब पकड़े जाते ही घबरा गया था।
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