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कोरोना का प्रकोप बढा, पर खौफ घटा

Tue, 01 Sep 2020 12:18 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 01 Sep 2020 12:18 AM IST
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Corona outbreak increased but fear decreased
कोरोना का प्रकोप बढ़ा पर खौफ घटा
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मुजफ्फरनगर। कोरोना संक्रमण का प्रकोप जिले में दिन प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है। बीमारी बढ़ने के साथ ही कुछ लोग कोरोना फोबिया के शिकार होकर अवसाद में जा रहे हैं। हालांकि मनोचिकित्सकों का कहना है कि शुरूआत में लोगों में अधिक खौफ था और अवसाद भी ज्यादा था। अब धीरे-धीरे लोग सामान्य हो रहे हैं। इस बीमारी से बचाव को लेकर सचेत रहने की आवश्यकता जरूरी है।
मनोचिकित्सक डॉ सुजीत कुमार कहते हैं कि शुरूआत में लोग काफी डरे हुए थे और यह उनके अवसाद का कारण भी बन रहा था। हालत यह थी कि अपने घर में बैठे-बैठे ही बार-बार हाथों को सैनिटाइज करने लगे थे। घर के कमरे में ही मास्क लगाकर बैठने लगे थे। घर में कुछ लोगों ने अपने आपको कैद कर लिया था। सरकारी नौकरी करने वाले अवसाद में रहने लगे थे कि उनके कारण उनके बच्चों या पत्नी को ना कोरोना हो जाए। अप्रैल और मई माह में लोग अधिक अवसाद में गए। अब तो धीरे-धीरे हालात सामान्य से होने लगे हैं। अवसाद ग्रस्त मरीज भी कम आ रहे हैं। लोगों को यह लगने लगा है कि उनका उपचार हो जाएगा और वह ठीक हो जाएंगे। जो लोग बीमार हुए हैं और ठीक होकर अपने घर लौटे हैं, उन्हें देखकर डर खत्म हुआ है। डॉ सुजीत कुमार ने बताया कि कोरोना से डर कर लंबे समय से घर में नहीं बैठ सकते। इससे बचने के लिए सावधानी जरूरी है। यह सावधानी आम आदमी से लेकर डाक्टर तक को रखनी होगी।
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जिले के प्रमुख समाजशास्त्री एवं डीएवी कॉलेज के समाजशास्त्र के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ कलम सिंह कहते हैं कि देश में मृत्युदर कम होने से कोरोना को लेकर लोगों के दिल में बैठी दहशत कम हुई है। लोगों को लगने लगा है कि अब तो सात दिन में ठीक हो जाएंगे। 100 मरीजों में से एक की मौत हो रही है, इस कारण डर कम हुआ है। हालांकि यूपी में हाल ही में 25 से 40 वर्ष के युवाओं के अधिक संक्रमित होने के आंकडे़ आने से हालात अच्छे नहीं हैं। अच्छी बात यह है टेस्ट बढे़ हैं। इस बीमारी को अकेले मास्क से 95 प्रतिशत काबू में लाया जा सकता है। मास्क को लेकर गंभीरता बरतनी जरूरी है।
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